बुधवार, 31 दिसंबर 2025

चिकित्सा सेवा प्रकोष्ठ दिल्ली प्रदेश की वर्ष 2025 की अंतिम बैठक संपन्न


 संतोष कुमार पासवान, नई दिल्ली

 दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में चिकित्सा सेवा प्रकोष्ठ, दिल्ली प्रदेश की वर्ष 2025 की अंतिम महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रकोष्ठ के सभी सम्मानित सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

बैठक के दौरान वर्ष 2026 में आयोजित किए जाने वाले कई अहम कार्यक्रमों और गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक सरोकार, जनहित से जुड़े अभियानों और संगठनात्मक मजबूती को लेकर रणनीतिक विचार-विमर्श हुआ। सभी सदस्यों ने एकजुट होकर पार्टी प्रकोष्ठ को और अधिक सशक्त, सक्रिय एवं प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।

इस बैठक में डॉ विभु आनंद,डॉ. अविनाश कुमार, अधिवक्ता नेमत तौहीद , अधिवक्ता रियाज़ अंसारी, संतोष कुमार, रामावतार चौपाल,मो. इस्राफील, मो. हैदर, सूरज कुमार, अमित कुमार पासवान, बसंत कुमार ठाकुर,   मो. तम्मना,  आदि समेत कई प्रमुख सदस्यों की सहभागिता रही।

बैठक का समापन सकारात्मक ऊर्जा और संगठन को नई दिशा देने के संकल्प के साथ किया गया। अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने एक-दूसरे का आभार व्यक्त करते हुए आगामी वर्ष में जनसेवा के कार्यों को और व्यापक रूप देने का संकल्प दोहराया।

गांव के विकास के लिए हर व्यक्ति महीने में दो दिन दे: समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा


समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने अपने गांव एवं ग्रामीण समाज से विकास के लिए सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति महीने में कम-से-कम दो दिन गांव और समाज के विकास को समर्पित करे, तो गांव की तस्वीर बदली जा सकती है। जितेन्द्र कुशवाहा ने जोर देते हुए कहा कि गांव हमारी जड़, संस्कृति और पहचान है, इसलिए इसके उत्थान की जिम्मेदारी हम सभी की है।

उन्होंने बताया कि स्वच्छता अभियान, शिक्षा के प्रसार, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और रोजगार के अवसर सृजित करने जैसे कार्यों में हर व्यक्ति अपना समय और सहयोग दे सकता है। इससे न केवल गांव स्वच्छ और शिक्षित बनेगा, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मजबूत कदम बढ़ेंगे।

जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि बदलाव केवल सरकार या प्रशासन पर निर्भर नहीं रह सकता। जब तक समाज स्वयं आगे आकर जिम्मेदारी नहीं निभाएगा, तब तक स्थायी विकास संभव नहीं है। यदि हर ग्रामीण अपने अनुभव, श्रम और ज्ञान को साझा करे, तो गांव में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित है।

उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से गांव मजबूत, स्वावलंबी और आदर्श बन सकता है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को बेहतर भविष्य मिलेगा।


https://youtube.com/@jitendrakushawaha26?si=t4GoB982nkvnix8K

मंगलवार, 30 दिसंबर 2025

न्याय के लिए अडिग संकल्प: अधिवक्ता हेमन्त कुमार मौर्य


 अधिवक्ता हेमन्त कुमार मौर्य, दिल्ली, न केवल एक कुशल विधि विशेषज्ञ हैं, बल्कि वे न्याय, साहस और सामाजिक दायित्व की जीवंत मिसाल भी हैं। उन्होंने निडर होकर देश में हो रहे अन्याय, अत्याचार और अपराधों के विरुद्ध निरंतर आवाज़ उठाई है। विशेष रूप से उन्नाव रेप पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में उनका योगदान अत्यंत सराहनीय, साहसिक और ऐतिहासिक माना जाता है।

जब पूरा देश स्तब्ध और भयभीत था, उस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर उन्होंने कानूनी लड़ाई को मजबूती से लड़ा। दबाव, चुनौतियों और जोखिमों के बावजूद उन्होंने सत्य और न्याय का पक्ष नहीं छोड़ा। उनका यह संघर्ष केवल एक मुकदमा नहीं था, बल्कि यह न्याय व्यवस्था में विश्वास को जीवित रखने का प्रयास था।

हेमन्त कुमार मौर्य का कार्य यह सिद्ध करता है कि अधिवक्ता केवल कानून के जानकार ही नहीं, बल्कि समाज के रक्षक भी होते हैं। उन्होंने संवेदनशीलता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ यह दिखाया कि न्याय के लिए संघर्ष करना ही सच्ची वकालत है।

उनका यह योगदान समाज सदैव स्मरण रखेगा। हमें गर्व है कि हमारे बीच ऐसे अधिवक्ता हैं, जो न्याय की मशाल बनकर अंधकार के विरुद्ध खड़े हैं।

अपनी ताकत को पहचानने की जरूरत है — जितेंद्र कुशवाहा


 आज समाज और गांव के विकास के लिए सबसे पहली आवश्यकता है—अपनी ताकत को पहचानना। हर व्यक्ति के भीतर कोई न कोई क्षमता, हुनर और सामर्थ्य छिपा होता है, लेकिन हम अक्सर अपनी शक्ति को कम आंकते हैं। जब तक हम स्वयं पर विश्वास नहीं करेंगे, तब तक न तो अपने परिवार का, न अपने गांव का और न ही समाज का सही अर्थों में विकास कर पाएंगे।

गांव की असली ताकत वहां के युवा, बुजुर्ग और महिलाएं हैं। युवा जोश, ऊर्जा और नए विचारों के साथ बदलाव की दिशा तय कर सकते हैं। बुजुर्ग अपने अनुभव और संस्कारों से सही मार्गदर्शन दे सकते हैं, वहीं महिलाएं गांव की सामाजिक और सांस्कृतिक रीढ़ होती हैं। जब ये सभी अपनी-अपनी ताकत को पहचानकर एकजुट होते हैं, तभी सशक्त और आत्मनिर्भर गांव का निर्माण संभव होता है।

आज आवश्यकता है कि हम संगठित होकर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर गंभीरता से कार्य करें। छोटे-छोटे प्रयास—जैसे बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करना, नशा मुक्ति अभियान चलाना, बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर देना और आपसी भाईचारे को मजबूत करना—बड़े बदलाव का आधार बनते हैं।

अपनी ताकत को पहचानने का अर्थ केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी को समझना भी है। जब हम यह तय कर लेते हैं कि “गांव मेरा है और उसका विकास मेरी जिम्मेदारी है”, तभी सच्चे बदलाव की शुरुआत होती है। आइए, हम सब मिलकर अपनी ताकत को पहचानें, एक-दूसरे का हाथ थामें और अपने गांव व समाज को विकास, सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई दिशा दें।

सोमवार, 29 दिसंबर 2025

संजय कॉलोनी भाटी माइंस में समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा का भव्य स्वागत एवं सम्मान

 भाटी माइंस संजय कॉलोनी में समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा का भव्य स्वागत एवं सम्मान




  समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय एवं संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा का उनकी कर्मभूमि भाटी माइंस, संजय कॉलोनी में ग्रामवासियों एवं युवा साथियों द्वारा भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित कर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में हर्ष, उत्साह और गौरव का वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों, वरिष्ठ जनों, युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर जितेन्द्र कुशवाहा को फूल-मालाओं एवं बुके भेंट कर सम्मानित किया। इस सम्मान समारोह में अपर्णा सर्व सेवा समिति के अध्यक्ष अमित कुमार, लाल बहादुर सिंह, अमन पंडित, उपेंद्र कुमार सिंह, दयानंद कुमार, सागर मुद्दई, नानक चंद ,चंदरपाल ओड , मेहरचंद ओड ,सैफल प्रधान, सचिन ओड, देशराज यादव, राम प्रिय ठाकुर, मनोज कुमार, विकास यादव, दिलीप राठौड़, विशाल राठौड़, श्री चंद्र खम्बरा, दिलीप कुमार, सीताराम कुशवाहा, महेंद्र कुशवाहा, सुबोध पंडित एवं अशोक पंडित सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं युवा साथी उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि जितेन्द्र कुशवाहा केवल एक समाजसेवी ही नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव के सशक्त प्रतीक हैं। उन्होंने शिक्षा के प्रसार, नशा मुक्ति अभियान, पर्यावरण संरक्षण, दहेज मुक्त विवाह, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तथा युवाओं के सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर निरंतर कार्य कर समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया है। उनके प्रयासों से क्षेत्र में सामाजिक चेतना का विकास हुआ है और युवाओं को सही मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।

युवा साथियों ने कहा कि जितेन्द्र कुशवाहा का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण की प्रेरणादायी मिसाल है। वे सदैव युवाओं को शिक्षा, संस्कार और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का बोध कराते हैं, जिससे समाज में जागरूकता एवं एकता का भाव सुदृढ़ होता है।

स्वागत से अभिभूत जितेन्द्र कुशवाहा ने सभी ग्रामवासियों, युवाओं एवं सम्मान करने वाले साथियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाजसेवा ही उनका धर्म है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है और वे भविष्य में भी पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ जनकल्याण एवं सामाजिक उत्थान के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाते रहेंगे।