नई दिल्ली। राष्ट्र रक्षा संघ (RRS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आशीष मौर्य ने कहा है कि संगठन महामना गौतम बुद्ध और सम्राट अशोक महान के विचारों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र रक्षा, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति केवल उसकी सीमाओं की सुरक्षा में नहीं, बल्कि समाज की एकता, नैतिक मूल्यों और नागरिक चेतना में निहित है।
डॉ. मौर्य ने बताया कि भगवान बुद्ध के करुणा, अहिंसा और सामाजिक न्याय के सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। राष्ट्र रक्षा संघ का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, समान अवसर और न्याय पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जाति, वर्ग और संप्रदाय के भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना ही सच्ची राष्ट्र रक्षा है। अष्टांगिक मार्ग और पंचशील जैसे सिद्धांत ईमानदारी, सदाचार और नैतिक जीवन के माध्यम से एक सशक्त समाज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
डॉ. मौर्य ने कहा कि राष्ट्र रक्षा संघ अखंड भारत की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यावरण संरक्षण, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा तथा जीव-दया को भी संगठन राष्ट्र रक्षा का अभिन्न हिस्सा मानता है।
उन्होंने देश के युवाओं, बुद्धिजीवियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे बुद्ध की करुणा और अशोक के न्यायप्रिय शासन के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि जब समाज शिक्षित, संगठित, नैतिक और आत्मनिर्भर होगा, तब भारत की अखंडता और गौरव को कोई चुनौती नहीं दे सकेगी।
जय भारत, अतुल्य भारत, नैतिक भारत, अखंड भारत, स्वर्णिम भारत।
संपादक: जितेंद्र कुशवाहा
प्रकाशन: सामाजिक जागरूकता टाइम्स


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