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गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026

प्रयागराज में 18 अक्टूबर को युवाओं की बैठक, सामाजिक एकता और विकास पर होगा मंथन

प्रयागराज। समाज के युवाओं के बीच आपसी परिचय, संवाद, सहयोग और एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 18 अक्टूबर 2026, रविवार को प्रयागराज में एक महत्वपूर्ण सामाजिक बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक का उद्देश्य केवल युवाओं का एक स्थान पर एकत्रित होना नहीं, बल्कि समाज के जागरूक, सक्रिय एवं सकारात्मक सोच रखने वाले युवाओं को एक साझा मंच से जोड़ना है।

बैठक में युवाओं के करियर एवं रोजगार, व्यवसाय एवं स्वरोजगार, शिक्षा एवं मार्गदर्शन सहित सामाजिक कार्यों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को लेकर सकारात्मक चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही समाज के युवाओं को आपस में जोड़ने, समाज के वर्तमान एवं भविष्य को लेकर विचार-विमर्श तथा सामाजिक विकास के लिए प्रभावी पहल पर भी चर्चा होगी।

बैठक में कानूनी मदद एवं सलाह की आवश्यकता वाले समाज के लोगों के लिए सहयोग की व्यवस्था विकसित करने तथा जरूरतमंदों, दिव्यांगजनों और मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में सहायता कैसे उपलब्ध कराई जाए और उनकी मदद किस प्रकार सुनिश्चित की जा सकती है, इस विषय पर भी विचार किया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार, प्रयागराज एवं आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे युवाओं को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो सोशल मीडिया अथवा जमीनी स्तर पर समाज को जागरूक, संगठित और आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं।

यह पहल पूरी तरह गैर-राजनीतिक एवं सामाजिक स्वरूप की होगी। आगामी 22 नवंबर 2026, रविवार को लखनऊ में प्रस्तावित बड़े सामाजिक कार्यक्रम की दिशा में 18 अक्टूबर की प्रयागराज बैठक को एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आयोजकों ने समाज के उन सभी युवाओं से बैठक में शामिल होने की अपील की है, जो सकारात्मक सोच रखते हैं, सामाजिक कार्यों में रुचि रखते हैं तथा अपने अनुभव, विचार और क्षमता के माध्यम से समाज के विकास में योगदान देना चाहते हैं।

बैठक को लेकर सभी साथियों से सुझाव भी आमंत्रित किए गए हैं, ताकि कार्यक्रम की रूपरेखा को और बेहतर एवं प्रभावी बनाया जा सके। विशेष रूप से प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं से 18 अक्टूबर को अधिक से अधिक संख्या में बैठक में शामिल होने का आग्रह किया गया है।

इस पहल का संदेश है—
“परिचय से संवाद, संवाद से एकता और एकता से विकास।”

निवेदक :
MFG FOUNDATION

नोट: यह पहल सामाजिक कार्यों में रुचि रखने वाले, जागरूक एवं सक्रिय साथियों को एक साझा मंच पर जोड़ने के उद्देश्य से की जा रही है।

रिपोर्ट: जितेंद्र कुशवाहा

संघर्ष से सफलता तक: किसान के बेटे डॉ. ओमप्रकाश मौर्य बने NIT जालंधर में असिस्टेंट प्रोफेसर

कैमूर (बिहार)। ग्राम भरखर, पोस्ट मोहनिया, जिला कैमूर (बिहार) के निवासी किसान धनंजय कुमार सिंह के पुत्र डॉ. ओमप्रकाश मौर्य का चयन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), जालंधर (पंजाब) में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर होने से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि को संघर्ष, मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।

धनंजय कुमार सिंह ने एम.ए. (हिंदी साहित्य) तक शिक्षा प्राप्त की, लेकिन परिवार की आर्थिक परिस्थितियों के कारण वे नौकरी की विशेष तैयारी नहीं कर सके। इसके बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और खेती-बाड़ी के माध्यम से अपने परिवार का पालन-पोषण करते हुए चारों बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाई।

उनका बड़ा पुत्र रेलवे में टाटानगर (झारखंड) में कार्यरत है, जबकि दूसरा पुत्र रेलवे में दिल्ली में अपनी सेवाएं दे रहा है। तीसरे पुत्र डॉ. ओमप्रकाश मौर्य ने शिक्षा के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है।

डॉ. ओमप्रकाश मौर्य ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आरबीएस स्कूल, मोहनिया से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सेंट्रल हिंदू स्कूल (CHS), वाराणसी से इंटरमीडिएट किया। आगे चलकर उन्होंने एमबीएम विश्वविद्यालय, जोधपुर से बी.टेक, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली से एम.टेक तथा आईआईटी रुड़की से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। इसके अतिरिक्त उन्होंने आईआईटी मद्रास में पोस्ट-डॉक्टोरल शोध कार्य भी किया।

हाल ही में उनका चयन NIT जालंधर में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुआ है, जो न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे कैमूर जिले और बिहार के लिए गर्व की बात है।परिवार के सबसे छोटे पुत्र ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद एक निजी आईटीआई संस्थान में शिक्षक के रूप में अपना योगदान दे रहे हैं।इस अवसर पर समाजसेवी एवं सामाजिक जागरूकता टाइम्स की पूरी टीम ने डॉ. ओमप्रकाश मौर्य को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

सामाजिक जागरूकता टाइम्स के संपादक एवं समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि “डॉ. ओमप्रकाश मौर्य की यह उपलब्धि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का विषय है। एक किसान परिवार से निकलकर आईआईटी रुड़की से पीएचडी और एनआईटी जालंधर में असिस्टेंट प्रोफेसर पद तक पहुंचना युवाओं के लिए अनुकरणीय उदाहरण है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और शिक्षा के प्रति समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।”उन्होंने कहा कि डॉ. मौर्य की उपलब्धि समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा, अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।

सोमवार, 14 सितंबर 2026

MFG Foundation का ‘युवा एवं परिचय संवाद’, शिक्षा से उद्यमिता तक युवाओं के सशक्तिकरण पर मंथन

                

रिपोर्ट: अमरेश कुमार मौर्य प्रकाशन तिथि: 14 सितंबर 2026लखनऊ, 13 सितंबर 2026। MFG Foundation की ओर से रविवार को लखनऊ में ‘युवा एवं परिचय संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को एक साझा मंच पर लाकर शिक्षा, करियर, रोजगार, व्यवसाय एवं उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और संभावनाओं पर संवाद करना तथा समाज के विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े युवाओं एवं सामाजिक रूप से सक्रिय साथियों ने सहभागिता की। संवाद के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि युवाओं को केवल रोजगार तलाशने तक सीमित न रखते हुए उन्हें शिक्षा, कौशल विकास, करियर मार्गदर्शन, रोजगार, व्यवसाय और उद्यमिता से जोड़कर आत्मनिर्भर एवं सक्षम बनाया जाए।

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MFG Foundation की ओर से संगठन के विजन एवं मिशन को साझा करते हुए बताया गया कि आने वाले समय में युवाओं के लिए Career Guidance, Education Support, Skill Development, Jobs, Business Networking और Entrepreneurship जैसे क्षेत्रों में ठोस पहल विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा।

कार्यक्रम में गांव और शहर के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने तथा ग्रामीण युवाओं को शिक्षा, रोजगार और व्यवसाय के अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। इसके लिए स्थानीय स्तर पर सक्रिय युवाओं, प्रोफेशनल्स, उद्यमियों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से एक मजबूत नेटवर्क विकसित करने पर जोर दिया गया।

                    
संवाद के दौरान प्रतिभागियों ने अपने विचार, अनुभव और सुझाव साझा किए तथा समाजहित में मिलकर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की। आयोजकों ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसी एक व्यक्ति या संस्था तक सीमित न रहकर साझेदारी, सहयोग और सामूहिक प्रयास के माध्यम से युवाओं के लिए बेहतर अवसर तैयार करना है।

MFG Foundation के प्रतिनिधियों के अनुसार, लखनऊ में आयोजित यह संवाद एक प्रारंभिक कदम है। आने वाले समय में इसे व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाते हुए अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने तथा शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और सामाजिक विकास से जुड़े विषयों पर कार्य करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

कार्यक्रम में MFG Foundation के कोर सदस्य अमरेश मौर्य, दिनेश मौर्य, अरुण मौर्य, कुलदीप मौर्य एवं आशीष शाक्य ने सहभागिता की और युवाओं के साथ संवाद किया।

इस अवसर पर अमरेश मौर्य ने युवाओं के लिए एक व्यापक और दीर्घकालिक विजन रखते हुए कहा कि समाज की प्रगति के लिए युवाओं को केवल अवसरों की तलाश करने वाला नहीं, बल्कि अवसरों का निर्माण करने वाला बनाना होगा। उन्होंने शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, कौशल विकास और गांव से शहर तक मजबूत नेटवर्क के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया।

दिनेश मौर्य, अरुण मौर्य और कुलदीप मौर्य ने युवाओं को जोड़ने, जमीनी स्तर पर नेटवर्क मजबूत करने और सामाजिक कार्यों को संगठित रूप से आगे बढ़ाने को लेकर अपने विचार रखे।

आयोजकों ने कहा कि “परिचय से संवाद, संवाद से एकता और एकता से विकास” की भावना के साथ आयोजित यह कार्यक्रम भविष्य में एक बड़े युवा नेटवर्क और आगामी युवा कार्यक्रमों की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत है।

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