शुक्रवार, 8 मई 2026

नाबालिगों में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति पर समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने जताई चिंता

नई दिल्ली।संजय कॉलोनी, भाटी माइंस क्षेत्र में हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना में एक 16 वर्षीय नाबालिग द्वारा 14 वर्षीय बच्चे की हत्या किए जाने पर समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने गहरी चिंता व्यक्त की है।उन्होंने कहा कि आज के समय में नाबालिग बच्चों द्वारा हत्या जैसे गंभीर अपराध करना अत्यंत चिंताजनक विषय बनता जा रहा है। इससे समाज को बहुत बड़ी क्षति हो रही है। उन्होंने कहा कि कुछ नाबालिगों में नशे की लत, गलत संगति और अपराध जगत में नाम कमाने की मानसिकता तेजी से बढ़ रही है, जो समाज के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।


जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि “जिस प्रकार से कम उम्र के बच्चे अपराध की ओर बढ़ रहे हैं, वह आने वाले समय के लिए अत्यंत भयावह स्थिति पैदा कर सकता है। हत्या जैसी घटनाओं से केवल एक व्यक्ति की जान नहीं जाती, बल्कि पूरा परिवार आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से टूट जाता है।”उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की कि ऐसे मामलों में कानून को और अधिक सख्त बनाया जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति — चाहे वह नाबालिग ही क्यों न हो — गंभीर अपराध करने से पहले कई बार सोचने को मजबूर हो। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो समाज में अराजकता और भय का माहौल बढ़ सकता है।समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें, उन्हें नशे और गलत संगति से दूर रखें तथा नैतिक शिक्षा और संस्कारों पर जोर दें।उन्होंने कहा कि समाज, परिवार, प्रशासन और सरकार को मिलकर इस बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति को रोकने के लिए गंभीर प्रयास करने होंगे, तभी एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।


 

रविवार, 26 अप्रैल 2026

पूर्वांचल छठ पूजा समिति भाटी माइंस के कोषाध्यक्ष अशोक पंडित की शादी की सालगिरह पर समाजसेवियों ने दिया आशीर्वाद




नई दिल्ली, भाटी माइंस क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का सुंदर उदाहरण उस समय देखने को मिला जब पूर्वांचल छठ पूजा समिति भाटी माइंस के कोषाध्यक्ष श्री अशोक पंडित जी की शादी की सालगिरह पर उन्हें शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देने के लिए कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे।


इस अवसर पर संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक एवं समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा, पूर्वांचल छठ पूजा समिति के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार, समाजसेवी विकास कुमार, कुलदीप वर्मा, संतोष कुमार तथा अपर्णा  सर्व सेवा समिति के संस्थापक अमित कुमार ने श्री अशोक पंडित एवं उनके परिवार को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।



सभी उपस्थित गणमान्य लोगों ने उनके स्वस्थ, समृद्ध एवं खुशहाल जीवन की कामना करते हुए समाज सेवा और सामाजिक एकता को और मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सहयोग, भाईचारा और जनकल्याण के प्रति सभी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।



यह आयोजन सामाजिक एकजुटता, पारिवारिक मूल्यों और समाज के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण बना।

रविवार, 19 अप्रैल 2026

“जहां बिहार, वहां विकास” के संकल्प के साथ दिल्ली में सशक्त पहल

 

नई दिल्ली। “जहां बिहार, वहां विकास” के उद्देश्य को लेकर राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल की जा रही है। इस अभियान को बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी (BWS) के जन सम्पर्क अधिकारी एवं समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में रह रहे बिहार के लोगों को एक मंच पर लाकर उनकी सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाना, संगठन को मजबूत करना तथा आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक दिशा में उन्हें सशक्त करना है। इसके अंतर्गत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, जनजागरूकता अभियान, सामाजिक संवाद और युवाओं को जोड़ने के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं।

समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि “बिहार की पहचान उसकी संस्कृति, मेहनत और एकता में है। यदि हम सभी एकजुट होकर कार्य करें, तो न केवल समाज बल्कि देश के विकास में भी अहम योगदान दे सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि संस्था का उद्देश्य शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से बिहारी समाज को नई दिशा देना है।

बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी के सहयोग से चल रही यह पहल भविष्य में और व्यापक रूप लेगी, जिससे दिल्ली सहित पूरे देश में बिहारी समाज की एक सशक्त और सकारात्मक पहचान स्थापित होगी।

बुधवार, 15 अप्रैल 2026

“सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई रफ्तार पकड़ेगा बिहार”– समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा

 

बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई देते हुए अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को सम्राट चौधरी से काफी उम्मीदें हैं और उनके नेतृत्व में बिहार एक नई दिशा की ओर अग्रसर होगा। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य में एक सकारात्मक माहौल और नई ऊर्जा का संचार हुआ है, जिससे विकास की नई संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि आज बिहार के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। यदि राज्य के युवाओं को सही दिशा और अवसर मिले, तो बिहार तेजी से विकास की ओर बढ़ सकता है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में यह अपेक्षा की जा रही है कि उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, निवेश आएगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा।

जितेंद्र कुशवाहा ने आगे कहा कि बिहार को समृद्ध और विकसित राज्य बनाने के लिए मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट नीतियां और त्वरित निर्णय अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सम्राट चौधरी अपने नेतृत्व कौशल से इन सभी अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे और राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

अंत में उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब परिणाम चाहती है और यह समय है कि विकास के नए आयाम स्थापित किए जाएं। मजबूत नेतृत्व, सशक्त युवा और संगठित प्रयासों के माध्यम से ही “समृद्ध एवं विकसित बिहार” का सपना साकार हो सकता है।


मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

AI बनता जा रहा है कार्य जीवन की रीढ़ — समय की सच्चाई


 नई दिल्ली: आज के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से हमारे कार्य जीवन का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। यह बदलाव अचानक नहीं, बल्कि धीरे-धीरे और व्यवस्थित रूप से हो रहा है। AI अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ऑफिस कार्य, व्यापार, शिक्षा, बैंकिंग और दैनिक गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

AI ने शुरुआत एक सहायक के रूप में की थी — जैसे ईमेल सुझाव देना, भाषा सुधारना, डेटा विश्लेषण करना आदि। लेकिन अब यह कस्टमर सर्विस, अकाउंटिंग, डिजाइनिंग, कोडिंग और निर्णय प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी सक्रिय योगदान दे रहा है। कई संस्थानों में AI अब सिर्फ एक टूल नहीं, बल्कि कार्य प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।

इस परिवर्तन के बीच एक महत्वपूर्ण सवाल उठता है कि क्या AI नौकरियों के लिए खतरा है? विशेषज्ञों का मानना है कि AI सीधे तौर पर नौकरियां समाप्त नहीं कर रहा, बल्कि कार्य के स्वरूप को बदल रहा है। पारंपरिक और दोहराव वाले कार्यों में कमी आ रही है, जबकि AI आधारित नई भूमिकाएं जैसे AI ट्रेनर, ऑटोमेशन एक्सपर्ट और डेटा विश्लेषक उभर कर सामने आ रही हैं।

भारत सहित पूरी दुनिया में यह बदलाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। IT सेक्टर, बैंकिंग, शिक्षा और स्टार्टअप्स में AI का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।

इस विषय पर विचार व्यक्त करते हुए अमरेश मौर्य ने कहा कि, “भविष्य का कार्यस्थल ‘AI बनाम इंसान’ नहीं होगा, बल्कि ‘AI के साथ काम करने वाला इंसान’ होगा। इसलिए जरूरी है कि हम AI को समझें, सीखें और समय के साथ खुद को विकसित करें।”

यह समय AI से डरने का नहीं, बल्कि इसे अपनाने का है। क्योंकि AI अब भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान है — जो चुपचाप हमारे हर कार्य की रीढ़ बनता जा रहा है।


सोमवार, 13 अप्रैल 2026

भारत स्वाभिमान समारोह एवं भव्य शोभा यात्रा का आयोजन

 

नई दिल्ली। अखंड भारत उत्थान महासंघ द्वारा “भारत स्वाभिमान समारोह” का भव्य आयोजन कुतुब विहार, नई दिल्ली में हर्षोल्लास एवं गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के महान महापुरुषों एवं राष्ट्रनिर्माताओं के जन्मोत्सव माह को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण भव्य शोभा यात्रा रही, जो कुतुब विहार क्षेत्र में निकाली गई। इस शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और देशभक्ति नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा, जिससे वातावरण पूर्णतः राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया।

समारोह में प्रमुख रूप से एडवोकेट हेमंत मौर्य, एडवोकेट चंद्रगुप्त मौर्य, अनित मौर्य, कैलाश बाबू, मनोज मेहता, रामवध वर्मा, श्रीचंद मौर्य सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। साथ ही जितेंद्र कुशवाहा बुद्ध फाउंडेशन के संस्थापक एवं समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा की विशेष उपस्थिति रही, जिन्होंने समाज में शिक्षा, जागरूकता और एकता के महत्व पर जोर दिया।


इस अवसर पर  बुद्धा फाउंडेशन  के अध्यक्ष- कैलाश बाबू को समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा द्वारा विजय ध्वज स्मारिका देकर सम्मानित किया गया, जो कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण क्षण रहा।

अपने संबोधन में जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि “समाजसेवा ही मेरा धर्म है” और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने महापुरुषों के आदर्शों को अपनाकर समाज को सशक्त बनाने में योगदान दें।

कार्यक्रम के दौरान महापुरुषों के चित्रों के माध्यम से उनके जीवन एवं योगदान को प्रदर्शित किया गया, जिससे उपस्थित लोगों को प्रेरणा मिली। समारोह का वातावरण देशभक्ति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बना रहा।

अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


मंगलवार, 7 अप्रैल 2026

सामाजिक समरसता से ही मजबूत होगा राष्ट्र – जितेन्द्र कुशवाहा

 

समाज में बढ़ती विभाजनकारी सोच और आपसी भेदभाव के इस दौर में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक हो गया है। समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि समरसता ही वह मूल आधार है, जिस पर एक सशक्त, संगठित और विकसित समाज का निर्माण संभव है।

उन्होंने कहा कि आज समाज अनेक वर्गों, जातियों, धर्मों और विचारधाराओं में बंटता जा रहा है, जिससे आपसी दूरी और असमानता बढ़ रही है। ऐसे समय में हमें सभी के प्रति समान भाव, आपसी सम्मान और एकता की भावना को अपनाने की जरूरत है। जब हम एक-दूसरे के धर्म, संस्कृति और विचारों का सम्मान करते हैं, तभी सच्चे अर्थों में भाईचारा स्थापित होता है।

जितेन्द्र कुशवाहा ने आगे कहा कि सामाजिक समरसता से न केवल विवाद कम होते हैं, बल्कि समाज में प्रेम, सहयोग और विश्वास भी मजबूत होता है। एक समरस समाज में हर व्यक्ति को समान अवसर मिलता है, जिससे वह अपनी क्षमताओं का पूर्ण विकास कर सकता है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमें अपने भीतर से ऊँच-नीच और भेदभाव की भावना को समाप्त करना होगा और "वसुधैव कुटुंबकम्" की भावना को अपनाना होगा। समाज तभी प्रगति करेगा, जब हर वर्ग और हर व्यक्ति साथ मिलकर आगे बढ़ेगा।

अंत में उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे सामाजिक समरसता को केवल एक विचार न मानें, बल्कि इसे अपने जीवन और व्यवहार में उतारें।

🙏 एकता में ही शक्ति है, और समरसता में ही समाज की सच्ची उन्नति।