बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए सदस्यों की संख्या 21 से बढ़ाकर 51 की जाएगी, जिसमें 17 पद महिलाओं के लिए अनिवार्य रूप से आरक्षित रहेंगे। साथ ही 15 जुलाई 2026 तक सभी जिलों में सह-प्रभारी तथा सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारियों की नियुक्ति की जाएगी।
संगठन ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित लोगों को संरक्षक मंडल में शामिल करने का भी निर्णय लिया। इसके अतिरिक्त आगामी सितंबर माह में "छठ सेनानी सम्मान समारोह" आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की तिथि एवं स्थान की घोषणा शीघ्र की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि छठ महापर्व के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान हेतु संबंधित सरकारी अधिकारियों के साथ जल्द ही बैठकें शुरू की जाएंगी, ताकि समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।
विशेष रूप से यमुना नदी में वर्ष 2019 से पूर्व की भांति पुनः छठ महापर्व के आयोजन को लेकर सरकार, संबंधित अधिकारियों एवं मंत्रियों से मुलाकात की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर इस विषय में कानूनी लड़ाई लड़ने का भी निर्णय लिया गया।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने छठ महापर्व को राष्ट्रीय पर्व घोषित करने तथा दिल्ली में छठ महापर्व आयोग के गठन की मांग को लेकर व्यापक जनजागरण एवं हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया। इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ "छठ सेनानी सम्मान समारोह" के अवसर पर किया जाएगा।
बैठक में राष्ट्रीय संयोजक श्री रजनीश झा के साथ धनंजय सिंह, अरुण पंजियार, इंद्रमोहन यादव, राजमणि बिन्द, अशोक सिंह, दीक्षांत उपाध्याय, नीरज मेहता, चंद्र प्रताप सिंह, आर. के. जायसवाल, जितेंद्र कुशवाहा, आमोद कुमार, अनिल झा, इंद्रदेव प्रसाद महतो, दिवाकर यादव, सी. के. भट्ट, अमित झा, वीरपाल सिंह सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी उपस्थित सदस्यों ने संगठन के विस्तार, छठ महापर्व के बेहतर आयोजन, यमुना घाटों पर छठ पूजा की व्यवस्था तथा छठ महापर्व को राष्ट्रीय पर्व घोषित कराने के अभियान को लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव एवं विचार प्रस्तुत किए।
जय छठी मईया!


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें