शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

समाजसेवी का दर्द और समाज के प्रति जिम्मेदारी — जितेन्द्र कुशवाहा



नई दिल्ली, समाजसेवा केवल एक कार्य नहीं, बल्कि त्याग, संघर्ष और संवेदनशीलता से भरी एक सतत यात्रा है। एक समाजसेवी का दर्द समाज के प्रति उसकी गहरी जिम्मेदारी से जुड़ा होता है। वह अपनी व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं को पीछे छोड़कर समाज के वंचित, शोषित और जरूरतमंद वर्ग के लिए कार्य करता है। समाजसेवी का जीवन अक्सर चुनौतियों, उपेक्षा और आलोचनाओं से भरा होता है, लेकिन फिर भी उसका संकल्प कमजोर नहीं पड़ता।

समाज में फैली अशिक्षा, गरीबी, नशा, बेरोजगारी और सामाजिक कुरीतियाँ समाजसेवी के मन को निरंतर व्यथित करती हैं। कई बार निस्वार्थ सेवा को गलत नजर से देखा जाता है और उसके प्रयासों को संदेह की दृष्टि से परखा जाता है। बावजूद इसके, समाजसेवी अपने लक्ष्य से विचलित नहीं होता, क्योंकि उसके लिए समाज का उत्थान ही सर्वोपरि होता है।

समाजसेवी का सबसे बड़ा दर्द तब होता है जब जागरूकता के अभाव में लोग अपने अधिकारों और कर्तव्यों को नहीं समझ पाते। वह शिक्षा, समानता और सामाजिक समरसता के माध्यम से परिवर्तन लाने का प्रयास करता है। किसी भूखे को भोजन, किसी बच्चे को शिक्षा और किसी पीड़ित को न्याय दिलाने का प्रयास ही उसके संघर्ष की सार्थकता है।

जितेन्द्र कुशवाहा का मानना है कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है जब सेवा भाव को आंदोलन बनाया जाए और हर नागरिक सामाजिक जिम्मेदारी निभाए। समाजसेवी का दर्द दरअसल एक बेहतर, न्यायपूर्ण और संवेदनशील समाज बनाने की प्रेरणा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार करती है।


 

गुरुवार, 15 जनवरी 2026

दशरथ मांझी जयंती पर अदम्य साहस को नमन

नई दिल्ली ,माउंटेन मैन’ के नाम से विश्वविख्यात स्वर्गीय दशरथ मांझी जी की जयंती के अवसर पर देशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। दशरथ मांझी जी ने सिर्फ हथौड़ा और छेनी की मदद से 22 वर्षों की अथक मेहनत कर पहाड़ को काटकर रास्ता बनाकर यह सिद्ध कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति के आगे असंभव शब्द निरर्थक हो जाता है। उनका जीवन संघर्ष, धैर्य, प्रेम और जनकल्याण के प्रति समर्पण की अनुपम मिसाल है।

इस अवसर पर समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने दशरथ मांझी जी को नमन करते हुए कहा कि मांझी जी का संघर्ष केवल एक रास्ता बनाने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह सामाजिक विषमता, भौगोलिक बाधाओं और व्यवस्था की उदासीनता के खिलाफ एक शांत लेकिन दृढ़ क्रांति थी। उन्होंने अपने व्यक्तिगत दुख को समाज के हित में बदलकर यह दिखाया कि सच्चा बदलाव सत्ता या संसाधनों से नहीं, बल्कि संकल्प से आता है।

जितेन्द्र कुशवाहा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के युवाओं को दशरथ मांझी जी के जीवन से सीख लेनी चाहिए। मांझी जी का जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मन में जनसेवा की भावना हो तो हर बाधा को पार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विकास केवल बड़ी योजनाओं या घोषणाओं से नहीं होता, बल्कि जमीनी स्तर पर किए गए ईमानदार प्रयासों से होता है, जैसा कि दशरथ मांझी जी ने करके दिखाया।

उन्होंने आगे कहा कि आज आवश्यकता है मांझी जी की सोच को आत्मसात करने की—जहां व्यक्ति अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए कार्य करे। दशरथ मांझी जी का अतुलनीय योगदान आने वाले समय में भी देश और दुनिया को प्रेरणा देता रहेगा।

अंत में, जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि दशरथ मांझी जी जैसे महापुरुषों की जयंती केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके विचारों को जीवन में उतारने का संकल्प लेने का दिन है।

 

NGO Inside को MFG Foundation से “Best Cancer Awareness and Care Initiative” अवार्ड

 



दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में कैंसर रोगियों की सहायता और जागरूकता बढ़ाने के क्षेत्र में NGO Inside (INEF) ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में MFG Foundation की ओर से NGO Inside को “Best Cancer Awareness and Care Initiative” अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्था द्वारा कैंसर जागरूकता, रोगी सहायता और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की मान्यता है।

NGO Inside बीते 7 नवंबर 2025 से लगातार कैंसर जागरूकता एवं रोगी सहायता कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य आम जनता को कैंसर के लक्षणों, रोकथाम और समय पर उपचार के प्रति जागरूक करना, साथ ही कैंसर रोगियों एवं उनके परिजनों को मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक सहयोग प्रदान करना है।

इस अवसर पर NGO Inside के संस्थापक अमरेश मौर्य ने कहा कि कैंसर आज समाज की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक बन चुका है और लगभग हर परिवार किसी न किसी रूप में इससे प्रभावित है। उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, जंक फूड से दूर रहने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि कैंसर का समय पर पता चलने से इलाज की सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

अमरेश मौर्य ने इस पुरस्कार को संस्था के सभी स्वयंसेवकों, समर्थकों और सहयोगियों को समर्पित करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके सामूहिक प्रयासों और समाज सेवा के प्रति समर्पण का परिणाम है। NGO Inside का लक्ष्य है कि बीमारी किसी के लिए भी अभिशाप न बने और हर व्यक्ति को स्वास्थ्य के समान अधिकार मिलें।

MFG Foundation ने NGO Inside की इस निरंतर, समर्पित और प्रेरक पहल की सराहना करते हुए कहा कि संस्था कैंसर रोगियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और समाज को जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

NGO Inside ने आगामी 4 फरवरी, विश्व कैंसर जागरूकता दिवस के अवसर पर और भी व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है तथा समाज के सभी वर्गों से इस मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया है।


मंगलवार, 13 जनवरी 2026

राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं को एकता, शिक्षा और सेवा का संदेश

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक, समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने देश के युवाओं से शिक्षा, संगठन, अनुशासन और समाज सेवा को जीवन का मूल उद्देश्य बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी युवा शक्ति की सोच, दिशा और कर्म पर निर्भर करती है।

जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे। विवेकानंद ने युवाओं को आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा का मार्ग दिखाया। यदि आज का युवा इन मूल्यों को अपनाए, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के सामने अनेक चुनौतियाँ हैं, लेकिन संगठित प्रयास और सही मार्गदर्शन से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी विकसित करने का सशक्त साधन है।

समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि युवाओं को नशा, हिंसा और नकारात्मक सोच से दूर रहकर सेवा, सहयोग और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। जब युवा समाज के कमजोर वर्ग के लिए कार्य करते हैं, तभी सच्चे राष्ट्रनिर्माण की नींव पड़ती है।

अंत में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस हमें यह संदेश देता है कि सशक्त, शिक्षित और संगठित युवा ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत का आधार हैं। युवा शक्ति के सकारात्मक उपयोग से ही सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा।


 

राष्ट्रीय युवा दिवस पर बच्चों की प्रतिभा निखारने हेतु चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित

 

दिनांक 12.01.2026 को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर भाटी माइंस में मय भारत एवं अपर्णा सर्व सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में एक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के भीतर छिपी हुई कला और रचनात्मक प्रतिभा को बाहर लाना तथा उन्हें अपनी अभिव्यक्ति का मंच प्रदान करना रहा।

प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और रंगों व चित्रों के माध्यम से अपने विचारों, सपनों और सामाजिक संदेशों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में आत्मविश्वास, कल्पनाशक्ति और सकारात्मक सोच देखने को मिली।

इस अवसर पर अमित कुमार ने देश के युवाओं से सामाजिक समरसता, शिक्षा और संगठन को जीवन का मूल आधार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि युवा शिक्षित, संगठित और जागरूक होंगे तो देश प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ेगा।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी बच्चों की सराहना की गई एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय युवा दिवस की भावना के अनुरूप युवाओं और बच्चों को प्रेरित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल रहा।

सोमवार, 12 जनवरी 2026

युवा आइकन अवार्ड से सम्मानित हुए हाजीपुर के इंजीनियर पवन कुमार सिंह


 हाजीपुर नगर परिषद के वार्ड नंबर–10 निवासी ई. पवन कुमार सिंह को माता सावित्रीबाई फुले एजुकेशनल समिट 2026 में “यूथ आइकन अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य, नवाचार और सामाजिक योगदान के लिए प्रदान किया गया।


यह सम्मान सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समृद्धि भारत फाउंडेशन की संस्थापक एडवोकेट सीमा समृद्धि कुशवाहा द्वारा प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एमएफजी फाउंडेशन द्वारा किया गया, जिसमें देशभर से शिक्षाविद, समाजसेवी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।


गौरतलब है कि इससे पूर्व वर्ष 2025 में ई. पवन कुमार सिंह को एपीजे अब्दुल कलाम मेमोरियल स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें देश के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा प्रदान किया गया था, जो उनकी असाधारण उपलब्धियों और शोध कार्यों का प्रमाण है।


ई. पवन कुमार सिंह के पिता  मुन्ना सिंह हाजीपुर में टेंट हाउस व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि माता श्रीमती पिंटू देवी एक सादगीपूर्ण गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद माता-पिता ने अपने पुत्र को सदैव आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।


इस सम्मान से हाजीपुर सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे जिले के लिए गर्व का विषय बताया है और पवन कुमार सिंह को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत माना है।

एजुकेशन समिट 2026 व सावित्रीबाई फुले जयंती समारोह आयोजित

MFG फाउंडेशन के तत्वावधान में महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम, नीलगिरी हिल्स पब्लिक स्कूल, सेक्टर-50 नोएडा, गाजियाबाद में एजुकेशन समिट 2026 का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महान समाज सुधारक माता सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाना रहा।

इस अवसर पर देश की जानी-मानी अधिवक्ता सीमा समृद्धि कुशवाहा, अधिवक्ता हेमंत कुमार मौर्या, प्रभात नमकीन के निदेशक लक्ष्मण कुशवाहा, अनित मौर्या, मृत्युंजय कुशवाहा, समीक्षा अधिकारी अजय मौर्या एवं अधिवक्ता ओमप्रकाश कुशवाहा सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। वक्ताओं ने माता सावित्रीबाई फुले के शिक्षा क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा पर जोर दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नई पीढ़ी को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने MFG फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की।

समिट के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है।