समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि समाज का विकास और उसकी मजबूती केवल आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि हम आज अपने समाज को शिक्षित, संगठित और जागरूक बनाने का प्रयास नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को एक मजबूत आधार नहीं मिल पाएगा।
उन्होंने कहा कि अक्सर लोग उनसे पूछते हैं कि सामाजिक जीवन से उन्हें क्या मिलता है और वे समाज की चिंता क्यों करते रहते हैं। इस पर उनका कहना है कि समाज के विकास में छोटा सा योगदान देना ही उनके लिए सबसे बड़ा सुख और संतोष का कारण है। जिस प्रकार व्यक्ति भोजन करने के बाद संतुष्टि और आनंद महसूस करता है, उसी प्रकार समाज के लिए कुछ समय देना उन्हें आत्मिक खुशी देता है।
जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि आज कई लोग अपना समय व्यर्थ की गतिविधियों में बिताते हैं, लेकिन उन्होंने यह संकल्प लिया है कि अपने जीवन का एक हिस्सा समाज की सेवा और उसके विकास के लिए समर्पित करेंगे। उनका मानना है कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति थोड़ा-थोड़ा समय और सहयोग समाज के लिए देगा, तो समाज तेजी से आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि समाज को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाना हम सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। विशेष रूप से शिक्षा के माध्यम से समाज को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी दिशा में वे लगातार प्रयास कर रहे हैं और समाज के लोगों को भी आगे आकर योगदान देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल वर्तमान में काम करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा मजबूत मंच तैयार करना है, जिससे वे भी समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि समाज एकजुट होकर आगे बढ़ेगा, तो निश्चित रूप से एक मजबूत और विकसित समाज का निर्माण संभव होगा।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें