नई दिल्ली। डॉ. रूबी झा ने महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति तभी संभव है जब महिलाएं शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ हों। उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना बहुत ही अनिवार्य है, क्योंकि स्वस्थ महिला ही परिवार, समाज और देश को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
डॉ. रूबी झा ने कहा कि महिलाएं अक्सर परिवार की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपने स्वास्थ्य की अनदेखी कर देती हैं। समय पर जांच न कराना, पौष्टिक आहार की कमी, तनाव और जागरूकता का अभाव कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, संतुलित भोजन लें, योग एवं व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें तथा मानसिक स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें।
उन्होंने कहा कि आज महिलाओं को केवल शिक्षित ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना भी जरूरी है। जब महिलाएं स्वस्थ रहेंगी तभी वे आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सशक्त बन सकेंगी। उन्होंने समाज से भी आग्रह किया कि महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं, उचित पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
अंत में डॉ. रूबी झा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ केवल अधिकार देना नहीं, बल्कि उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान करना भी है। स्वस्थ महिला ही स्वस्थ समाज और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला होती है।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें