बुधवार, 1 जुलाई 2026

नव नालन्दा महाविहार में मगही भाषा पाठ्यक्रम लागू करने की मांग, BWS और नालन्दा परिवार दिल्ली ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन

 

विशेष संवाददाता के. एल. गुप्ता की रिपोर्ट नालन्दा, बिहार: मगही भाषा के संरक्षण, संवर्धन और शैक्षणिक विस्तार को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी (BWS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मगही भाषा आंदोलन के प्रमुख संजय भाई तथा नालन्दा परिवार दिल्ली (NPD) के अध्यक्ष एवं मगही बयार के सम्पादक प्रोफेसर (डॉ.) आनन्द वर्धन जी ने नव नालन्दा महाविहार (डीम्ड विश्वविद्यालय), नालन्दा के कुलपति प्रोफेसर सिद्धार्थ सिंह को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि नव नालन्दा महाविहार जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में मगही भाषा को पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया जाए, ताकि मगध क्षेत्र की प्राचीन एवं समृद्ध भाषा को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।

इस अवसर पर संजय भाई ने कहा कि मगही भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि मगध की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान से जुड़ी हुई है। विश्वविद्यालय स्तर पर इसके अध्ययन की व्यवस्था होने से भाषा के शोध, लेखन और प्रचार-प्रसार को नई दिशा मिलेगी।

प्रोफेसर (डॉ.) आनन्द वर्धन जी ने कहा कि मगही भाषा का साहित्य और लोक संस्कृति अत्यंत समृद्ध है। इसके संरक्षण के लिए शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव नालन्दा महाविहार इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगा।

मगही भाषा आंदोलन से जुड़े लोगों ने इस पहल को भाषा और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि मगही को शिक्षा, शोध और प्रशासनिक स्तर पर बढ़ावा मिलने से क्षेत्रीय भाषाओं को मजबूती मिलेगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान मगही भाषा प्रेमियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी मगही भाषा के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए अपने विचार रखे।

यह पहल मगध की विरासत, भाषा और संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास माना जा रहा है।

🔴 आज की ताज़ा खबरें
⏳ खबरें लोड हो रही हैं...