रविवार, 15 मार्च 2026

सविता सिंह कुशवाहा को “आत्मनिर्भर नारी सम्मान” से सम्मानित किया गया

 



नई दिल्ली। महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में संसार जन कल्याण एक किरण फाउंडेशन की उपाध्यक्ष सविता सिंह कुशवाहा को “आत्मनिर्भर नारी सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें समाज सेवा, महिला जागरूकता और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे उनके सराहनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सविता सिंह कुशवाहा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे लगातार महिलाओं को शिक्षा, आर्थिक जागरूकता और स्वरोजगार के प्रति प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से कई महिलाओं को आगे बढ़ने और अपने पैरों पर खड़े होने की प्रेरणा मिली है।


कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और जब महिलाएं सशक्त होंगी तभी समाज और देश की प्रगति संभव है।

इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं।

कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथि, सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाएं उपस्थित रहीं तथा सभी ने सविता सिंह कुशवाहा को इस सम्मान के लिए बधाई दी।


महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल, महिलाओं को मिला ‘आत्मनिर्भर नारी सम्मान’”

 



नई दिल्ली। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से Women Financial Literacy & Business Awareness Campaign का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम NGO INSIDE (INEF) द्वारा बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी (BWS) और MFG Foundation के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, समाजसेवियों और गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय साक्षरता, बचत, स्वरोजगार और छोटे व्यवसाय के अवसरों के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान विशेषज्ञों ने महिलाओं को बैंकिंग, निवेश, डिजिटल भुगतान और उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

कार्यक्रम की शुरुआत महान समाज सुधारक Savitribai Phule को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की गई। उनके महिला शिक्षा और समाज सुधार में दिए गए योगदान को याद करते हुए उपस्थित सभी लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर महिलाओं के सामाजिक योगदान और प्रेरणादायक कार्यों के लिए उन्हें “आत्मनिर्भर नारी सम्मान” से सम्मानित किया गया और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के दौरान NGO INSIDE (INEF) के Founder Amresh Maurya ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह अभियान महिलाओं को वित्तीय साक्षरता, छोटे व्यवसाय और डिजिटल शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी (BWS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष Sanjay Bhai ने कहा कि आज के दौर में महिलाओं के लिए वित्तीय साक्षरता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब महिला शक्ति जागरूक और सशक्त होगी तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः दिखाई देगा।

वहीं समाजसेवी Jitendra Kushwaha ने अपने विचार रखते हुए कहा कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, शिक्षा और आर्थिक जानकारी मिले तो वे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं और देश की प्रगति में भी अहम योगदान दे सकती हैं।

MFG Foundation के Founder Dinesh Maurya ने युवा सशक्तिकरण और शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं को सही दिशा और अवसर मिलने पर वे समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम में संजय भाई, शिखा त्यागी, राजकुमार धनवारिया, गीता धनवारिया, सविता सिंह कुशवाहा, डॉ. इंदु जैन, शशिकला कौशिक, अलका मिश्रा, प्रभा सिंह, नमिता पांडेय, प्रीति झा, पूनम तिवारी, ऊषा देवी, लक्ष्मी देवी, गीता राव, बेबी यादव, उषा ठाकुर, डॉ. रूबी झा, निशा मौर्य, रश्मि कथूरिया, रोशनी रावत, विभा संजय, सीमा कुमारी और रेनू शर्मा सहित अनेक समाजसेवी उपस्थित रहे।

अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।





गुरुवार, 12 मार्च 2026

आने वाली पीढ़ी के लिए मजबूत समाज बनाना जरूरी — समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा


 समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि समाज का विकास और उसकी मजबूती केवल आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि हम आज अपने समाज को शिक्षित, संगठित और जागरूक बनाने का प्रयास नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को एक मजबूत आधार नहीं मिल पाएगा।

उन्होंने कहा कि अक्सर लोग उनसे पूछते हैं कि सामाजिक जीवन से उन्हें क्या मिलता है और वे समाज की चिंता क्यों करते रहते हैं। इस पर उनका कहना है कि समाज के विकास में छोटा सा योगदान देना ही उनके लिए सबसे बड़ा सुख और संतोष का कारण है। जिस प्रकार व्यक्ति भोजन करने के बाद संतुष्टि और आनंद महसूस करता है, उसी प्रकार समाज के लिए कुछ समय देना उन्हें आत्मिक खुशी देता है।

जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि आज कई लोग अपना समय व्यर्थ की गतिविधियों में बिताते हैं, लेकिन उन्होंने यह संकल्प लिया है कि अपने जीवन का एक हिस्सा समाज की सेवा और उसके विकास के लिए समर्पित करेंगे। उनका मानना है कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति थोड़ा-थोड़ा समय और सहयोग समाज के लिए देगा, तो समाज तेजी से आगे बढ़ सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि समाज को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाना हम सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। विशेष रूप से शिक्षा के माध्यम से समाज को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी दिशा में वे लगातार प्रयास कर रहे हैं और समाज के लोगों को भी आगे आकर योगदान देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल वर्तमान में काम करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा मजबूत मंच तैयार करना है, जिससे वे भी समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि समाज एकजुट होकर आगे बढ़ेगा, तो निश्चित रूप से एक मजबूत और विकसित समाज का निर्माण संभव होगा।

बुधवार, 11 मार्च 2026

समाज में युवाओं की भागीदारी – जितेंद्र कुशवाहा

 


आज का युवा देश और समाज की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़े, तो समाज में बड़े बदलाव संभव हैं। सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि युवाओं की भागीदारी से ही समाज में जागरूकता, विकास और एकता को मजबूत किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को केवल अपने करियर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए भी आगे आना चाहिए। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंद लोगों की मदद जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

जितेंद्र कुशवाहा ने यह भी कहा कि डिजिटल युग में युवाओं के पास समाज को जागरूक करने के कई माध्यम हैं। सोशल मीडिया के जरिए सकारात्मक संदेश, सामाजिक अभियानों और जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकता है। यदि युवा अपनी ऊर्जा और समय का कुछ हिस्सा समाज सेवा के लिए समर्पित करें, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन तेज़ी से दिखाई देगा।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आपसी भाईचारे, एकता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा दें। समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की मदद करना हर युवा का नैतिक कर्तव्य है।

अंत में जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मजबूत और विकसित समाज का निर्माण तभी संभव है जब युवा अपनी जिम्मेदारी समझें और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

रविवार, 8 मार्च 2026

बूथ स्तरीय बैठक सफलतापूर्वक संपन्न

 


गोण्डा जनपद के मेहनौन विधानसभा क्षेत्र में संगठन को मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बूथ स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक ई.केडी मौर्य के निवास स्थान पर आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बैठक में जिलाध्यक्ष श्री मनोज कुमार कनौजिया, जिलाउपाध्यक्ष श्री रमेश कुमार तिवारी, श्री गुड्डू मौर्य, पूर्व प्रत्याशी मेहनौन श्री शिवकुमार विश्वकर्मा, विधानसभा अध्यक्ष श्री राकेश भारती, विधानसभा महासचिव श्री मिठाईलाल गौतम, श्री दीपक वर्मा, श्री जितेंद्र सोनकर एवं श्री अजय शर्मा जी का आगमन हुआ।

बैठक के दौरान संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों को तय करने और क्षेत्र में जनसंपर्क को और प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। सभी पदाधिकारियों ने एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने तथा क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

यह कार्यक्रम ई.केडी मौर्य, प्रभारी मेहनौन विधानसभा (गोण्डा) के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संगठन की मजबूती के लिए निरंतर कार्य करने का भरोसा दिलाया।


घायल और बीमार बेजुबान पशुओं की मदद के लिए आगे आएं – राजेश सेजवाल



समाजसेवा के क्षेत्र में कार्यरत संस्था JKBM Foundation के अध्यक्ष राजेश सेजवाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमारी एक छोटी-सी मदद भी घायल और बीमार बेजुबान पशुओं की भूख मिटा सकती है और उनके जीवन को बचा सकती है। उन्होंने कहा कि सड़क पर रहने वाले कई पशु प्रतिदिन भूख, बीमारी और चोट जैसी समस्याओं से जूझते हैं, लेकिन उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं होता। ऐसे में समाज के जागरूक लोगों का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।
राजेश सेजवाल ने कहा कि इंसानियत का असली अर्थ तभी पूरा होता है जब हम जरूरतमंदों के साथ-साथ बेजुबान जीवों की भी मदद करें। उन्होंने बताया कि JKBM Foundation समय-समय पर घायल और बीमार पशुओं के उपचार, भोजन और देखभाल के लिए प्रयास करता रहा है। संस्था के स्वयंसेवक लगातार सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को खाना उपलब्ध कराने और उनके इलाज की व्यवस्था करने का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने समाज के सभी लोगों, सामाजिक संगठनों और युवाओं से अपील की कि वे इस पुनीत कार्य में आगे आएं और अपने स्तर पर सहयोग दें। चाहे भोजन उपलब्ध कराना हो, उपचार में मदद करना हो या फिर जागरूकता फैलाना — हर छोटी पहल इन बेजुबान जीवों के लिए बड़ी राहत बन सकती है।
राजेश सेजवाल ने कहा कि अगर हम सब मिलकर थोड़ा-थोड़ा सहयोग करें, तो कई बेजुबान पशुओं की जिंदगी बचाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि इंसानियत के इस मिशन में भागीदार बनें और जरूरतमंद पशुओं की मदद के लिए हाथ बढ़ाएं।


 

शनिवार, 7 मार्च 2026

चमकते शहर में भूखी ज़िंदगियाँ” – जितेंद्र कुशवाहा


 जब हम आज़ादी के अमृत काल में प्रवेश कर चुके हैं और अपने देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, तब हर तरफ विकास और प्रगति की चर्चा सुनाई देती है। बड़े-बड़े शहरों में ऊँची-ऊँची इमारतें, चौड़ी सड़कें, मेट्रो की रफ्तार और आधुनिक सुविधाएँ यह बताती हैं कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। हम गर्व से कहते हैं कि हमारा देश विकासशील से विकसित भारत बनने की ओर बढ़ रहा है।

लेकिन जब मैं देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर निकलता हूँ, तो एक अलग ही तस्वीर सामने आती है। एक तरफ चमकती हुई इमारतें हैं, रोशनी से जगमगाते बाजार हैं और आरामदायक जीवन जीते लोग हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो फुटपाथ पर अपनी जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। उनके पास न रहने के लिए घर है, न ही जीवन की बुनियादी सुविधाएँ। कई लोग पूरे दिन मेहनत करने के बाद भी शाम की रोटी के लिए संघर्ष करते दिखाई देते हैं।

कभी-कभी सड़क किनारे छोटे-छोटे बच्चों को सोते हुए देखकर मन बहुत व्यथित हो जाता है। वे बच्चे जिनके हाथों में किताबें होनी चाहिए, वे जिंदगी की कठोर सच्चाइयों से जूझते नजर आते हैं। कोई कचरे के ढेर में कुछ ढूँढ़ रहा है, तो कोई भूख और मजबूरी के बीच अपनी जिंदगी काट रहा है। यह दृश्य मन में एक सवाल खड़ा करता है कि क्या यही हमारा विकास है? क्या हम सच में एक ऐसे समाज की ओर बढ़ रहे हैं जहाँ हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिले?

विकास केवल ऊँची इमारतों और चमकती सड़कों से नहीं मापा जा सकता। असली विकास तब होगा जब समाज का सबसे कमजोर व्यक्ति भी सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सके। जब किसी को भूखे पेट सोना न पड़े, जब हर परिवार के पास रहने के लिए एक छोटी सी छत हो और जब हर बच्चे को शिक्षा और बेहतर भविष्य का अवसर मिले।

आज जरूरत है कि हम केवल विकास के आंकड़ों पर गर्व करने के बजाय समाज के उन लोगों की ओर भी ध्यान दें जो आज भी गरीबी और अभाव में जीवन जी रहे हैं। सरकार के साथ-साथ समाज के सक्षम लोगों और सामाजिक संगठनों को भी आगे आकर ऐसे जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए। छोटे-छोटे प्रयास भी किसी की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

हमारे समाज की असली ताकत हमारी संवेदनशीलता और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी की भावना में छिपी है। अगर हम अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हाथ बढ़ाएँ, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

अंत में यही कहना उचित होगा कि विकास तभी सार्थक है जब उसकी रोशनी समाज के हर वर्ग तक पहुँचे। जब अमीरी और गरीबी के बीच की दूरी कम हो और हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार मिले।

क्योंकि सच यही है कि चमकते शहरों की रोशनी के पीछे आज भी कुछ भूखी ज़िंदगियाँ ऐसी हैं, जो हर दिन सिर्फ दो वक्त की रोटी और एक सुरक्षित छत की तलाश में जी रही हैं।

— जितेंद्र कुशवाहा