रविवार, 8 मार्च 2026

बूथ स्तरीय बैठक सफलतापूर्वक संपन्न

 


गोण्डा जनपद के मेहनौन विधानसभा क्षेत्र में संगठन को मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बूथ स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक ई.केडी मौर्य के निवास स्थान पर आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बैठक में जिलाध्यक्ष श्री मनोज कुमार कनौजिया, जिलाउपाध्यक्ष श्री रमेश कुमार तिवारी, श्री गुड्डू मौर्य, पूर्व प्रत्याशी मेहनौन श्री शिवकुमार विश्वकर्मा, विधानसभा अध्यक्ष श्री राकेश भारती, विधानसभा महासचिव श्री मिठाईलाल गौतम, श्री दीपक वर्मा, श्री जितेंद्र सोनकर एवं श्री अजय शर्मा जी का आगमन हुआ।

बैठक के दौरान संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों को तय करने और क्षेत्र में जनसंपर्क को और प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। सभी पदाधिकारियों ने एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने तथा क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

यह कार्यक्रम ई.केडी मौर्य, प्रभारी मेहनौन विधानसभा (गोण्डा) के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संगठन की मजबूती के लिए निरंतर कार्य करने का भरोसा दिलाया।


घायल और बीमार बेजुबान पशुओं की मदद के लिए आगे आएं – राजेश सेजवाल



समाजसेवा के क्षेत्र में कार्यरत संस्था JKBM Foundation के अध्यक्ष राजेश सेजवाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमारी एक छोटी-सी मदद भी घायल और बीमार बेजुबान पशुओं की भूख मिटा सकती है और उनके जीवन को बचा सकती है। उन्होंने कहा कि सड़क पर रहने वाले कई पशु प्रतिदिन भूख, बीमारी और चोट जैसी समस्याओं से जूझते हैं, लेकिन उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं होता। ऐसे में समाज के जागरूक लोगों का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।
राजेश सेजवाल ने कहा कि इंसानियत का असली अर्थ तभी पूरा होता है जब हम जरूरतमंदों के साथ-साथ बेजुबान जीवों की भी मदद करें। उन्होंने बताया कि JKBM Foundation समय-समय पर घायल और बीमार पशुओं के उपचार, भोजन और देखभाल के लिए प्रयास करता रहा है। संस्था के स्वयंसेवक लगातार सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को खाना उपलब्ध कराने और उनके इलाज की व्यवस्था करने का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने समाज के सभी लोगों, सामाजिक संगठनों और युवाओं से अपील की कि वे इस पुनीत कार्य में आगे आएं और अपने स्तर पर सहयोग दें। चाहे भोजन उपलब्ध कराना हो, उपचार में मदद करना हो या फिर जागरूकता फैलाना — हर छोटी पहल इन बेजुबान जीवों के लिए बड़ी राहत बन सकती है।
राजेश सेजवाल ने कहा कि अगर हम सब मिलकर थोड़ा-थोड़ा सहयोग करें, तो कई बेजुबान पशुओं की जिंदगी बचाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि इंसानियत के इस मिशन में भागीदार बनें और जरूरतमंद पशुओं की मदद के लिए हाथ बढ़ाएं।


 

शनिवार, 7 मार्च 2026

चमकते शहर में भूखी ज़िंदगियाँ” – जितेंद्र कुशवाहा


 जब हम आज़ादी के अमृत काल में प्रवेश कर चुके हैं और अपने देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, तब हर तरफ विकास और प्रगति की चर्चा सुनाई देती है। बड़े-बड़े शहरों में ऊँची-ऊँची इमारतें, चौड़ी सड़कें, मेट्रो की रफ्तार और आधुनिक सुविधाएँ यह बताती हैं कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। हम गर्व से कहते हैं कि हमारा देश विकासशील से विकसित भारत बनने की ओर बढ़ रहा है।

लेकिन जब मैं देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर निकलता हूँ, तो एक अलग ही तस्वीर सामने आती है। एक तरफ चमकती हुई इमारतें हैं, रोशनी से जगमगाते बाजार हैं और आरामदायक जीवन जीते लोग हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो फुटपाथ पर अपनी जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। उनके पास न रहने के लिए घर है, न ही जीवन की बुनियादी सुविधाएँ। कई लोग पूरे दिन मेहनत करने के बाद भी शाम की रोटी के लिए संघर्ष करते दिखाई देते हैं।

कभी-कभी सड़क किनारे छोटे-छोटे बच्चों को सोते हुए देखकर मन बहुत व्यथित हो जाता है। वे बच्चे जिनके हाथों में किताबें होनी चाहिए, वे जिंदगी की कठोर सच्चाइयों से जूझते नजर आते हैं। कोई कचरे के ढेर में कुछ ढूँढ़ रहा है, तो कोई भूख और मजबूरी के बीच अपनी जिंदगी काट रहा है। यह दृश्य मन में एक सवाल खड़ा करता है कि क्या यही हमारा विकास है? क्या हम सच में एक ऐसे समाज की ओर बढ़ रहे हैं जहाँ हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिले?

विकास केवल ऊँची इमारतों और चमकती सड़कों से नहीं मापा जा सकता। असली विकास तब होगा जब समाज का सबसे कमजोर व्यक्ति भी सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सके। जब किसी को भूखे पेट सोना न पड़े, जब हर परिवार के पास रहने के लिए एक छोटी सी छत हो और जब हर बच्चे को शिक्षा और बेहतर भविष्य का अवसर मिले।

आज जरूरत है कि हम केवल विकास के आंकड़ों पर गर्व करने के बजाय समाज के उन लोगों की ओर भी ध्यान दें जो आज भी गरीबी और अभाव में जीवन जी रहे हैं। सरकार के साथ-साथ समाज के सक्षम लोगों और सामाजिक संगठनों को भी आगे आकर ऐसे जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए। छोटे-छोटे प्रयास भी किसी की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

हमारे समाज की असली ताकत हमारी संवेदनशीलता और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी की भावना में छिपी है। अगर हम अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हाथ बढ़ाएँ, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

अंत में यही कहना उचित होगा कि विकास तभी सार्थक है जब उसकी रोशनी समाज के हर वर्ग तक पहुँचे। जब अमीरी और गरीबी के बीच की दूरी कम हो और हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार मिले।

क्योंकि सच यही है कि चमकते शहरों की रोशनी के पीछे आज भी कुछ भूखी ज़िंदगियाँ ऐसी हैं, जो हर दिन सिर्फ दो वक्त की रोटी और एक सुरक्षित छत की तलाश में जी रही हैं।

— जितेंद्र कुशवाहा


शनिवार, 28 फ़रवरी 2026

बढ़ते तलाक के मामलों पर सामाजिक चिंता और ठोस कदमों की आवश्यकता







 वर्तमान समय में तलाक के बढ़ते मामले समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। टीवी न्यूज़ चैनलों, अखबारों और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिदिन तलाक की खबरें सामने आ रही हैं। विवाह, जो भारतीय समाज में सामाजिक समरसता, प्रेम और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक माना जाता है, आज धीरे-धीरे कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। पहले जहाँ परिवार “घर” कहलाता था, आज वह सीमित होकर केवल “कमरों” तक सिमटता जा रहा है।

छोटी-छोटी बातों पर रिश्तों का टूटना सामाजिक ढांचे के लिए खतरे की घंटी है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में परिवार व्यवस्था और सामाजिक संरचना पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। युवाओं के बीच धैर्य, त्याग और आपसी समझ की कमी तलाक की बढ़ती प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रही है।

सरकार को चाहिए कि तलाक संबंधी कानूनी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाया जाए, ताकि जल्दबाजी में लिए गए निर्णयों पर रोक लग सके और पहले सुलह-समझौते के प्रयास अनिवार्य हों। साथ ही, विवाह की न्यूनतम आयु निर्धारित करने के साथ-साथ अधिकतम आयु के अंतर पर भी विचार किया जाना चाहिए, ताकि अत्यधिक आयु-अंतर से उत्पन्न वैवाहिक असंतुलन को रोका जा सके।

सभी सामाजिक संगठनों को भी इस दिशा में जागरूकता अभियान चलाने चाहिए। परिवार परामर्श, वैवाहिक मार्गदर्शन और नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देकर समाज में स्थिरता लाई जा सकती है।

समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और सामाजिक मूल्यों का मिलन है। इसे सशक्त बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026

हमारी संस्कृति सबसे बड़ी विरासत है – जितेन्द्र कुशवाहा

समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि हमारी संस्कृति ही हमारी सबसे बड़ी विरासत है। यही वह आधार है, जो हमें हमारी पहचान, परंपराओं और मूल्यों से जोड़ता है। भारतीय संस्कृति केवल रीति-रिवाजों का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सशक्त और समृद्ध पद्धति है, जिसमें मानवता, सेवा, त्याग, करुणा और सम्मान जैसे गुण समाहित हैं।

उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में तकनीक और विकास के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है, लेकिन अपनी सांस्कृतिक जड़ों को भूलना उचित नहीं है। हमारी संस्कृति हमें परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य निभाने की प्रेरणा देती है। यह हमें सिखाती है कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के साथ सभी को एक परिवार मानकर चलें।

जितेन्द्र कुशवाहा ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी भाषा, परंपरा, त्योहारों और नैतिक मूल्यों को अपनाएँ और आने वाली पीढ़ी तक पहुँचाएँ। उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी संस्कृति को सहेज कर रखेंगे, तो हमारा समाज सशक्त और संगठित बना रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि संस्कृति ही समाज की आत्मा है। जब हम अपनी विरासत का सम्मान करते हैं, तब ही हम सच्चे अर्थों में प्रगति कर सकते हैं। शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से हमें अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना होगा।

अंत में उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है, और इसे संजोकर रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है।

सोमवार, 23 फ़रवरी 2026

नई दिल्ली में शिक्षा पर मंथन: MFG Foundation की समीक्षा बैठक सफल


 दिनांक: 22/12/2026    स्थान: Modulation Institute Pvt. Ltd, लक्ष्मी नगर, नई दिल्ली

नई दिल्ली में MFG Foundation के तत्वावधान में “माता सावित्रीबाई फुले एजुकेशन समिट 2026” की समीक्षा बैठक एवं कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। बैठक में समिट की प्रगति, आगामी गतिविधियों, संगठन के विस्तार तथा शिक्षा एवं सामाजिक अभियानों की ठोस कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

इस अवसर पर Modulation Institute Pvt. Ltd को Maurya Friends Group Foundation के Education Channel Partner के रूप में औपचारिक रूप से शामिल किया गया। यह साझेदारी फाउंडेशन के IT Training एवं Skill Development कार्यक्रमों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया। फाउंडेशन ने सहयोग एवं सफल आयोजन हेतु संस्थान का आभार व्यक्त किया।

बैठक में अमरेश मौर्य, प्रेम कुमार सिंह, आकाश इन्दु, सत्यम कुशवाहा, सुमित सिंह, दिनेश मौर्य, अरुण मौर्य (एडवोकेट) एवं सुपाच शाक्य सहित अन्य सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान ज्योतिबा फुले की डायरी भेंट कर सम्मानित किया गया, जो शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा।

समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने शिक्षा को सबसे बड़ा सामाजिक दायित्व बताते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही स्थायी परिवर्तन संभव है। उन्होंने अपील की—
“दो रोटी कम खाइए, लेकिन अपने बच्चों की पढ़ाई कभी मत रोकिए।”

बैठक में सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाज की अंतिम पंक्ति तक पहुँचाई जाएगी, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। फाउंडेशन ने विश्वास व्यक्त किया कि संयुक्त प्रयासों से यह समिट शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा और प्रेरणा प्रदान करेगा।


 

कोर कमेटी की बैठक सम्पन्न – MFG Foundation से जुड़ाव से संगठन को नई दिशा

 


   स्थान: Modulation Institute Pvt. Ltd, लक्ष्मी नगर, दिल्ली

 दिनांक: 22/12/2026 आयोजित कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। बैठक में संगठन की आगामी योजनाओं, सामाजिक अभियानों तथा विस्तार रणनीति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने संगठन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी, संगठित एवं जन-केन्द्रित बनाने पर अपने विचार साझा किए।

बैठक में अमरेश मौर्य, प्रेम कुमार सिंह, आकाश इन्दु, सत्यम कुशवाहा, सुमित सिंह, दिनेश मौर्य, अरुण मौर्य (एडवोकेट) एवं सुपाच शाक्य सहित अन्य सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने संगठन के उद्देश्यों को नई गति प्रदान करने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया।

विशेष रूप से जितेंद्र कुशवाहा एवं आकाश इन्दु के MFG Foundation से जुड़ने पर हर्ष व्यक्त किया गया। उनके जुड़ाव को संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी कदम बताया गया। उनके अनुभव, समर्पण एवं सामाजिक प्रतिबद्धता से संगठन को नई ऊर्जा, सशक्त नेतृत्व तथा सकारात्मक दिशा प्राप्त होगी।

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि समाज सेवा, जन-जागरूकता अभियान तथा सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए निरंतर और संगठित प्रयास किए जाएंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा सशक्तिकरण एवं सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देते हुए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई।

संगठन का स्पष्ट उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचकर सहयोग, जागरूकता एवं सशक्तिकरण के माध्यम से स्थायी एवं सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित करना है।