Breaking News / सूचना

Loading today's news...
🚨 अपनी खबर, प्रेस विज्ञप्ति, फोटो एवं वीडियो प्रकाशित कराने के लिए WhatsApp करें 📲 9891374341 | Email id: samajikjagruktatimes@gmail.com

गुरुवार, 6 अगस्त 2026

जनसंख्या के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर हो प्राथमिकता: दिनेश कुमार कुशवाहा

 

नई दिल्ली। प्रकृति सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष दिनेश कुमार कुशवाहा ने कहा है कि यदि देश में बढ़ती जनसंख्या के आधार पर संसद में सांसदों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है, तो उससे पहले आम नागरिकों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, परिवहन और प्रशासनिक सेवाओं का समान अनुपात में विस्तार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति उसकी जनता होती है। ऐसे में विकास की प्राथमिकता आम नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना होना चाहिए। उनका कहना है कि देश के अनेक क्षेत्रों में सरकारी विद्यालयों का विलय किया जा रहा है, जबकि शिक्षकों को पढ़ाई के अलावा चुनाव, जनगणना और विभिन्न सरकारी कार्यों में लगाया जाता है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है और विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है।

लगनीरत्न सम्मान से सम्मानित हुए अमृततुल्य फाउंडेशन के संस्थापक अमित कुमार पंडित, सामाजिक सेवा को मिला राष्ट्रीय सम्मान

स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता उसी अनुपात में नहीं बढ़ी है। इसके कारण मरीजों को लंबी प्रतीक्षा, समय पर उपचार न मिलने और आवश्यक जांच में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उनका सुझाव है कि बढ़ती आबादी के अनुरूप स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार किया जाए।

रेल परिवहन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नई ट्रेनों का संचालन स्वागत योग्य है, लेकिन सामान्य यात्रियों के लिए किफायती और सुलभ रेल सेवाओं का पर्याप्त विस्तार भी आवश्यक है। भीड़, लंबी प्रतीक्षा सूची और टिकट संबंधी कठिनाइयों का समाधान जनसंख्या वृद्धि के अनुरूप किया जाना चाहिए।

एनजीओ इंसाइड ने अपर्णा सर्व सेवा समिति को कैरम बोर्ड भेंट किया, जरूरतमंदों की मदद की अपील

उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में रिक्त पद होने के कारण नागरिकों को प्रमाण-पत्र, पेंशन, राजस्व, पुलिस और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक विलंब का सामना करना पड़ता है। प्रशासनिक व्यवस्था को भी समय के साथ मजबूत बनाया जाना चाहिए।

दिनेश कुमार कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि सांसद लोकतंत्र के महत्वपूर्ण प्रतिनिधि हैं और उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। लेकिन यदि स्कूलों में शिक्षक, अस्पतालों में डॉक्टर, सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी और सार्वजनिक सेवाओं में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होंगे, तो केवल सांसदों की संख्या बढ़ाने से आम जनता की समस्याओं का समाधान संभव नहीं होगा।

उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि सांसदों की संख्या बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय से पहले शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, परिवहन और प्रशासनिक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए मजबूत किया जाए। साथ ही नागरिकों से भी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपने संवैधानिक अधिकारों और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

✍️ दिनेश कुमार कुशवाहा
अध्यक्ष, प्रकृति सेवा फाउंडेशन

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

जनसंख्या के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर हो प्राथमिकता: दिनेश कुमार कुशवाहा

  नई दिल्ली। प्रकृति सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष दिनेश कुमार कुशवाहा ने कहा है कि यदि देश में बढ़ती जनसंख्या के आधार पर संसद में सांसदों की स...

प्रिय पाठकों, आपका स्वागत है।

🙏 पढ़ने के लिए धन्यवाद। सामाजिक जागरूकता टाइम्स के साथ जुड़े रहें।🙏