मंगलवार, 17 फ़रवरी 2026

“शिक्षा दुनिया की सबसे बड़ी पूंजी है” – जितेंद्र कुशवाहा

 

वैशाली/दिल्ली।

सोमवार, 16 फ़रवरी 2026

संजय कॉलोनी, भाटी माइंस में हिंदू सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण का आह्वान

नई दिल्ली। संजय कॉलोनी, भाटी माइंस में आयोजित हिंदू सम्मेलन में समाजसेवी श्री जितेंद्र कुशवाहा ने पर्यावरण सुरक्षा पर अपने विचार रखते हुए उपस्थित जनसमूह से प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शास्त्रों में उल्लेख है कि जिस प्रकार सौ पुत्रों के पालन-पोषण से जो पुण्य फल प्राप्त होता है, वही फल मनुष्य अपने जीवनकाल में यदि एक वृक्ष की सेवा और संरक्षण करे तो प्राप्त कर सकता है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व बनता है कि वह पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे। केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका पालन-पोषण, नियमित सिंचाई, सुरक्षा और संवर्धन भी उतना ही आवश्यक है।



श्री कुशवाहा ने विशेष आग्रह करते हुए कहा कि हर व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाए, लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण यह है कि उसे सुरक्षित रखने और बड़ा करने का लक्ष्य निर्धारित करे। उन्होंने इसे सामाजिक और धार्मिक दायित्व बताते हुए कहा कि वृक्ष ही जीवन का आधार हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ व सुरक्षित पर्यावरण देना हम सबकी जिम्मेदारी है।

सम्मेलन में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।


 

मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026

डॉ. अविनाश कुमार मंडेला के जन्मदिवस पर समाजसेवियों और चिकित्सकों की गरिमामयी उपस्थिति

नई दिल्ली।

सर गंगाराम हॉस्पिटल के वरिष्ठ सर्जन एवं प्रख्यात चिकित्सक डॉ. अविनाश कुमार मंडेला  के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर एक सादे एवं आत्मीय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा  विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में पूर्वांचल छठ पूजा समिति के अध्यक्ष सुबोध पंडित , अपर्णा सर्व सेवा समिति के अध्यक्ष अमित कुमार , हीलिंग हैंड्स मल्टी स्पेशलिटी क्लीनिक के निदेशक एवं सर गंगाराम हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. विभु आनंद , विकास अरोड़ा , राहुल कुमार  सहित अनेक गणमान्य लोग एवं साथीगण मौजूद रहे।

सभी उपस्थितजनों ने डॉ. अविनाश कुमार मंडेला को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उनके दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर योगदान की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. मंडेला   केवल एक कुशल सर्जन हैं, बल्कि मानवता और सेवा भावना के भी प्रणास्रोत हैं।

इस अवसर पर डॉ. विभु आनंद , निदेशक, हीलिंग हैंड्स मल्टी स्पेशलिटी क्लीनिक ने कहा कि ऐसे चिकित्सकों का समाज में होना गर्व की बात है, जो निष्ठा और समर्पण के साथ मरीजों की सेवा करते हैं।

कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।




 

सोमवार, 9 फ़रवरी 2026

बिहारी वेलफेयर सोसायटी की ओर से सेवा प्रकल्प के तहत् BWS राहत बैंक के द्वारा छतरपुर क्षेत्र में कंबल वितरण समारोह का सफल आयोजन

नई दिल्ली, 08 फरवरी 2026।

बिहारी वेलफेयर सोसायटी (BWS) द्वारा सामाजिक दायित्व का निर्वहन की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए छतरपुर क्षेत्र, नई दिल्ली में कंबल वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ठंड के मौसम में जरूरतमंद, गरीब एवं असहाय परिवारों को राहत प्रदान करना रहा।

कार्यक्रम के अंतर्गत बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए। इस अवसर पर कंबल भेंटकर्ता सीए पवन अग्रवाल (हौजखास) ने बेटा प्रसून अग्रवाल जी का भी विशेष सहयोग एवं महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनके सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। 

कम्बल वितरण समारोह का अगुआई करते हुए बिहारी वेलफेयर सोसायटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोशल गुरू संजय भाई ने कहा कि “जहाँ बिहार – वहाँ विकास” की सोच के साथ संगठन समाज के कमजोर वर्गों के लिए सहायता करने में निरंतर कार्य कर रहा हैं।BWS का मानना हैं कि दुनिया में कोई धर्म, जाति, पार्टी एवं संप्रदाय का हो जरूरतमंद परिवार के लिए हमेशा इंसानियत धर्म निभाने को तैयार हैं! इन्होंने लोगों को नशामुक्त परिवार बनाने के लिए प्रेरित किया! बच्चों के घर पर अध्ययन करने के समय परिवार अभिभावक को जरूर इनके पास बैठना चाहिए़, ताकि बच्चे ठीक से पढ़ाई कर सके!


     BWS के राष्ट्रीय महासचिव डॉ रंजीत कुमार ने उपस्थित जरूरतमंद परिवार के बीच कहा कि जहां भी हमलोग को याद किया जाता हैं! हमलोग सहयोग करने के लिए तैयार रहते हैं!

       बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी के द्वारा प्रसून अग्रवाल को साहित्य देकर सम्मानित भी किया गया!

प्रसून  ने कहा कि बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी(BWS) से जुड़कर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं! सोशल गुरु संजय भाई एवं BWS टीम से मिलकर बहुत अच्छा लगा!

इस अवसर पर उपस्थित समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा-

“जरूरत पड़े तो दो रोटी कम खाइए, लेकिन अपने बच्चों की पढ़ाई से कभी समझौता मत कीजिए। बच्चों की शिक्षा ही समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।”

कार्यक्रम के अंत में आभार  ज्ञापन करते हुए संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि हमारे कोचिंग में BWS की ओर से सेवा प्रकल्प करना गौरव की बात हैं! इसके लिए विशेष कर संजय भाई, प्रसून अग्रवाल,डॉ रंजीत कुमार एवं जितेन्द्र कुशवाहा को साधुवाद!

यह कंबल वितरण समारोह गेट्स सक्सेस प्वाइंट,  छतरपुर, नई दिल्ली के साथ साथ अध्यात्म साधना केन्द्र, गार्ड एवं तेरापंथ भवन के गार्ड को भी कंबल  दिया गए!जिसमें स्थानीय लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।

बिहारी वेलफेयर सोसायटी का यह प्रयास सामाजिक समरसता, शिक्षा जागरूकता और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



 

शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2026

युवाओं की लापरवाही या दिखावे की होड़? यातायात नियमों की अनदेखी बन रही है जानलेवा




आज देश में बढ़ते सड़क हादसे एक गंभीर सामाजिक चिंता का विषय बन चुके हैं। विशेष रूप से युवाओं में यातायात नियमों के उल्लंघन की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है। हेलमेट न पहनना, तेज रफ्तार में वाहन चलाना, रॉन्ग साइड ड्राइविंग करना और ट्रैफिक सिग्नल की अनदेखी करना अब जैसे शौक बनता जा रहा है। युवा शक्ति दिखाने और साथियों के बीच खुद को साबित करने की होड़ में न केवल अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि सड़क पर चल रहे निर्दोष लोगों के जीवन को भी खतरे में डाल रहे हैं।

आए दिन देखने को मिलता है कि बिना हेलमेट बाइक दौड़ाई जा रही है, क्षमता से अधिक स्पीड में वाहन चलाए जा रहे हैं और नियमों को तोड़ना बहादुरी समझा जा रहा है। सरकार द्वारा समय-समय पर यातायात नियमों के पालन को लेकर जागरूकता संदेश, अभियान और कड़े कानून लागू किए जाते हैं, इसके बावजूद नियमों की अनदेखी थम नहीं रही। इसका परिणाम यह है कि देश में हर साल हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा देते हैं और कई परिवार हमेशा के लिए उजड़ जाते हैं।

समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय संयम और जिम्मेदारी बेहद जरूरी है। सड़क पर चलने वाला हर व्यक्ति केवल अपने लिए नहीं, बल्कि अपने पूरे परिवार के लिए जिम्मेदार होता है। आपकी एक छोटी सी गलती किसी परिवार को जीवन भर की मजबूरी और दुख दे सकती है। पैदल यात्रियों की सुरक्षा, नियमों का पालन और धैर्यपूर्ण ड्राइविंग ही एक सच्चे नागरिक की पहचान है।

उन्होंने सभी युवाओं और वाहन चालकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें, सुरक्षित वाहन चलाएं और देश को सड़क दुर्घटनाओं से मुक्त बनाने में अपनी जिम्मेदार भूमिका निभाएं। सुरक्षित सड़कें ही सुरक्षित भविष्य की नींव हैं।


 

मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026

1st इंडिया ओपन इंटरनेशनल हैपकिडो चैंपियनशिप 2026 का सफल आयोजन

नई दिल्ली।

तालकटोरा इनडोर स्टेडियम, नई दिल्ली में 2 फरवरी 2026 को 1st इंडिया ओपन इंटरनेशनल हैपकिडो चैंपियनशिप 2026 का भव्य आयोजन किया गया। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता Hapkido Federation of India के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें देश-विदेश के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में संसार जनकल्याण एक किरण फाऊंडेशन के संस्थापक एवं समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने विशेष अतिथि के रूप में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने TAEKWONDO एवं Hapkido जैसे आत्मरक्षा और अनुशासन आधारित खेलों की सराहना करते हुए कहा, “आज के समय में आत्मरक्षा और अनुशासन आधारित खेलों को बढ़ावा देना बेहद आवश्यक है। Hapkido Federation of India का यह प्रयास सराहनीय और प्रेरणादायक है।”

प्रतियोगिता में नेपाल, मुंबई, उत्तराखंड, गुजरात एवं दिल्ली से आए खिलाड़ियों ने भाग लिया और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से दर्शकों का मन मोह लिया।

इस अवसर पर बिहारी वेल्फेयर सोसाईटी (BWS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय भाई, बीजेपी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह, डॉ. बिभु आनंद एवं विकास अरोड़ा भी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

इस सफल आयोजन के लिए Hapkido Federation of India के Founder एवं President Master Jitendra Singh को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। उनके नेतृत्व में यह प्रतियोगिता खेल जगत में एक नई पहचान स्थापित कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान विशेष अतिथियों को अंगवस्त्र, पटका एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजन अपराह्न 4 बजे प्रारंभ हुआ और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।




 


रविवार, 1 फ़रवरी 2026

सामाजिक संगठनों में समन्वय की कमी बनी समाज के चहुंमुखी विकास में सबसे बड़ी बाधा


 

आज समाज के सामने सबसे बड़ी विडंबना यह है कि सामाजिक संगठनों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है, लेकिन समाज का अपेक्षित चहुंमुखी विकास आज भी अधूरा है। समाज के नाम पर हजारों संगठन, सैकड़ों अध्यक्ष और अनेक राष्ट्रीय अध्यक्ष मौजूद हैं, फिर भी शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और नेतृत्व के क्षेत्र में समाज पीछे खड़ा दिखाई देता है। इसका मूल कारण सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय की गंभीर कमी है।

समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने इस विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सामाजिक संगठन समाज के विकास के लिए बनाए जाते हैं, न कि व्यक्तिगत पहचान और पद की राजनीति के लिए। लेकिन आज स्थिति यह है कि संगठन सेवा का माध्यम बनने के बजाय व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं का मंच बनते जा रहे हैं। पद, प्रतिष्ठा और प्रभाव की होड़ ने समाज की सामूहिक शक्ति को कमजोर कर दिया है।

उन्होंने कहा कि एक ही समाज के नाम पर अनेक संगठन काम कर रहे हैं, लेकिन न कोई साझा उद्देश्य है, न कोई दीर्घकालिक रणनीति। समाज यह तय नहीं कर पा रहा कि उसका विकास किस दिशा में हो और प्राथमिकताएं क्या हों। जब नेतृत्व बिखरा हुआ हो और आपसी समन्वय का अभाव हो, तो समाज का दिशाहीन होना स्वाभाविक है।

जितेंद्र कुशवाहा ने यह भी चिंता जताई कि संगठनों के भीतर व्यक्तिगत द्वेष, आपसी मतभेद और अहंकार समाजहित पर भारी पड़ रहे हैं। छोटे-छोटे मतभेदों को इतना बड़ा बना दिया जाता है कि समाज के वास्तविक मुद्दे पीछे छूट जाते हैं और व्यक्तिगत विवाद आगे आ जाते हैं। इसका खामियाजा पूरे समाज को भुगतना पड़ता है।

युवाओं को लेकर उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सामाजिक संगठनों को युवाओं को जोड़ने, उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करने और सकारात्मक दिशा देने का केंद्र बनना चाहिए था। लेकिन आज कई संगठन युवाओं को जोड़ने के बजाय संगठनात्मक राजनीति के कारण उनसे दूरी बना रहे हैं। युवाओं की ऊर्जा और विचारों का सही उपयोग न होना समाज के भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी है।

अपने संदेश में जितेंद्र कुशवाहा ने सभी सामाजिक संगठनों से आत्ममंथन की अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर समाजहित को सर्वोपरि रखा जाए। समन्वय, संवाद और सहयोग के बिना कोई भी समाज आगे नहीं बढ़ सकता। एक साझा मंच, साझा लक्ष्य और एक स्पष्ट दिशा तय करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि समाज को अब संगठनों की संख्या नहीं, बल्कि एकजुट और समन्वित नेतृत्व की आवश्यकता है। जब तक सामाजिक संगठन एक दिशा में संगठित होकर कार्य नहीं करेंगे, तब तक समाज का चहुंमुखी विकास केवल विचारों और घोषणाओं तक ही सीमित रह जाएगा।

समाज को जागृत करने का समय अब है, और यह तभी संभव है जब संगठन आपसी समन्वय के साथ आगे बढ़ें।