गोष्ठी की शुरुआत समाज हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श के साथ हुई। युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुजीत कुशवाहा ने युवाओं को संगठित कर सामाजिक एवं संगठनात्मक ढांचे से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। रत्नेश कुमार ने समाज में आपसी संवाद और सहयोग की भावना को मजबूत बनाने की बात कही।
अखिल भारतीय मौर्य महासंघ के महासचिव डॉ. हरिराम मौर्य ने ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन सम्राट अशोक अंतरराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र की प्रगति एवं उसके महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं धम्माचार्य करुणाशील रौशन ने लगातार आयोजित होने वाली सामाजिक बैठकों और उनके समाज पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।
धर्म सिंह सैनी ने भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समर्थन में अपने विचार व्यक्त किए। अखिल भारतीय मौर्य महासंघ के अध्यक्ष प्रवेश कुशवाहा ने सम्राट अशोक अंतरराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र के निर्माण कार्य तथा आगामी अक्टूबर माह में प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम की जानकारी साझा की।
राजबाला सैनी ने सामाजिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करते हुए महिलाओं की भागीदारी और सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने पर बल दिया। प्रगतिशील मंच के अध्यक्ष अविनाश कुसुमाकर ने समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, संगठन और सामाजिक चेतना को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं आयोजक इंजीनियर राजेश कुशवाहा ने सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्य आयोजक शिव कुमार मौर्य ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए समाज की एकजुटता को समय की आवश्यकता बताया। वरिष्ठ समाजसेवी इंदल मौर्य ने समाज के प्रत्येक सदस्य के सुख-दुख में साथ खड़े रहने का आह्वान किया।
गोष्ठी का संचालन अमरेश मौर्य ने किया। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के विभिन्न इलाकों में नियमित रूप से सामाजिक बैठकों एवं विचार गोष्ठियों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि समाज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विरुद्ध किए जा रहे अनर्गल वक्तव्यों का विरोध करता है तथा उनके समर्थन में एकजुट रहेगा। साथ ही आगामी महीनों में दिल्ली में कुशवाहा, मौर्य, शाक्य एवं सैनी समाज का एक विशाल महासम्मेलन आयोजित करने पर भी सहमति बनी। शिक्षा, रोजगार, सामाजिक संगठन और समाज के समग्र विकास जैसे विषयों पर भी व्यापक चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक दोपहर भोज का आयोजन किया गया, जिसके उपरांत गोष्ठी का समापन हुआ।












