बाढ़ (पटना), 12 जुलाई 2026
कुशवाहा समाज, बाढ़ के तत्वावधान में अम्बे मैरिज हॉल, बाढ़ में आयोजित "सम्मान समारोह–2026" शिक्षा, प्रतिभा सम्मान एवं सामाजिक एकजुटता का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया। भारतीय संस्कृति एवं परंपरा के अनुरूप दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। समारोह में समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षकों, बुद्धिजीवियों एवं गणमान्य नागरिकों की बड़ी संख्या में गरिमामयी उपस्थिति रही।
समारोह का मुख्य आकर्षण 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में DSP पद पर चयनित बाढ़-कन्हायपुर की प्रतिभाशाली बेटी काजल कुमारी का सम्मान रहा। उन्हें सम्राट अशोक रत्न अवॉर्ड, अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल, प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में काजल कुमारी ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर कठिन परिश्रम, अनुशासन, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी बाधा सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती।
उन्होंने कहा कि समाज तभी आगे बढ़ सकता है जब उसकी नई पीढ़ी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर प्रशासन, चिकित्सा, विज्ञान, तकनीक, न्यायपालिका और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करे। ऐसे सम्मान समारोह युवाओं में आत्मविश्वास जगाने के साथ-साथ उन्हें आगे बढ़ने की नई प्रेरणा भी देते हैं।
समारोह में प्रीतम कुशवाहा (राष्ट्रीय सचिव), डॉ. वीरेंद्र नाथ मौर्य (अध्यक्ष, आयुष मेडिकल एसोसिएशन, बिहार), रामु कुशवाहा, अनिल प्रियदर्शी, एलएनआर हाई स्कूल, धीवर के प्रधानाचार्य डॉ. जयप्रकाश नारायण सहित समाज के अनेक वरिष्ठजन, शिक्षाविद्, बुद्धिजीवी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने मेधावी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का संदेश दिया।
समारोह का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि "प्रतिभा का सम्मान ही समाज की सबसे बड़ी पहचान है। शिक्षित युवा ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र का निर्माण करते हैं।"




कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें