रविवार, 25 जनवरी 2026
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर ‘MY BHARAT MY VOTE’ पदयात्रा का आयोजन
दिल्ली इंस्टिट्यूट ऑफ़ पैरामेडिकल टेक्नोलॉजी में गणतंत्र दिवस पर डॉक्टर रूबी का सम्मान
दिल्ली इंस्टिट्यूट ऑफ़ पैरामेडिकल टेक्नोलॉजी के कार्यालय में गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ हुई। इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए डॉक्टर रूबी को माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
संस्थान के पदाधिकारियों ने डॉक्टर रूबी के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे न केवल एक समर्पित चिकित्सक हैं, बल्कि समाज सेवा की भावना से प्रेरित होकर निरंतर जनहित में कार्य कर रही हैं। उनका योगदान युवाओं और पैरामेडिकल छात्रों के लिए प्रेरणादायक है।
सम्मान प्राप्त करते हुए डॉक्टर रूबी ने संस्थान का आभार व्यक्त किया और कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर सम्मान मिलना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने संविधान के मूल्यों को अपनाने और समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में सभी ने राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
बुधवार, 21 जनवरी 2026
शिक्षा जागरूकता से ही संभव है दिल्ली में रह रहे पूर्वांचल समाज का विकास : जितेन्द्र कुशवाहा
नई दिल्ली। दिल्ली में रह रहे पूर्वांचल समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के प्रति जागरूकता को अनिवार्य बताते हुए समाजसेवी एवं बिहारी वेलफेयर सोसाइटी के जनसंपर्क अधिकारी तथा संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार शिक्षा है। उन्होंने कहा, “दिल्ली में रह रहे पूर्वांचल समाज के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करके ही पूर्वांचल समाज का वास्तविक विकास संभव हो सकता है।”
जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि महानगर में रहने के बावजूद पूर्वांचल समाज का एक बड़ा वर्ग आज भी शैक्षणिक जागरूकता, मार्गदर्शन और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। शिक्षा के अभाव में समाज के युवा अपनी क्षमताओं के अनुरूप अवसर प्राप्त नहीं कर पाते, जिससे सामाजिक और आर्थिक प्रगति प्रभावित होती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, सामाजिक चेतना और नेतृत्व क्षमता का आधार है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। साथ ही युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर समाज के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
बिहारी वेलफेयर सोसाइटी और संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा जागरूकता, मार्गदर्शन और सामाजिक संवाद जैसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज शिक्षित होगा, तभी वह संगठित, सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकेगा।
जितेन्द्र कुशवाहा ने विश्वास जताया कि शिक्षा को जन-आंदोलन बनाकर दिल्ली में रह रहा पूर्वांचल समाज नई दिशा और नई पहचान स्थापित करेगा।
मंगलवार, 20 जनवरी 2026
बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी(BWS) ने वर्ल्ड बुक फेयर 2026 में फ्री इंट्री सभी को देने के लिए नेशनल बुक ट्रस्ट को ऐतिहासिक के कदम बताया-संजय भाई
बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी (BWS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय भाई के नेतृत्व में NBT के अध्यक्ष प्रोफेसर मिलिंद सुधाकर मराठे एवं संयुक्त निदेशक राकेश कुमार यादव को साहित्य देकर सामुहिक रुप से बधाई दिया!
इस अवसर पर सोशल गुरु संजय भाई, लेखक डॉ. विजय कुमार प्रसाद, डॉ. रंजीत कुमार, राजेश कुमार यादव, समाजसेवी पी. के. सिन्हा तथा शिव शुक्ला (NRI) , अनुप मौर्या, मनीष कुमार सिंह, अधिकांत यादव एवं विन्नी सिंह आदि उपस्थित रहे। सभी गणमान्य अतिथियों ने प्रो. मराठे जी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके कुशल मार्गदर्शन में विश्व बुक मेला 2026 ने साहित्य, संस्कृति और ज्ञान के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
सोशल गुरु संजय भाई ने कहा इस बार फ्री इंट्री होने से आम लोगों को टिकट लेने लंबी लाइन बचना पड़ा हैं! पुस्तक प्रेमी भूरी -भूरी प्रशंसा नेशनल बुक ट्रस्ट को कर रहे हैं! विश्व में एक नया संदेश देने का कार्य नेशनल बुक ट्रस्ट ने किया हैं! भारत का नाम हुआ हैं!NBT के पुरी टीम को बहुत बहुत बधाई के पात्र हैं!
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि विश्व बुक मेला केवल पुस्तकों का उत्सव नहीं, बल्कि यह विचारों के आदान-प्रदान, भाषा-संस्कृति के संरक्षण और पाठक-लेखक संवाद का सशक्त मंच है। प्रो. मराठे जी ने भी सभी साहित्यकारों, प्रकाशकों, पाठकों और आयोजक टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से पठन संस्कृति को बढ़ावा मिलता है और नई पीढ़ी को ज्ञान से जोड़ने की प्रेरणा मिलती है।
साहित्य भेंट कर किए गए !इस सम्मान से यह संदेश गया कि समाज, साहित्य और शिक्षा के बीच सुदृढ़ संवाद ही राष्ट्र के बौद्धिक विकास की आधारशिला है। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
शनिवार, 17 जनवरी 2026
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) द्वारा मकर संक्रांति पर दही–चूड़ा कार्यक्रम का आयोजन
नई दिल्ली।
सुख, समृद्धि और खुशहाली के पावन पर्व मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से पारंपरिक दही–चूड़ा कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्र सरकार में मंत्री माननीय श्री चिराग पासवान जी तथा बिहार के राज्यपाल माननीय श्री आरिफ मोहम्मद खान जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद माननीया बीना देवी जी, माननीय अरुण भारती जी, माननीय राजेश वर्मा जी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने एक-दूसरे को मकर संक्रांति एवं नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और सांस्कृतिक परंपराओं के महत्व पर प्रकाश डाला।
इसी अवसर पर चिकित्सा सेवा प्रकोष्ठ, दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. विभु आनंद की ओर से सभी सम्मानित अतिथिगणों से मुलाकात करने का अवसर प्राप्त हुआ। इस दौरान नववर्ष एवं मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं तथा जनकल्याण और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सतत सहयोग के संकल्प को दोहराया गया।
कार्यक्रम का वातावरण उत्साहपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सामाजिक एकता को सशक्त करने वाला रहा।
समाज के संपूर्ण विकास के लिए स्वास्थ्य जागरूकता आवश्यक — जितेन्द्र कुशवाहा
नई दिल्ली।
समाज के संपूर्ण और सतत विकास के लिए नागरिकों का शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ होना अत्यंत आवश्यक है। इसी को रेखांकित करते हुए समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि “समाज के संपूर्ण विकास में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना समाजसेवियों का परम धर्म है।”
उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होता है। आज बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान, प्रदूषण और तनाव के कारण अनेक गंभीर बीमारियाँ तेजी से फैल रही हैं। ऐसे में समाजसेवियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे आमजन को स्वास्थ्य के प्रति सजग करें, नियमित जांच, स्वच्छता, योग, व्यायाम और संतुलित आहार को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करें।
जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सुविधाएँ पहुँचाना समाजसेवा का वास्तविक उद्देश्य है। स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता अभियान, नशा मुक्ति, स्वच्छ भारत जैसे कार्यक्रम समाज को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि “इलाज से बेहतर बचाव है” के सिद्धांत को जन-जन तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है। जब समाज का हर व्यक्ति स्वस्थ होगा, तभी शिक्षा, रोजगार और सामाजिक समरसता का सपना साकार हो सकेगा।
अंत में उन्होंने सभी समाजसेवियों, युवाओं और संगठनों से आह्वान किया कि वे स्वास्थ्य जागरूकता को जनआंदोलन बनाएं और एक स्वस्थ, सशक्त एवं आत्मनिर्भर समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
शुक्रवार, 16 जनवरी 2026
समाजसेवी का दर्द और समाज के प्रति जिम्मेदारी — जितेन्द्र कुशवाहा
नई दिल्ली, समाजसेवा केवल एक कार्य नहीं, बल्कि त्याग, संघर्ष और संवेदनशीलता से भरी एक सतत यात्रा है। एक समाजसेवी का दर्द समाज के प्रति उसकी गहरी जिम्मेदारी से जुड़ा होता है। वह अपनी व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं को पीछे छोड़कर समाज के वंचित, शोषित और जरूरतमंद वर्ग के लिए कार्य करता है। समाजसेवी का जीवन अक्सर चुनौतियों, उपेक्षा और आलोचनाओं से भरा होता है, लेकिन फिर भी उसका संकल्प कमजोर नहीं पड़ता।
समाज में फैली अशिक्षा, गरीबी, नशा, बेरोजगारी और सामाजिक कुरीतियाँ समाजसेवी के मन को निरंतर व्यथित करती हैं। कई बार निस्वार्थ सेवा को गलत नजर से देखा जाता है और उसके प्रयासों को संदेह की दृष्टि से परखा जाता है। बावजूद इसके, समाजसेवी अपने लक्ष्य से विचलित नहीं होता, क्योंकि उसके लिए समाज का उत्थान ही सर्वोपरि होता है।
समाजसेवी का सबसे बड़ा दर्द तब होता है जब जागरूकता के अभाव में लोग अपने अधिकारों और कर्तव्यों को नहीं समझ पाते। वह शिक्षा, समानता और सामाजिक समरसता के माध्यम से परिवर्तन लाने का प्रयास करता है। किसी भूखे को भोजन, किसी बच्चे को शिक्षा और किसी पीड़ित को न्याय दिलाने का प्रयास ही उसके संघर्ष की सार्थकता है।
जितेन्द्र कुशवाहा का मानना है कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है जब सेवा भाव को आंदोलन बनाया जाए और हर नागरिक सामाजिक जिम्मेदारी निभाए। समाजसेवी का दर्द दरअसल एक बेहतर, न्यायपूर्ण और संवेदनशील समाज बनाने की प्रेरणा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार करती है।









