मंगलवार, 13 जनवरी 2026

राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं को एकता, शिक्षा और सेवा का संदेश

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक, समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने देश के युवाओं से शिक्षा, संगठन, अनुशासन और समाज सेवा को जीवन का मूल उद्देश्य बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी युवा शक्ति की सोच, दिशा और कर्म पर निर्भर करती है।

जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे। विवेकानंद ने युवाओं को आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा का मार्ग दिखाया। यदि आज का युवा इन मूल्यों को अपनाए, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के सामने अनेक चुनौतियाँ हैं, लेकिन संगठित प्रयास और सही मार्गदर्शन से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी विकसित करने का सशक्त साधन है।

समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि युवाओं को नशा, हिंसा और नकारात्मक सोच से दूर रहकर सेवा, सहयोग और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। जब युवा समाज के कमजोर वर्ग के लिए कार्य करते हैं, तभी सच्चे राष्ट्रनिर्माण की नींव पड़ती है।

अंत में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस हमें यह संदेश देता है कि सशक्त, शिक्षित और संगठित युवा ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत का आधार हैं। युवा शक्ति के सकारात्मक उपयोग से ही सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा।


 

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