
संवाददाता जितेंद्र कुशवाहा सामाजिक जागरूकता टाइम्स नई दिल्ली, 15 जून। देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा आयोजित Education Summit 2026 का भव्य आयोजन यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, द्वारका में सम्पन्न हुआ। यह समिट शिक्षा, तकनीक और नवाचार के संगम का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जहाँ देशभर से शिक्षाविद, नीति निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ और युवा प्रतिभाएँ एकत्रित हुईं।https://www.samajikjagruktatimes.in/2026/01/my-bharat-my-vote.html समिट का मुख्य विषय भारतीय शिक्षा प्रणाली को पारंपरिक सीमाओं से बाहर निकालकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा, कौशल विकास और तकनीकी नवाचार के अनुरूप विकसित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल लर्निंग, स्किल-बेस्ड एजुकेशन तथा भविष्य की शिक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न विशेषज्ञों ने आधुनिक शिक्षा मॉडल प्रस्तुत करते हुए बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला।
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इस अवसर पर अमरेश मौर्य ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री सफलता की गारंटी नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को कौशल, नवाचार और तकनीक से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उनके अनुसार आने वाला समय उन्हीं लोगों का होगा जो ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षता और नई तकनीकों को अपनाने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीकें शिक्षा का भविष्य निर्धारित करने वाली प्रमुख शक्तियाँ बन रही हैं। ऐसे में छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों को लगातार स्वयं को अपडेट और विकसित करना होगा।समिट में आयोजित पैनल चर्चाओं, विशेषज्ञ सत्रों और इंटरएक्टिव कार्यशालाओं ने शिक्षा, रोजगार क्षमता और नवाचार के विभिन्न आयामों पर सार्थक संवाद स्थापित किया। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश उभरकर सामने आया कि भारत की शिक्षा व्यवस्था को केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित न रखकर युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने वाली, रोजगारोन्मुख और नवाचार-आधारित प्रणाली में परिवर्तित करना आवश्यक है।
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