सोमवार, 25 मई 2026

“युवाओं को सही दिशा दिखाने की आवश्यकता : समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा”





नई दिल्ली।समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने युवाओं को सही दिशा दिखाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि आज के समय में युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि युवाओं को उचित मार्गदर्शन, अच्छी शिक्षा और सकारात्मक सोच मिले तो वे समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई युवा नशाखोरी, गलत संगति और सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव के कारण अपने लक्ष्य से भटक रहे हैं। ऐसे में समाज, परिवार और शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे युवाओं को सही दिशा देने का कार्य करें। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण जैसे कार्यों में अपनी भागीदारी बढ़ाएं।

जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि समाज में जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को प्रेरित करना समय की मांग है। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था लगातार शिक्षा जागरूकता, नशा मुक्ति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान चला रही है, जिससे युवाओं में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि युवा अपनी ऊर्जा को सही कार्यों में लगाएं तो भारत विश्व में और अधिक मजबूत एवं विकसित राष्ट्र बन सकता है। अंत में उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों और अभिभावकों से युवाओं को संस्कार, शिक्षा और नैतिक मूल्यों से जोड़ने की अपील की।

रविवार, 24 मई 2026

काव्य संगोष्ठी एवं वैवाहिक मिलन समारोह में साहित्य, शिक्षा और सामाजिक चेतना का संदेश


नई दिल्ली, 23 मई 2026।
राजधानी दिल्ली स्थित अणुव्रत भवन, डीडीयू मार्ग में श्री रजनीश शर्मा एवं श्रीमती चंपा कुमारी के वैवाहिक जीवन की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित “काव्य संगोष्ठी एवं वैवाहिक मिलन समारोह” में सामाजिक, साहित्यिक एवं शिक्षाविद गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के दौरान राकेश यादव, नेशनल बुक ट्रस्ट के जॉइंट डायरेक्टर, डॉ आलोक कुमार मिश्रा, भारतीय विश्वविद्यालय संघ के संयुक्त सचिव, एवं डॉ संजय कान्त प्रसाद द्वारा समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा को पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान शिक्षा, साहित्य एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान को समर्पित रहा।



इस अवसर पर संजय भाई ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “जितेन्द्र कुशवाहा सामाजिक कार्यों में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभा रहे हैं, जो समाज एवं गांव के लिए गौरव की बात है। उनके द्वारा शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य प्रेरणादायक हैं।”
कार्यक्रम में शिक्षा, समाजसेवा एवं जनजागरण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। अतिथियों ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए साहित्य, शिक्षा और सामाजिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
इस कार्यक्रम में कन्हैयालाल गुप्ता, डॉ रंजीत कुमार, अनूप मौर्य, हरिश्चंद्र शर्मा, विभा संजय, शशि कला कौशिक सहित अनेक गणमान्य समाजसेवी उपस्थित रहे।
समारोह के उपरांत बिहार के प्रसिद्ध व्यंजन लिट्टी-चोखा एवं लौंगलता का विशेष आतिथ्य भी कराया गया।

शनिवार, 23 मई 2026

सामाजिक दायित्व को निभाना हमारा फर्ज है” — दिनेश मौर्य

 


नई दिल्ली।मौर्य फ्रेंड्स ग्रुप फाउंडेशन के संस्थापक  ने कहा है कि समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभाना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। समाज तभी मजबूत और विकसित बन सकता है जब हर व्यक्ति अपने आसपास के लोगों की समस्याओं को समझते हुए सहयोग और जागरूकता की भावना के साथ आगे आए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सम्मान, युवा सशक्तिकरण, गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता जैसे विषयों पर समाज को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। केवल सरकार के भरोसे समाज का संपूर्ण विकास संभव नहीं है, बल्कि हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सामाजिक दायित्व केवल दान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को जागरूक करना, सही दिशा दिखाना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।



लगातार सामाजिक जागरूकता, शिक्षा सहायता, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण तथा जरूरतमंद परिवारों की मदद जैसे कार्यों के माध्यम से समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। संस्था का उद्देश्य समाज में भाईचारा, मानवता और सहयोग की भावना को मजबूत करना है।

दिनेश मौर्य ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि युवा वर्ग समाज परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा सकारात्मक सोच और सेवा भावना के साथ आगे आएं तो देश और समाज में बड़ा परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने सामाजिक कर्तव्यों को भी समझना चाहिए और एक बेहतर समाज निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।

शुक्रवार, 22 मई 2026

“मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म — बुद्धा फाउंडेशन ने स्थापना दिवस पर दोहराया सेवा का संकल्प”


नई दिल्ली। आज बुद्धा फाउंडेशन का स्थापना दिवस बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संस्था के सभी पदाधिकारियों, कोर कमेटी सदस्यों एवं हजारों सहयोगियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं एवं धन्यवाद प्रेषित किया गया।

संस्था के अध्यक्ष कैलाश बाबू, महासचिव सोनू कुशवाहा, कोषाध्यक्ष मोहित आनंद माथुर, कानूनी सलाहकार अरविंद, आर्थिक सलाहकार संजय सिंह, सह सचिव राकेश, बुराड़ी अध्यक्ष देवनारायण, मॉडल टाउन महासचिव राम माथुर, विजय सिंह, मुनेशपाल, रामकेश शर्मा, गुरु प्रसाद सहित सभी सहयोगियों ने पिछले वर्षों में संस्था को नई पहचान दिलाने के लिए अथक प्रयास किए हैं।

बुद्धा फाउंडेशन निरंतर मानवता की सेवा के लिए कार्य कर रही है। संस्था द्वारा दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छ जल उपलब्ध कराने का अभियान चलाया जा रहा है, जिससे समाज के निम्न वर्ग के लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके और वे स्वस्थ जीवन जी सकें। संस्था का मानना है कि दूषित पानी से शरीर में अनेक बीमारियां उत्पन्न होती हैं, इसलिए स्वच्छ जल उपलब्ध कराना मानव सेवा का महत्वपूर्ण कार्य है।

संस्था ने अपने कार्यों से यह साबित किया है कि निस्वार्थ भाव से समाज और मानवता के लिए कार्य करने वाली संस्था लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। बुद्धा फाउंडेशन आगे भी बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लोगों के लिए सेवा कार्य करती रहेगी।

स्थापना दिवस के अवसर पर संस्था ने मानवता, समानता और सामाजिक सहयोग के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया 

महिला सशक्तिकरण के लिए स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना अत्यंत आवश्यक : डॉ. रूबी झा




नई दिल्ली। डॉ. रूबी झा ने महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति तभी संभव है जब महिलाएं शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ हों। उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना बहुत ही अनिवार्य है, क्योंकि स्वस्थ महिला ही परिवार, समाज और देश को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

डॉ. रूबी झा ने कहा कि महिलाएं अक्सर परिवार की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपने स्वास्थ्य की अनदेखी कर देती हैं। समय पर जांच न कराना, पौष्टिक आहार की कमी, तनाव और जागरूकता का अभाव कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, संतुलित भोजन लें, योग एवं व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें तथा मानसिक स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें।



उन्होंने कहा कि आज महिलाओं को केवल शिक्षित ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना भी जरूरी है। जब महिलाएं स्वस्थ रहेंगी तभी वे आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सशक्त बन सकेंगी। उन्होंने समाज से भी आग्रह किया कि महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं, उचित पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

अंत में डॉ. रूबी झा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ केवल अधिकार देना नहीं, बल्कि उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान करना भी है। स्वस्थ महिला ही स्वस्थ समाज और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला होती है।

मंगलवार, 19 मई 2026

भीषण गर्मी में पेड़-पौधों की देखभाल करें, रोज कम से कम एक पेड़ में पानी डालें : जितेंद्र कुशवाहा

 भीषण गर्मी में पेड़-पौधों की देखभाल करें, रोज कम से कम एक पेड़ में पानी डालें : जितेंद्र कुशवाहा

नई दिल्ली, 19 मई 2026।
दिल्ली-एनसीआर में पड़ रही भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार बढ़ते तापमान और तेज गर्म हवाओं के कारण इंसानों के साथ-साथ पेड़-पौधों पर भी संकट गहराता जा रहा है। इसी को लेकर समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण और पेड़-पौधों की सुरक्षा के लिए विशेष अपील की है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। कई क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है, जिससे छोटे पौधे और पेड़ तेजी से सूखने लगे हैं। यदि समय रहते इनकी देखभाल नहीं की गई, तो पर्यावरण संतुलन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे केवल हरियाली नहीं देते, बल्कि शुद्ध हवा, छाया और जीवन का आधार भी हैं।

समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने सभी नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों, विद्यालयों तथा कॉलोनियों में रहने वाले लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस भीषण गर्मी में हर व्यक्ति कम से कम एक पेड़ को रोज पानी देने का संकल्प ले। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधे की जिम्मेदारी उठाए, तो हजारों पेड़-पौधों को सूखने से बचाया जा सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय पौधों में पानी डालना चाहिए, ताकि तेज धूप के कारण पौधों को नुकसान न पहुंचे। साथ ही पक्षियों के लिए घरों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी के बर्तन रखने की भी अपील की गई।

उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण देने के लिए आज से ही जागरूक होना आवश्यक है। पेड़ बचेंगे तो पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा।

अंत में उन्होंने सभी लोगों से “एक व्यक्ति – एक पौधा – रोज पानी” अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और पर्यावरण संरक्षण के इस जनहित अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया 

सोमवार, 18 मई 2026

विद्यापति भवन पटना में “अपसा छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह 2026” का भव्य आयोजन

 

दिनांक: 17 मई 2026

विद्यापति भवन पटना में “अपसा छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह 2026” का भव्य आयोज


विद्यापति भवन पटना में अपसा द्वारा अपसा छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह 2026  कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. करुणा सागर पूर्व डीजीपी,तमिलनाडु, प्रो.के.सी.सिन्हा पूर्व कुलपति, पटना विश्वविद्यालय के साथ श्री नागमणि कुशवाहा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय युवा कुशवाहा समाज (भारत) ने दीप प्रज्वलित करके किया इस कार्यक्रम में पूरे बिहार के विभिन्न निजी विद्यालयों के दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक पाने वाले 260 बच्चों को "अपसा प्रतिभा सम्मान 2026" से सम्मानित किया गया| इस मौके पर  दीपक प्रकाश शिक्षाविद,आदित्य राज सिंह, अपसा कोर कमेटी के राकेश कुमार रंजन,गोकुलेश उपाध्याय,अजय कुमार वर्मा, सुषमा पांडे,अमरेंद्र कुमार,उमेश सिंह,अविनाश कुमार झा,प्रभात रंजन के साथ कई छात्र,छात्रा,शिक्षक,शिक्षिका एवं समाजसेवी मौजूद थे| 
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ.अजय कुमार झा एवं मंच का संचालन डॉ. मुकेश कुमार ने किया| 

ज्ञान का प्रकाश सभी अंधेरों को खत्म कर देता है|
●उठो जागो और तब तक रुको नहीं जब तक कि आप सभी को अपना- अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं हो जाता|

सफल कार्यक्रम के लिए अपसा की पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं








एमएफजी फाउंडेशन द्वारा राजेंद्र भवन ट्रस्ट में भव्य करियर काउंसलिंग एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का सफल आयोजन

 

एमएफजी फाउंडेशन द्वारा राजेंद्र भवन ट्रस्ट में भव्य करियर काउंसलिंग एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का सफल आयोजन

युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को नई दिशा देने के उद्देश्य से MFG Foundation द्वारा Rajendra Bhawan Trust में भव्य एवं प्रेरणादायक करियर काउंसलिंग एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों एवं युवाओं ने भाग लेकर इसे यादगार बनाया।



कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा, तकनीकी क्षेत्र, मेडिकल, लॉ एवं अन्य प्रोफेशन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करना था, ताकि युवा सही मार्गदर्शन प्राप्त कर अपने भविष्य को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें।

इस अवसर पर अतिथि के रूप में Hemant Maurya, Lakshman Prasad Kushwaha, Praveen Kumar, Shashi Vardhan, Dr. Ashish Maurya, Sanjay Bhai, Neeraj Rajput एवं Sushil Dwivedi सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

साथ ही MFG Foundation के समर्पित सदस्यों Jitendra Kushwaha, Pawan Kumar Singh, Ashish Shakya, Supach Shakya, Arun Maurya एवं Aakash Indu ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को करियर चयन, इंटरव्यू तैयारी, स्किल डेवलपमेंट, सरकारी एवं निजी क्षेत्र में अवसर, विदेश शिक्षा, आईटी सेक्टर की संभावनाएं, मेडिकल एवं लॉ क्षेत्र में करियर विकल्प जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और अनुभवी वक्ताओं से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

इस अवसर पर Dinesh Maurya ने अपने संबोधन में कहा कि —
“हमारा उद्देश्य केवल कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि समाज के हर युवा तक सही मार्गदर्शन पहुंचाना है। जब युवा शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर बनेंगे, तभी समाज और राष्ट्र मजबूत बनेगा। एमएफजी फाउंडेशन आगे भी शिक्षा, रोजगार और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।”

वहीं वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व प्रिंसिपल Hariram Maurya सहित अन्य वक्ताओं ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही जीवन में सफलता दिलाती है।


कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण वह रहा जब इस वर्ष उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह ने छात्रों का उत्साह बढ़ाया और अन्य विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

पूरे कार्यक्रम के दौरान युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों ने भाग लेकर कार्यक्रम की सराहना की और इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया।


कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, आयोजकों, सहयोगियों एवं उपस्थित विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन न केवल करियर मार्गदर्शन का मंच बना, बल्कि समाज में शिक्षा और जागरूकता की नई अलख जगाने वाला प्रेरणास्रोत भी साबित हुआ।

शुक्रवार, 8 मई 2026

नाबालिगों में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति पर समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने जताई चिंता

नई दिल्ली।संजय कॉलोनी, भाटी माइंस क्षेत्र में हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना में एक 16 वर्षीय नाबालिग द्वारा 14 वर्षीय बच्चे की हत्या किए जाने पर समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने गहरी चिंता व्यक्त की है।उन्होंने कहा कि आज के समय में नाबालिग बच्चों द्वारा हत्या जैसे गंभीर अपराध करना अत्यंत चिंताजनक विषय बनता जा रहा है। इससे समाज को बहुत बड़ी क्षति हो रही है। उन्होंने कहा कि कुछ नाबालिगों में नशे की लत, गलत संगति और अपराध जगत में नाम कमाने की मानसिकता तेजी से बढ़ रही है, जो समाज के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।


जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि “जिस प्रकार से कम उम्र के बच्चे अपराध की ओर बढ़ रहे हैं, वह आने वाले समय के लिए अत्यंत भयावह स्थिति पैदा कर सकता है। हत्या जैसी घटनाओं से केवल एक व्यक्ति की जान नहीं जाती, बल्कि पूरा परिवार आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से टूट जाता है।”उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की कि ऐसे मामलों में कानून को और अधिक सख्त बनाया जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति — चाहे वह नाबालिग ही क्यों न हो — गंभीर अपराध करने से पहले कई बार सोचने को मजबूर हो। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो समाज में अराजकता और भय का माहौल बढ़ सकता है।समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें, उन्हें नशे और गलत संगति से दूर रखें तथा नैतिक शिक्षा और संस्कारों पर जोर दें।उन्होंने कहा कि समाज, परिवार, प्रशासन और सरकार को मिलकर इस बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति को रोकने के लिए गंभीर प्रयास करने होंगे, तभी एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।