नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला (HP) के योग अध्ययन केंद्र के सहायक आचार्य डॉ. सत्यानन्द का अंगवस्त्र एवं साहित्य भेंट कर सम्मान करते बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी (BWS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय भाई, समाजसेविका एवं धार्मिक भजन गायिका मीना देवी, खुशी आश्रम की उपाध्यक्ष विभा संजय, समाजसेविका पूनम तिवारी एवं चिदानंद।
रिपोर्ट: जितेन्द्र कुशवाहा, नई दिल्ली नई दिल्ली, 5 अगस्त। हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) के योग अध्ययन केंद्र के सहायक आचार्य डॉ. सत्यानन्द के दिल्ली आगमन पर बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी (BWS) की ओर से उनका अंगवस्त्र एवं साहित्य भेंट कर सम्मान किया गया। यह सम्मान समारोह सामाजिक समरसता, शिक्षा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी (BWS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय भाई ने डॉ. सत्यानन्द का स्वागत करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक संतुलन का आधार भी है। उन्होंने कहा कि डॉ. सत्यानन्द का शिक्षा एवं योग के क्षेत्र में योगदान युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
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इस अवसर पर समाजसेविका एवं धार्मिक भजन गायिका मीना देवी, खुशी आश्रम की उपाध्यक्ष एवं समाजसेविका विभा संजय, समाजसेविका पूनम तिवारी तथा चिदानंद ने भी डॉ. सत्यानन्द का अभिनंदन करते हुए उनके उज्ज्वल कार्यों की सराहना की। सभी ने भारतीय संस्कृति, योग और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
सम्मान समारोह के दौरान डॉ. सत्यानन्द ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से नियमित योग अपनाने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली विकसित करने का आह्वान किया।
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कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने इस अवसर को समाज, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में प्रेरणादायक पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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