इस अवसर पर गरीबों के नेता एडवोकेट अनिल कुमार पटेल, अमीन राकेश पासवान तथा स्थानीय नागरिकों एवं युवाओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान एक स्थानीय चाय दुकान पर आम लोगों के बीच बैठकर सामाजिक मुद्दों, विकास और जनभागीदारी पर खुलकर चर्चा की गई। इस अनौपचारिक संवाद ने यह संदेश दिया कि समाज की वास्तविक ताकत आम नागरिकों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए कार्य करने में है।
अपने संबोधन में संजय भाई ने कहा कि बिहार की पहचान केवल उसके गौरवशाली इतिहास से नहीं, बल्कि उसके मेहनतकश लोगों, युवाओं और सामाजिक चेतना से भी है। उन्होंने कहा कि यदि समाज के सभी लोग जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर विकास के लिए एकजुट हों, तो बिहार देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और सामाजिक सेवा को राज्य के समग्र विकास की आधारशिला बताया।
एडवोकेट अनिल कुमार पटेल ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही सच्ची समाजसेवा है। वहीं अमीन राकेश पासवान ने युवाओं से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने और सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने "जहां बिहार – वहां विकास" के संकल्प को आगे बढ़ाने तथा समाजहित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी ने स्पष्ट किया कि संगठन भविष्य में भी बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों में सामाजिक जागरूकता, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण से जुड़े अभियान लगातार संचालित करता रहेगा।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें