सोमवार, 16 मार्च 2026

महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए डॉ. रूबी झा को “आत्मनिर्भर नारी सम्मान” से किया गया सम्मानित

 


नई दिल्ली। महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और समाज में स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को बढ़ावा देने के लिए इंद्रा क्लिनिक की संचालिका डॉ. रूबी झा को “आत्मनिर्भर नारी सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य, जागरूकता और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे सराहनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया।

डॉ. रूबी झा लंबे समय से महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रही हैं। वे नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर, परामर्श कार्यक्रम और जागरूकता अभियान के माध्यम से महिलाओं को सही स्वास्थ्य जानकारी प्रदान करती हैं। उनके प्रयासों से अनेक महिलाओं को समय पर इलाज और सही मार्गदर्शन मिल रहा है।

इस अवसर पर समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा  ने कहा कि समाज में महिलाओं के स्वास्थ्य की अनदेखी अक्सर बड़ी समस्याओं का कारण बन जाती है। ऐसे में डॉ. रूबी झा जैसी सामाजिक रूप से सक्रिय चिकित्सकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग और जागरूक बनाने का कार्य कर रही हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं  एवं समाजसेवी जीतेन्द्र कुशवाहा ने डॉ. रूबी झा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनका समर्पण और सेवा भावना समाज के लिए प्रेरणादायक है। “आत्मनिर्भर नारी सम्मान” के माध्यम से उनके प्रयासों को सम्मानित करना समाज के लिए गर्व की बात है।

डॉ. रूबी झा ने सम्मान प्राप्त करने के बाद कहा कि महिलाओं का स्वस्थ रहना पूरे परिवार और समाज के लिए आवश्यक है। उन्होंने भविष्य में भी महिलाओं के स्वास्थ्य और जागरूकता के लिए लगातार कार्य करते रहने का संकल्प व्यक्त किया।

सामाजिक कार्यों एवं नारी सशक्तिकरण के लिए ऊषा ठाकुर को “आत्मनिर्भर नारी सम्मान” से सम्मानित

 




नई दिल्ली। महिलाओं को समाज में सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता ऊषा ठाकुर को “आत्मनिर्भर नारी सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान महिला वित्तीय साक्षरता एवं व्यवसाय जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना, उन्हें वित्तीय ज्ञान से जोड़ना तथा स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आईं महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और महिलाओं के अधिकार, शिक्षा तथा आत्मनिर्भरता पर अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ऊषा ठाकुर लंबे समय से समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विशेष रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, शिक्षा के प्रति जागरूक करने तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनके प्रयासों से कई महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने की प्रेरणा मिली है।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं समाजसेवी जीतेन्द्र कुशवाहा ने ऊषा ठाकुर के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। इस सम्मान के माध्यम से उनके सामाजिक योगदान और नारी सशक्तिकरण के प्रति समर्पण को सम्मानित किया गया।

सम्मान प्राप्त करने के बाद ऊषा ठाकुर ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और वे आगे भी महिलाओं के उत्थान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

रविवार, 15 मार्च 2026

अमरेश मौर्य और जितेंद्र कुशवाहा समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता के लिए कर रहे हैं सराहनीय कार्य








नई दिल्ली। समाज में शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सामाजिक कार्यकर्ता अमरेश मौर्य और समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। दोनों मिलकर समाज को नई दिशा और गति देने के लिए विभिन्न जागरूकता अभियानों का संचालन कर रहे हैं।
इनके प्रयासों का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों तक शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाना है। अमरेश मौर्य और जितेंद्र कुशवाहा गांव-गांव और बस्ती-बस्ती जाकर लोगों को शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक कर रहे हैं, ताकि हर जरूरतमंद बच्चे तक शिक्षा पहुंच सके और वह अपने भविष्य को बेहतर बना सके।
इसके साथ ही दोनों सामाजिक कार्यकर्ता लोगों को गंभीर बीमारियों, विशेष रूप से कैंसर जैसी घातक बीमारी के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं। वे स्वास्थ्य शिविरों, जागरूकता कार्यक्रमों और संवाद के माध्यम से लोगों को समय पर जांच, सही उपचार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।



अमरेश मौर्य और जितेंद्र कुशवाहा का मानना है कि यदि समाज में शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तो देश का समग्र विकास संभव होगा। इसी उद्देश्य के साथ वे समाज के युवाओं और आम नागरिकों को भी सामाजिक कार्यों में आगे आने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
साथ ही दोनों समाजसेवी देश की प्रथम महिला शिक्षिका Savitribai Phule की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का भी कार्य कर रहे हैं। वे लोगों को सावित्रीबाई फुले के शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के संदेश से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।


समाज के प्रति समर्पित इस पहल को स्थानीय लोगों और युवाओं का भी समर्थन मिल रहा है। लोगों का मानना है कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और नई पीढ़ी को जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सविता सिंह कुशवाहा को “आत्मनिर्भर नारी सम्मान” से सम्मानित किया गया

 



नई दिल्ली। महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में संसार जन कल्याण एक किरण फाउंडेशन की उपाध्यक्ष सविता सिंह कुशवाहा को “आत्मनिर्भर नारी सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें समाज सेवा, महिला जागरूकता और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे उनके सराहनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सविता सिंह कुशवाहा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे लगातार महिलाओं को शिक्षा, आर्थिक जागरूकता और स्वरोजगार के प्रति प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से कई महिलाओं को आगे बढ़ने और अपने पैरों पर खड़े होने की प्रेरणा मिली है।


कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और जब महिलाएं सशक्त होंगी तभी समाज और देश की प्रगति संभव है।

इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं।

कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथि, सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाएं उपस्थित रहीं तथा सभी ने सविता सिंह कुशवाहा को इस सम्मान के लिए बधाई दी।


महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल, महिलाओं को मिला ‘आत्मनिर्भर नारी सम्मान’”

 



नई दिल्ली। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से Women Financial Literacy & Business Awareness Campaign का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम NGO INSIDE (INEF) द्वारा बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी (BWS) और MFG Foundation के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, समाजसेवियों और गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय साक्षरता, बचत, स्वरोजगार और छोटे व्यवसाय के अवसरों के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान विशेषज्ञों ने महिलाओं को बैंकिंग, निवेश, डिजिटल भुगतान और उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

कार्यक्रम की शुरुआत महान समाज सुधारक Savitribai Phule को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की गई। उनके महिला शिक्षा और समाज सुधार में दिए गए योगदान को याद करते हुए उपस्थित सभी लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर महिलाओं के सामाजिक योगदान और प्रेरणादायक कार्यों के लिए उन्हें “आत्मनिर्भर नारी सम्मान” से सम्मानित किया गया और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के दौरान NGO INSIDE (INEF) के Founder Amresh Maurya ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह अभियान महिलाओं को वित्तीय साक्षरता, छोटे व्यवसाय और डिजिटल शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी (BWS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष Sanjay Bhai ने कहा कि आज के दौर में महिलाओं के लिए वित्तीय साक्षरता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब महिला शक्ति जागरूक और सशक्त होगी तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः दिखाई देगा।

वहीं समाजसेवी Jitendra Kushwaha ने अपने विचार रखते हुए कहा कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, शिक्षा और आर्थिक जानकारी मिले तो वे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं और देश की प्रगति में भी अहम योगदान दे सकती हैं।

MFG Foundation के Founder Dinesh Maurya ने युवा सशक्तिकरण और शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं को सही दिशा और अवसर मिलने पर वे समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम में संजय भाई, शिखा त्यागी, राजकुमार धनवारिया, गीता धनवारिया, सविता सिंह कुशवाहा, डॉ. इंदु जैन, शशिकला कौशिक, अलका मिश्रा, प्रभा सिंह, नमिता पांडेय, प्रीति झा, पूनम तिवारी, ऊषा देवी, लक्ष्मी देवी, गीता राव, बेबी यादव, उषा ठाकुर, डॉ. रूबी झा, निशा मौर्य, रश्मि कथूरिया, रोशनी रावत, विभा संजय, सीमा कुमारी और रेनू शर्मा सहित अनेक समाजसेवी उपस्थित रहे।

अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।





गुरुवार, 12 मार्च 2026

आने वाली पीढ़ी के लिए मजबूत समाज बनाना जरूरी — समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा


 समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि समाज का विकास और उसकी मजबूती केवल आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि हम आज अपने समाज को शिक्षित, संगठित और जागरूक बनाने का प्रयास नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को एक मजबूत आधार नहीं मिल पाएगा।

उन्होंने कहा कि अक्सर लोग उनसे पूछते हैं कि सामाजिक जीवन से उन्हें क्या मिलता है और वे समाज की चिंता क्यों करते रहते हैं। इस पर उनका कहना है कि समाज के विकास में छोटा सा योगदान देना ही उनके लिए सबसे बड़ा सुख और संतोष का कारण है। जिस प्रकार व्यक्ति भोजन करने के बाद संतुष्टि और आनंद महसूस करता है, उसी प्रकार समाज के लिए कुछ समय देना उन्हें आत्मिक खुशी देता है।

जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि आज कई लोग अपना समय व्यर्थ की गतिविधियों में बिताते हैं, लेकिन उन्होंने यह संकल्प लिया है कि अपने जीवन का एक हिस्सा समाज की सेवा और उसके विकास के लिए समर्पित करेंगे। उनका मानना है कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति थोड़ा-थोड़ा समय और सहयोग समाज के लिए देगा, तो समाज तेजी से आगे बढ़ सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि समाज को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाना हम सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। विशेष रूप से शिक्षा के माध्यम से समाज को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी दिशा में वे लगातार प्रयास कर रहे हैं और समाज के लोगों को भी आगे आकर योगदान देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल वर्तमान में काम करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा मजबूत मंच तैयार करना है, जिससे वे भी समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि समाज एकजुट होकर आगे बढ़ेगा, तो निश्चित रूप से एक मजबूत और विकसित समाज का निर्माण संभव होगा।

बुधवार, 11 मार्च 2026

समाज में युवाओं की भागीदारी – जितेंद्र कुशवाहा

 


आज का युवा देश और समाज की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़े, तो समाज में बड़े बदलाव संभव हैं। सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि युवाओं की भागीदारी से ही समाज में जागरूकता, विकास और एकता को मजबूत किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को केवल अपने करियर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए भी आगे आना चाहिए। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंद लोगों की मदद जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

जितेंद्र कुशवाहा ने यह भी कहा कि डिजिटल युग में युवाओं के पास समाज को जागरूक करने के कई माध्यम हैं। सोशल मीडिया के जरिए सकारात्मक संदेश, सामाजिक अभियानों और जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकता है। यदि युवा अपनी ऊर्जा और समय का कुछ हिस्सा समाज सेवा के लिए समर्पित करें, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन तेज़ी से दिखाई देगा।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आपसी भाईचारे, एकता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा दें। समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की मदद करना हर युवा का नैतिक कर्तव्य है।

अंत में जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मजबूत और विकसित समाज का निर्माण तभी संभव है जब युवा अपनी जिम्मेदारी समझें और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।