नई दिल्ली, 05 जुलाई 2026। छठ महापर्व समन्वय मंच ने छठ महापर्व को राष्ट्रीय पर्व घोषित कराने की राष्ट्रव्यापी मांग को और गति देने के उद्देश्य से दक्षिण-पश्चिम दिल्ली जिला की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक का नेतृत्व जिला प्रभारी राजमणि बिन्द ने किया। बैठक में जिले की विभिन्न छठ पूजा समितियों से जुड़े मुद्दों, संगठन के विस्तार और छठ महापर्व के बेहतर एवं समस्या-मुक्त आयोजन पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जुलाई के अंत तक जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों में 11-सदस्यीय टीम तथा सभी वार्डों में 5-सदस्यीय टीम गठित की जाएगी। इसके साथ ही पूर्वांचल समाज के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित लोगों को संरक्षक के रूप में जोड़कर संगठन को और मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया। आगामी सितंबर माह में प्रस्तावित "छठ सेनानी सम्मान समारोह" में जिले की सभी छठ पूजा समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी।
बैठक में छठ महापर्व को राष्ट्रीय पर्व घोषित करने, दिल्ली में छठ महापर्व आयोग के गठन, DDA की भूमि पर छठ पूजा के लिए लिए जाने वाले शुल्क को समाप्त करने, दिल्ली सरकार द्वारा छठ महापर्व का अधिसूचना (नोटिफिकेशन) छठ से 45 दिन पूर्व जारी करने तथा वर्ष 2019 से पूर्व की भांति यमुना नदी में पुनः छठ महापर्व के आयोजन की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
जिला प्रभारी राजमणि बिन्द ने कहा कि छठ महापर्व करोड़ों लोगों की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। जब तक इन मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक संगठन जनजागरण अभियान को निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा।
छठ महापर्व समन्वय मंच ने स्पष्ट किया कि वह छठ व्रतियों, पूजा समितियों तथा पूर्वांचल समाज के अधिकारों और सुविधाओं के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपना अभियान जारी रखेगा।
संवाददाता : जितेंद्र कुशवाहा
दिनांक : 05 जुलाई 2026
स्थान : नई दिल्ली


