जितेन्द्र कुशवाहा संस्थापक एवं समाजसेवी, संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन, ने कहा है कि भारत का गौरवशाली इतिहास हमारी अमूल्य धरोहर है, जिसे सहेजना और संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने महान शासक सम्राट अशोक के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके महल और ऐतिहासिक स्थलों का पुनर्निर्माण अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बिहार जो कभी मौर्य साम्राज्य का केंद्र रहा है, आज अपने ऐतिहासिक गौरव को पुनः प्राप्त करने की प्रतीक्षा कर रहा है। सम्राट अशोक का भव्य महल, जो प्राचीन भारत की स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण था, आज केवल इतिहास की किताबों तक सीमित होकर रह गया है।
जितेन्द्र कुशवाहा ने यह भी कहा कि हमारे इतिहास को जानबूझकर दबाने का प्रयास किया गया है, जिससे नई पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से अनभिज्ञ हो रही है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतनी महान विरासत को उचित महत्व नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि सम्राट अशोक के महल के पुनर्निर्माण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और इसे एक भव्य ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। इससे न केवल इतिहास का संरक्षण होगा, बल्कि रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
अंत में उन्होंने कहा कि यह केवल एक महल नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, पहचान और गौरव का प्रतीक है, जिसे पुनर्जीवित करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

.jpeg)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें