शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026

रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा और निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर

नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), दिल्ली प्रदेश की ओर से पार्टी के संस्थापक, जननायक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा एवं निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पार्टी कार्यालय, 71 नॉर्थ एवेन्यू, नई दिल्ली में आयोजित हुआ।

श्रद्धांजलि सभा के साथ आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 200 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। विभिन्न अस्पतालों से पहुंचे विशेषज्ञ डॉक्टरों ने लोगों को निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श दिया। शिविर में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और पीएफटी सहित विभिन्न स्वास्थ्य जांच की गईं। आवश्यकता के अनुसार फुल बॉडी चेकअप की सुविधा भी निःशुल्क उपलब्ध कराई गई।

शिविर में ड्रग इंडिया की ओर से निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया। वहीं, Healing Hands Multispeciality Clinic ने डॉक्टरों एवं मेडिकल टीम की व्यवस्था में सहयोग किया। मेडिकल लैब के सहयोग से निःशुल्क फुल बॉडी चेकअप की सुविधा भी प्रदान की गई।

कार्यक्रम में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रधान महासचिव अब्दुल खालिक, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष एवं दिल्ली प्रदेश प्रभारी प्रणव कुमार, दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आशु चौहान, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनुपम झा, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बलराम चौधरी, चिकित्सा प्रकोष्ठ दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विभु आनंद, जोनल अध्यक्ष डॉ. काशिफ अली तथा डॉ. फ़ैज़ अहमद और डॉ. सूरज प्रकाश सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य शिविर के आयोजन में चिकित्सा प्रकोष्ठ दिल्ली प्रदेश के मीडिया प्रबंधक सरीम इकबाल, महासचिव विकास अरोड़ा तथा सचिव अनिल पासवान, दयानंद पासवान, बसंत ठाकुर, राम अवतार चौपाल, इंद्रजीत पासवान और संतोष पासवान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस अवसर पर स्वर्गीय रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सामाजिक न्याय, जनसेवा और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए किए गए कार्यों को याद किया गया। उपस्थित पार्टी पदाधिकारियों ने उनके विचारों एवं सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वर्गीय रामविलास पासवान की स्मृति को नमन करने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सकीय परामर्श पहुंचाना था। श्रद्धांजलि सभा और स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से जनसेवा एवं सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

रिपोर्ट: जितेंद्र कुशवाहा
सामाजिक जागरूकता टाइम्स
कलम की शक्ति से समाज में जागरूकता

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026

प्रयागराज में 18 अक्टूबर को युवाओं की बैठक, सामाजिक एकता और विकास पर होगा मंथन

प्रयागराज। समाज के युवाओं के बीच आपसी परिचय, संवाद, सहयोग और एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 18 अक्टूबर 2026, रविवार को प्रयागराज में एक महत्वपूर्ण सामाजिक बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक का उद्देश्य केवल युवाओं का एक स्थान पर एकत्रित होना नहीं, बल्कि समाज के जागरूक, सक्रिय एवं सकारात्मक सोच रखने वाले युवाओं को एक साझा मंच से जोड़ना है।

बैठक में युवाओं के करियर एवं रोजगार, व्यवसाय एवं स्वरोजगार, शिक्षा एवं मार्गदर्शन सहित सामाजिक कार्यों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को लेकर सकारात्मक चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही समाज के युवाओं को आपस में जोड़ने, समाज के वर्तमान एवं भविष्य को लेकर विचार-विमर्श तथा सामाजिक विकास के लिए प्रभावी पहल पर भी चर्चा होगी।

बैठक में कानूनी मदद एवं सलाह की आवश्यकता वाले समाज के लोगों के लिए सहयोग की व्यवस्था विकसित करने तथा जरूरतमंदों, दिव्यांगजनों और मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में सहायता कैसे उपलब्ध कराई जाए और उनकी मदद किस प्रकार सुनिश्चित की जा सकती है, इस विषय पर भी विचार किया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार, प्रयागराज एवं आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे युवाओं को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो सोशल मीडिया अथवा जमीनी स्तर पर समाज को जागरूक, संगठित और आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं।

यह पहल पूरी तरह गैर-राजनीतिक एवं सामाजिक स्वरूप की होगी। आगामी 22 नवंबर 2026, रविवार को लखनऊ में प्रस्तावित बड़े सामाजिक कार्यक्रम की दिशा में 18 अक्टूबर की प्रयागराज बैठक को एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आयोजकों ने समाज के उन सभी युवाओं से बैठक में शामिल होने की अपील की है, जो सकारात्मक सोच रखते हैं, सामाजिक कार्यों में रुचि रखते हैं तथा अपने अनुभव, विचार और क्षमता के माध्यम से समाज के विकास में योगदान देना चाहते हैं।

बैठक को लेकर सभी साथियों से सुझाव भी आमंत्रित किए गए हैं, ताकि कार्यक्रम की रूपरेखा को और बेहतर एवं प्रभावी बनाया जा सके। विशेष रूप से प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं से 18 अक्टूबर को अधिक से अधिक संख्या में बैठक में शामिल होने का आग्रह किया गया है।

इस पहल का संदेश है—
“परिचय से संवाद, संवाद से एकता और एकता से विकास।”

निवेदक :
MFG FOUNDATION

नोट: यह पहल सामाजिक कार्यों में रुचि रखने वाले, जागरूक एवं सक्रिय साथियों को एक साझा मंच पर जोड़ने के उद्देश्य से की जा रही है।

रिपोर्ट: जितेंद्र कुशवाहा

संघर्ष से सफलता तक: किसान के बेटे डॉ. ओमप्रकाश मौर्य बने NIT जालंधर में असिस्टेंट प्रोफेसर

कैमूर (बिहार)। ग्राम भरखर, पोस्ट मोहनिया, जिला कैमूर (बिहार) के निवासी किसान धनंजय कुमार सिंह के पुत्र डॉ. ओमप्रकाश मौर्य का चयन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), जालंधर (पंजाब) में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर होने से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि को संघर्ष, मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।

धनंजय कुमार सिंह ने एम.ए. (हिंदी साहित्य) तक शिक्षा प्राप्त की, लेकिन परिवार की आर्थिक परिस्थितियों के कारण वे नौकरी की विशेष तैयारी नहीं कर सके। इसके बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और खेती-बाड़ी के माध्यम से अपने परिवार का पालन-पोषण करते हुए चारों बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाई।

उनका बड़ा पुत्र रेलवे में टाटानगर (झारखंड) में कार्यरत है, जबकि दूसरा पुत्र रेलवे में दिल्ली में अपनी सेवाएं दे रहा है। तीसरे पुत्र डॉ. ओमप्रकाश मौर्य ने शिक्षा के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है।

डॉ. ओमप्रकाश मौर्य ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आरबीएस स्कूल, मोहनिया से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सेंट्रल हिंदू स्कूल (CHS), वाराणसी से इंटरमीडिएट किया। आगे चलकर उन्होंने एमबीएम विश्वविद्यालय, जोधपुर से बी.टेक, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली से एम.टेक तथा आईआईटी रुड़की से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। इसके अतिरिक्त उन्होंने आईआईटी मद्रास में पोस्ट-डॉक्टोरल शोध कार्य भी किया।

हाल ही में उनका चयन NIT जालंधर में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुआ है, जो न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे कैमूर जिले और बिहार के लिए गर्व की बात है।परिवार के सबसे छोटे पुत्र ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद एक निजी आईटीआई संस्थान में शिक्षक के रूप में अपना योगदान दे रहे हैं।इस अवसर पर समाजसेवी एवं सामाजिक जागरूकता टाइम्स की पूरी टीम ने डॉ. ओमप्रकाश मौर्य को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

सामाजिक जागरूकता टाइम्स के संपादक एवं समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि “डॉ. ओमप्रकाश मौर्य की यह उपलब्धि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का विषय है। एक किसान परिवार से निकलकर आईआईटी रुड़की से पीएचडी और एनआईटी जालंधर में असिस्टेंट प्रोफेसर पद तक पहुंचना युवाओं के लिए अनुकरणीय उदाहरण है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और शिक्षा के प्रति समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।”उन्होंने कहा कि डॉ. मौर्य की उपलब्धि समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा, अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026

बिहारी स्वाभिमान सम्मान 2026 से समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा सम्मानित



नई दिल्ली, 2026। राजधानी दिल्ली के केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में आयोजित “बिहारी स्वाभिमान सम्मान 2026” समारोह में समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा को बिहार और बिहारवासियों के हित में किए जा रहे सामाजिक कार्यों, जन-जागरूकता अभियानों तथा सामाजिक विकास में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

शुभसिता फाउंडेशन द्वारा आयोजित समारोह में जितेंद्र कुशवाहा को भारतीय राजनेता कन्हैया कुमार, लेखक एवं कवि नीलोत्पल मृणाल तथा बिहारी वेलफेयर सोसाइटी (BWS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय भाई ने संयुक्त रूप से सम्मानित किया।

समारोह के दौरान जितेंद्र कुशवाहा के सामाजिक कार्यों तथा बिहार की अस्मिता, संस्कृति और विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई।

जितेंद्र कुशवाहा बिहारी वेलफेयर सोसाइटी (BWS) के साथ मिलकर “जहाँ बिहार, वहाँ विकास” अभियान को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अभियान के माध्यम से बिहार के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक एकता तथा बिहार की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है।

इस अवसर पर जितेंद्र कुशवाहा ने कहा, “हम गमछाधारी हैं, हम ही बिहारी हैं। हम जहां भी रहें, बिहार और बिहारियों के सम्मान तथा विकास के लिए कार्य करते रहेंगे।”

उन्होंने कहा कि बिहारवासियों को एकजुट करना, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना तथा बिहार में उद्योग-धंधों की स्थापना के लिए लोगों को प्रेरित करना उनके प्रमुख सामाजिक उद्देश्यों में शामिल है। बिहार में उद्योग स्थापित करने वाले लोगों को प्रोत्साहित एवं सहयोग करने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

जितेंद्र कुशवाहा ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने, बिहार की अस्मिता एवं संस्कृति को मजबूत करने तथा सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा को राष्ट्रीय पर्व का दर्जा एवं राष्ट्रीय अवकाश दिलाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया।

इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों की राजधानियों में बिहारवासियों की सुविधा के लिए बिहार धर्मशाला निर्माण, शहरों में किराये पर रहने वाले लोगों के हित में किरायेदार कल्याण बोर्ड की मांग तथा बिहारवासियों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े सेवा प्रकल्पों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया गया।

जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि “जहाँ बिहार, वहाँ विकास” की आवाज को देश के विभिन्न राज्यों और शहरों तक पहुंचाने तथा बिहार के विकास से जुड़े मुद्दों पर जन-जागरूकता बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

उन्होंने कहा कि बिहारी स्वाभिमान सम्मान 2026 उनके लिए व्यक्तिगत सम्मान के साथ-साथ बिहार और बिहारवासियों के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी को और मजबूती से आगे बढ़ाने की प्रेरणा है।


अनूप कुमार मौर्य
नई दिल्ली

नरेला में कुशवाहा समाज दिल्ली का भव्य सम्मान समारोह एवं सामाजिक विचार गोष्ठी संपन्न


नई दिल्ली। कुशवाहा समाज दिल्ली के तत्वावधान में नरेला क्षेत्र द्वारा आयोजित सम्मान समारोह एवं सामाजिक विचार गोष्ठी का आयोजन अत्यंत भव्य एवं सफल रहा। कार्यक्रम में कुशवाहा समाज दिल्ली के प्रधान संरक्षक महेंद्र सिंह कुशवाहा, धम्मचार्य करुणाशील रोशन, दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर आलोक मौर्य, प्रभारी इंजीनियर राजेश कुशवाहा, संगठन मंत्री अमरेश मौर्य, प्रधान महासचिव बसंत कुमार भगत, उपाध्यक्ष रविंद्र कुशवाहा, कोषाध्यक्ष विजय कुशवाहा, पश्चिमी दिल्ली अध्यक्ष प्रमोद कुशवाहा, महासचिव विष्णु देव कुशवाहा, कोषाध्यक्ष अरविंद कुशवाहा, व्यापारिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश कुशवाहा, महासचिव सुरेश कुशवाहा, सोनिया विहार अध्यक्ष रमेश कुशवाहा, नोएडा क्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष बजरंगी कुशवाहा, अखिल भारतीय मौर्य महासंघ के महासचिव हरे राम मौर्य, कोषाध्यक्ष आर.डी. मौर्य, सुनीता कुशवाहा तथा संसार सिंह कुशवाहा सहित दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों समाजबंधुओं, मातृशक्ति एवं युवा साथियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान दीप प्रज्वलन, समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान, सामाजिक एकता पर विचार-विमर्श तथा संगठन को मजबूत बनाने के विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। उपस्थित अतिथियों ने समाज में शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने पर बल दिया।

आयोजन की सफलता पर नरेला क्षेत्र के अध्यक्ष रामजी कुशवाहा एवं उनकी समस्त टीम को हार्दिक बधाई एवं साधुवाद दिया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों को एक मंच पर जोड़ने के प्रयास की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सामाजिक एकता, भाईचारे और संगठनात्मक मजबूती को नई दिशा प्रदान करते हैं।

कुशवाहा समाज दिल्ली के महासचिव बसंत कुमार भगत ने आयोजन समिति के सभी सदस्यों, अतिथियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के उत्थान और संगठन की मजबूती के लिए ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज की एकजुटता और सामूहिक प्रयासों से आने वाले समय में और अधिक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे।

रिपोर्ट: जितेंद्र कुशवाहा

जहां बिहार, वहां विकास: संजय भाई और जितेंद्र कुशवाहा पहुंचा रहे हैं जन-जन तक विकास का संदेश

जितेंद्र कुशवाहा, विशेष संवाददाता, 05 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली। बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक मूल्यों और विकास की सोच को देशभर में पहुंचाने के उद्देश्य से समाजसेवी एवं बिहार के प्रति समर्पित कार्यकर्ता संजय भाई और जितेंद्र कुशवाहा लगातार जन-जागरूकता अभियान चला रहे हैं। उनका मानना है कि बिहार केवल एक राज्य नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कृति, संघर्ष और विकास की प्रेरणादायक भूमि है, जिसकी पहचान देश और दुनिया में लगातार मजबूत हो रही है।
संजय भाई ने कहा कि बिहार ने देश को अनेक महान विभूतियां, विद्वान, समाज सुधारक और जननेता दिए हैं। आज बिहार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, कृषि, उद्योग तथा सामाजिक विकास के क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। इन सकारात्मक परिवर्तनों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है, ताकि बिहार की वास्तविक तस्वीर लोगों के सामने आ सके।

जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि “जहां बिहार, वहां विकास” केवल एक नारा नहीं बल्कि जनभागीदारी और सामाजिक चेतना का अभियान है। बिहार के लोगों ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और संघर्ष के बल पर देश के हर हिस्से में अपनी पहचान बनाई है। आज आवश्यकता इस बात की है कि बिहार की उपलब्धियों, सांस्कृतिक धरोहर और विकास कार्यों की जानकारी युवाओं तथा आम नागरिकों तक व्यापक रूप से पहुंचे।

दोनों समाजसेवियों ने कहा कि विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से बिहार के विकास मॉडल और उसकी सकारात्मक छवि को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही युवाओं को शिक्षा, रोजगार, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज के सभी वर्गों के सहयोग से बिहार विकास, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। “जहां बिहार, वहां विकास” का संदेश लोगों को एकजुट कर राज्य और राष्ट्र के समग्र विकास की दिशा में प्रेरित करता रहेगा।




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