कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण तथा सामाजिक जागरूकता के प्रति प्रेरित करना था। अतिथियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागियों को जीवन में आगे बढ़ने और समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन में अभिनेता गुलशन पांडेय ने वर्तमान समय में बढ़ रहे विभिन्न प्रकार के अपराधों, साइबर अपराध, सामाजिक धोखाधड़ी तथा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे बड़ा माध्यम है। बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला और उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
गुलशन पांडेय ने कहा कि देश के भविष्य का निर्माण आज के बच्चे ही करेंगे। यदि बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर मुख्यधारा से जुड़ते हैं, तो वे विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने बच्चों से अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर महिला न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में योगदान देती है। उन्होंने अमृततुल्य फाउंडेशन द्वारा संचालित सिलाई प्रशिक्षण केंद्र की सराहना करते हुए महिलाओं को सिलाई एवं अन्य कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे अपने हुनर को पहचानें और उसे रोजगार एवं स्वरोजगार का माध्यम बनाकर अपने जीवन को बेहतर बनाएं।
कार्यक्रम में उपस्थित फिल्म निदेशक संजय ने बच्चों की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए उन्हें फिल्म, नाटक और डॉक्यूमेंट्री जैसे रचनात्मक क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने बच्चों को आश्वासन दिया कि भविष्य में वे उनके साथ मिलकर एक प्रेरणादायक डॉक्यूमेंट्री का निर्माण करेंगे, जिससे उनकी प्रतिभा को व्यापक मंच मिल सकेगा।
वहीं डीएसएल अंग्रेजी के शिक्षक एवं प्रसिद्ध मोटिवेटर संदीप मुद्गल ने बच्चों को अंग्रेजी भाषा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अंग्रेजी ज्ञान शिक्षा, रोजगार और संचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बच्चों को रोजमर्रा की जिंदगी में अंग्रेजी के छोटे-छोटे शब्दों और वाक्यों का प्रयोग करने की सलाह दी, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़े और वे भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार हो सकें।
इस अवसर पर अमृततुल्य फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष अमित कुमार पंडित ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने बताया कि संस्था लगातार शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास तथा सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों और महिलाओं को नई दिशा देने का कार्य करते हैं तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होते हैं।
अमृततुल्य फाउंडेशन की पाठशाला में शिक्षा प्रदान कर रहे स्वयंसेवी विद्यार्थियों अनिता कुमारी, नसरीन शेख, दीपांशु कुमार, शिव कुमार, शिवानी सोनी, अनुराधा कुमारी, पुष्पा कुमारी, ब्यूटी कुमारी एवं सौम्य सोनी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, स्वयंसेवकों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उपस्थित लोगों ने अमृततुल्य फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों की सराहना की तथा भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

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