रविवार, 26 अप्रैल 2026

पूर्वांचल छठ पूजा समिति भाटी माइंस के कोषाध्यक्ष अशोक पंडित की शादी की सालगिरह पर समाजसेवियों ने दिया आशीर्वाद




नई दिल्ली, भाटी माइंस क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का सुंदर उदाहरण उस समय देखने को मिला जब पूर्वांचल छठ पूजा समिति भाटी माइंस के कोषाध्यक्ष श्री अशोक पंडित जी की शादी की सालगिरह पर उन्हें शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देने के लिए कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे।


इस अवसर पर संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक एवं समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा, पूर्वांचल छठ पूजा समिति के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार, समाजसेवी विकास कुमार, कुलदीप वर्मा, संतोष कुमार तथा अपर्णा  सर्व सेवा समिति के संस्थापक अमित कुमार ने श्री अशोक पंडित एवं उनके परिवार को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।



सभी उपस्थित गणमान्य लोगों ने उनके स्वस्थ, समृद्ध एवं खुशहाल जीवन की कामना करते हुए समाज सेवा और सामाजिक एकता को और मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सहयोग, भाईचारा और जनकल्याण के प्रति सभी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।



यह आयोजन सामाजिक एकजुटता, पारिवारिक मूल्यों और समाज के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण बना।

रविवार, 19 अप्रैल 2026

“जहां बिहार, वहां विकास” के संकल्प के साथ दिल्ली में सशक्त पहल

 

नई दिल्ली। “जहां बिहार, वहां विकास” के उद्देश्य को लेकर राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल की जा रही है। इस अभियान को बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी (BWS) के जन सम्पर्क अधिकारी एवं समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में रह रहे बिहार के लोगों को एक मंच पर लाकर उनकी सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाना, संगठन को मजबूत करना तथा आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक दिशा में उन्हें सशक्त करना है। इसके अंतर्गत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, जनजागरूकता अभियान, सामाजिक संवाद और युवाओं को जोड़ने के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं।

समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि “बिहार की पहचान उसकी संस्कृति, मेहनत और एकता में है। यदि हम सभी एकजुट होकर कार्य करें, तो न केवल समाज बल्कि देश के विकास में भी अहम योगदान दे सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि संस्था का उद्देश्य शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से बिहारी समाज को नई दिशा देना है।

बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी के सहयोग से चल रही यह पहल भविष्य में और व्यापक रूप लेगी, जिससे दिल्ली सहित पूरे देश में बिहारी समाज की एक सशक्त और सकारात्मक पहचान स्थापित होगी।

बुधवार, 15 अप्रैल 2026

“सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई रफ्तार पकड़ेगा बिहार”– समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा

 

बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई देते हुए अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को सम्राट चौधरी से काफी उम्मीदें हैं और उनके नेतृत्व में बिहार एक नई दिशा की ओर अग्रसर होगा। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य में एक सकारात्मक माहौल और नई ऊर्जा का संचार हुआ है, जिससे विकास की नई संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि आज बिहार के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। यदि राज्य के युवाओं को सही दिशा और अवसर मिले, तो बिहार तेजी से विकास की ओर बढ़ सकता है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में यह अपेक्षा की जा रही है कि उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, निवेश आएगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा।

जितेंद्र कुशवाहा ने आगे कहा कि बिहार को समृद्ध और विकसित राज्य बनाने के लिए मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट नीतियां और त्वरित निर्णय अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सम्राट चौधरी अपने नेतृत्व कौशल से इन सभी अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे और राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

अंत में उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब परिणाम चाहती है और यह समय है कि विकास के नए आयाम स्थापित किए जाएं। मजबूत नेतृत्व, सशक्त युवा और संगठित प्रयासों के माध्यम से ही “समृद्ध एवं विकसित बिहार” का सपना साकार हो सकता है।


मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

AI बनता जा रहा है कार्य जीवन की रीढ़ — समय की सच्चाई


 नई दिल्ली: आज के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से हमारे कार्य जीवन का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। यह बदलाव अचानक नहीं, बल्कि धीरे-धीरे और व्यवस्थित रूप से हो रहा है। AI अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ऑफिस कार्य, व्यापार, शिक्षा, बैंकिंग और दैनिक गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

AI ने शुरुआत एक सहायक के रूप में की थी — जैसे ईमेल सुझाव देना, भाषा सुधारना, डेटा विश्लेषण करना आदि। लेकिन अब यह कस्टमर सर्विस, अकाउंटिंग, डिजाइनिंग, कोडिंग और निर्णय प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी सक्रिय योगदान दे रहा है। कई संस्थानों में AI अब सिर्फ एक टूल नहीं, बल्कि कार्य प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।

इस परिवर्तन के बीच एक महत्वपूर्ण सवाल उठता है कि क्या AI नौकरियों के लिए खतरा है? विशेषज्ञों का मानना है कि AI सीधे तौर पर नौकरियां समाप्त नहीं कर रहा, बल्कि कार्य के स्वरूप को बदल रहा है। पारंपरिक और दोहराव वाले कार्यों में कमी आ रही है, जबकि AI आधारित नई भूमिकाएं जैसे AI ट्रेनर, ऑटोमेशन एक्सपर्ट और डेटा विश्लेषक उभर कर सामने आ रही हैं।

भारत सहित पूरी दुनिया में यह बदलाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। IT सेक्टर, बैंकिंग, शिक्षा और स्टार्टअप्स में AI का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।

इस विषय पर विचार व्यक्त करते हुए अमरेश मौर्य ने कहा कि, “भविष्य का कार्यस्थल ‘AI बनाम इंसान’ नहीं होगा, बल्कि ‘AI के साथ काम करने वाला इंसान’ होगा। इसलिए जरूरी है कि हम AI को समझें, सीखें और समय के साथ खुद को विकसित करें।”

यह समय AI से डरने का नहीं, बल्कि इसे अपनाने का है। क्योंकि AI अब भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान है — जो चुपचाप हमारे हर कार्य की रीढ़ बनता जा रहा है।


सोमवार, 13 अप्रैल 2026

भारत स्वाभिमान समारोह एवं भव्य शोभा यात्रा का आयोजन

 

नई दिल्ली। अखंड भारत उत्थान महासंघ द्वारा “भारत स्वाभिमान समारोह” का भव्य आयोजन कुतुब विहार, नई दिल्ली में हर्षोल्लास एवं गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के महान महापुरुषों एवं राष्ट्रनिर्माताओं के जन्मोत्सव माह को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण भव्य शोभा यात्रा रही, जो कुतुब विहार क्षेत्र में निकाली गई। इस शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और देशभक्ति नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा, जिससे वातावरण पूर्णतः राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया।

समारोह में प्रमुख रूप से एडवोकेट हेमंत मौर्य, एडवोकेट चंद्रगुप्त मौर्य, अनित मौर्य, कैलाश बाबू, मनोज मेहता, रामवध वर्मा, श्रीचंद मौर्य सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। साथ ही जितेंद्र कुशवाहा बुद्ध फाउंडेशन के संस्थापक एवं समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा की विशेष उपस्थिति रही, जिन्होंने समाज में शिक्षा, जागरूकता और एकता के महत्व पर जोर दिया।


इस अवसर पर  बुद्धा फाउंडेशन  के अध्यक्ष- कैलाश बाबू को समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा द्वारा विजय ध्वज स्मारिका देकर सम्मानित किया गया, जो कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण क्षण रहा।

अपने संबोधन में जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि “समाजसेवा ही मेरा धर्म है” और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने महापुरुषों के आदर्शों को अपनाकर समाज को सशक्त बनाने में योगदान दें।

कार्यक्रम के दौरान महापुरुषों के चित्रों के माध्यम से उनके जीवन एवं योगदान को प्रदर्शित किया गया, जिससे उपस्थित लोगों को प्रेरणा मिली। समारोह का वातावरण देशभक्ति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बना रहा।

अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


मंगलवार, 7 अप्रैल 2026

सामाजिक समरसता से ही मजबूत होगा राष्ट्र – जितेन्द्र कुशवाहा

 

समाज में बढ़ती विभाजनकारी सोच और आपसी भेदभाव के इस दौर में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक हो गया है। समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि समरसता ही वह मूल आधार है, जिस पर एक सशक्त, संगठित और विकसित समाज का निर्माण संभव है।

उन्होंने कहा कि आज समाज अनेक वर्गों, जातियों, धर्मों और विचारधाराओं में बंटता जा रहा है, जिससे आपसी दूरी और असमानता बढ़ रही है। ऐसे समय में हमें सभी के प्रति समान भाव, आपसी सम्मान और एकता की भावना को अपनाने की जरूरत है। जब हम एक-दूसरे के धर्म, संस्कृति और विचारों का सम्मान करते हैं, तभी सच्चे अर्थों में भाईचारा स्थापित होता है।

जितेन्द्र कुशवाहा ने आगे कहा कि सामाजिक समरसता से न केवल विवाद कम होते हैं, बल्कि समाज में प्रेम, सहयोग और विश्वास भी मजबूत होता है। एक समरस समाज में हर व्यक्ति को समान अवसर मिलता है, जिससे वह अपनी क्षमताओं का पूर्ण विकास कर सकता है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमें अपने भीतर से ऊँच-नीच और भेदभाव की भावना को समाप्त करना होगा और "वसुधैव कुटुंबकम्" की भावना को अपनाना होगा। समाज तभी प्रगति करेगा, जब हर वर्ग और हर व्यक्ति साथ मिलकर आगे बढ़ेगा।

अंत में उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे सामाजिक समरसता को केवल एक विचार न मानें, बल्कि इसे अपने जीवन और व्यवहार में उतारें।

🙏 एकता में ही शक्ति है, और समरसता में ही समाज की सच्ची उन्नति।


सोमवार, 6 अप्रैल 2026

एक रोटी कम खाएं, लेकिन अपने आप को शिक्षा से मजबूत बनाएं” — जितेंद्र कुशवाहा

संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक एवं समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने आज युवाओं और समाज के सभी वर्गों से एक महत्वपूर्ण अपील करते हुए कहा कि यदि जीवन में सच्ची प्रगति और आत्मनिर्भरता हासिल करनी है, तो शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “एक रोटी कम खाएं, लेकिन अपने आप को शिक्षा से मजबूत बनाएं।”

उन्होंने बताया कि आज के दौर में बहुत से युवा आर्थिक कठिनाइयों, पारिवारिक दबाव या संसाधनों की कमी के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं, जो न केवल उनके भविष्य बल्कि समाज के विकास के लिए भी नुकसानदायक है। शिक्षा ही वह आधार है, जो व्यक्ति को जागरूक, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाती है।

जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह अपने बच्चों और आसपास के युवाओं को शिक्षा के प्रति प्रेरित करे। उन्होंने यह भी कहा कि छोटी-छोटी त्याग और समझदारी से बड़े बदलाव संभव हैं।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दें और उन्हें बेहतर शिक्षा के अवसर प्रदान करें। साथ ही युवाओं से अपील की कि वे कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से पीछे न हटें और शिक्षा के माध्यम से अपने जीवन को नई दिशा दें।

अंत में उन्होंने कहा कि एक शिक्षित समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव होता है, और हमें मिलकर इस दिशा में सतत प्रयास करने होंगे।


 

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026

"जब जेब में सिगरेट के पैसे हैं, तो पढ़ाई के लिए क्यों नहीं?" — समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा

 

 

आज के दौर में बहुत से युवा आर्थिक तंगी और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। यह एक गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सच में केवल पैसों की कमी ही इसकी जड़ है?

समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा, संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक, इस विषय पर अपने विचार रखते हुए कहते हैं —
“आज का युवा मोबाइल रिचार्ज, सिगरेट, तम्बाकू और गुटखे पर हजारों रुपए खर्च कर देता है, लेकिन जब पढ़ाई या किसी अच्छे काम की बात आती है, तो पैसे की कमी का बहाना बना देता है।”

उनका मानना है कि समस्या पैसे की नहीं, सोच की है। यदि युवा अपनी प्राथमिकता शिक्षा को बना लें, तो कोई भी आर्थिक बाधा बड़ी नहीं होती। कई महान लोगों ने गरीबी में पढ़ाई करके इतिहास रचा है।

इसलिए युवाओं को चाहिए कि वे अपनी बुरी आदतों को छोड़कर शिक्षा और कौशल विकास में निवेश करें। यही सच्ची प्रगति की दिशा है।

जितेन्द्र कुशवाहा जी का संदेश स्पष्ट है —
“अगर आपने सिगरेट, तम्बाकू और गुटका छोड़ दिया, तो न केवल पैसे बचेंगे बल्कि स्वास्थ्य और भविष्य दोनों सुरक्षित रहेंगे। जो युवा अपने पैसे और समय का सही उपयोग करता है, वही समाज का सच्चा निर्माता बनता है।”


गुरुवार, 2 अप्रैल 2026

5th International Scientific Seminar & Conference (करुणा मैत्री अवार्ड 2026)

 


विदेश की सरज़मीं पर 29 मार्च से 02 अप्रैल 2026 तक फुकेत, बैंकॉक में आयोजित 5वां अंतरराष्ट्रीय साइंटिफिक सेमिनार सह “करुणा मैत्री अवार्ड 2026” का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन आयुष मेडिकल एसोसिएशन द्वारा किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. विरेंद्र नाथ मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष, आयुष मेडिकल एसोसिएशन बिहार ने की, जबकि मंच संचालन हरिओम कुशवाहा, प्रदेश अध्यक्ष बिहार ABYKS (BHARAT) द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नागमणि कुशवाहा, राष्ट्रीय अध्यक्ष ABYKS (BHARAT) रहे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. पी.आर. किशोर (संरक्षक, आयुष मेडिकल एसोसिएशन बिहार), डॉ. विश्वनाथ साह, समाजसेवी प्रमोद कुमार, डॉ. संजय कुमार एवं डॉ. पंकज भूषण शामिल रहे। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।


आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानपूर्वक किया गया। इस अवसर पर चिकित्सा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई गणमान्य व्यक्तियों को “करुणा मैत्री अवार्ड 2026” से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डॉ. पीताम्बर दास वैष्णव, डॉ. पवन कुमार, डॉ. राजेश आनंद, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. राजकुमार, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. विशाल पाठक, ऋषिकेश गिरी, मो. साहिल खान, चंदन कुमार, प्रवीण एवं प्रदीप कुमार प्रमुख रहे।

कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए विदेश की सरज़मीं पर डॉ. पवन कुमार को आयुष मेडिकल एसोसिएशन बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया।

यह सेमिनार चिकित्सा, अनुसंधान एवं समाजसेवा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

5वें अंतरराष्ट्रीय साइंटिफिक सेमिनार एवं “करुणा मैत्री अवार्ड 2026” के सफल आयोजन के लिए आयुष मेडिकल एसोसिएशन बिहार की पूरी कोर कमेटी, सभी सदस्यों एवं पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।

बुधवार, 1 अप्रैल 2026

सम्राट अशोक के महल का पुनर्निर्माण किया जाए – जितेन्द्र कुशवाहा




जितेन्द्र कुशवाहा संस्थापक एवं समाजसेवी, संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन, ने कहा है कि भारत का गौरवशाली इतिहास हमारी अमूल्य धरोहर है, जिसे सहेजना और संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने महान शासक सम्राट अशोक के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके महल और ऐतिहासिक स्थलों का पुनर्निर्माण अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि बिहार जो कभी मौर्य साम्राज्य का केंद्र रहा है, आज अपने ऐतिहासिक गौरव को पुनः प्राप्त करने की प्रतीक्षा कर रहा है। सम्राट अशोक का भव्य महल, जो प्राचीन भारत की स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण था, आज केवल इतिहास की किताबों तक सीमित होकर रह गया है।

जितेन्द्र कुशवाहा ने यह भी कहा कि हमारे इतिहास को जानबूझकर दबाने का प्रयास किया गया है, जिससे नई पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से अनभिज्ञ हो रही है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतनी महान विरासत को उचित महत्व नहीं दिया जा रहा है।


उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि सम्राट अशोक के महल के पुनर्निर्माण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और इसे एक भव्य ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। इससे न केवल इतिहास का संरक्षण होगा, बल्कि रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

अंत में उन्होंने कहा कि यह केवल एक महल नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, पहचान और गौरव का प्रतीक है, जिसे पुनर्जीवित करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।