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गुरुवार, 2 जुलाई 2026

दिल्ली में कुशवाहा-मौर्य समाज की विचार गोष्ठी सम्पन्न, सम्राट चौधरी के समर्थन और सामाजिक एकता पर जोर

संवाददाता: अमरेश मौर्य प्रकाशन तिथि: 02 जुलाई 2026नई दिल्ली। कुशवाहा समाज दिल्ली एवं अखिल भारतीय मौर्य महासंघ के तत्वावधान में 28 जून 2026, रविवार को पश्चिम विहार स्थित फॉरएवर वेंकट सभागार में समाज के बुद्धिजीवियों, उद्योगपतियों, अधिकारियों, समाजसेवियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों की एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी एवं लंच-पार्टी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर वर्तमान सामाजिक, शैक्षिक, राजनीतिक एवं संगठनात्मक विषयों पर गहन चर्चा की।

गोष्ठी की शुरुआत समाज हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श के साथ हुई। युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुजीत कुशवाहा ने युवाओं को संगठित कर सामाजिक एवं संगठनात्मक ढांचे से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। रत्नेश कुमार ने समाज में आपसी संवाद और सहयोग की भावना को मजबूत बनाने की बात कही।

अखिल भारतीय मौर्य महासंघ के महासचिव डॉ. हरिराम मौर्य ने ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन सम्राट अशोक अंतरराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र की प्रगति एवं उसके महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं धम्माचार्य करुणाशील रौशन ने लगातार आयोजित होने वाली सामाजिक बैठकों और उनके समाज पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।

अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा के महासचिव शिवसरन कुशवाहा ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ किए जा रहे कथित अमर्यादित बयानों का विरोध करते हुए कहा कि कुशवाहा, मौर्य, शाक्य एवं सैनी समाज पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा है। उन्होंने समाज की एकता एवं शक्ति प्रदर्शन के लिए दिल्ली में एक विशाल महासम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव रखा, जिसका उपस्थित जनसमूह ने समर्थन किया।

धर्म सिंह सैनी ने भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समर्थन में अपने विचार व्यक्त किए। अखिल भारतीय मौर्य महासंघ के अध्यक्ष प्रवेश कुशवाहा ने सम्राट अशोक अंतरराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र के निर्माण कार्य तथा आगामी अक्टूबर माह में प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम की जानकारी साझा की।

राजबाला सैनी ने सामाजिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करते हुए महिलाओं की भागीदारी और सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने पर बल दिया। प्रगतिशील मंच के अध्यक्ष अविनाश कुसुमाकर ने समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, संगठन और सामाजिक चेतना को आवश्यक बताया।

आईईएस अधिकारी शिव कुमार कुशवाहा ने समाज को शिक्षित, संगठित और संघर्षशील बनने का संदेश दिया। कुशवाहा समाज दिल्ली के प्रधान संरक्षक महेंद्र सिंह कुशवाहा ने सभी अतिथियों एवं सामाजिक संगठनों का आभार व्यक्त करते हुए उनके सामाजिक योगदान की सराहना की। पी.सी. कुशवाहा ने भी समाज के समक्ष उपस्थित चुनौतियों और उनके समाधान पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं आयोजक इंजीनियर राजेश कुशवाहा ने सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्य आयोजक शिव कुमार मौर्य ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए समाज की एकजुटता को समय की आवश्यकता बताया। वरिष्ठ समाजसेवी इंदल मौर्य ने समाज के प्रत्येक सदस्य के सुख-दुख में साथ खड़े रहने का आह्वान किया।

गोष्ठी का संचालन अमरेश मौर्य ने किया। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के विभिन्न इलाकों में नियमित रूप से सामाजिक बैठकों एवं विचार गोष्ठियों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि समाज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विरुद्ध किए जा रहे अनर्गल वक्तव्यों का विरोध करता है तथा उनके समर्थन में एकजुट रहेगा। साथ ही आगामी महीनों में दिल्ली में कुशवाहा, मौर्य, शाक्य एवं सैनी समाज का एक विशाल महासम्मेलन आयोजित करने पर भी सहमति बनी। शिक्षा, रोजगार, सामाजिक संगठन और समाज के समग्र विकास जैसे विषयों पर भी व्यापक चर्चा की गई।

कार्यक्रम के अंत में सामूहिक दोपहर भोज का आयोजन किया गया, जिसके उपरांत गोष्ठी का समापन हुआ।

बुधवार, 1 जुलाई 2026

नव नालन्दा महाविहार में मगही भाषा पाठ्यक्रम लागू करने की मांग, BWS और नालन्दा परिवार दिल्ली ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन

 

विशेष संवाददाता के. एल. गुप्ता की रिपोर्ट नालन्दा, बिहार: मगही भाषा के संरक्षण, संवर्धन और शैक्षणिक विस्तार को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी (BWS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मगही भाषा आंदोलन के प्रमुख संजय भाई तथा नालन्दा परिवार दिल्ली (NPD) के अध्यक्ष एवं मगही बयार के सम्पादक प्रोफेसर (डॉ.) आनन्द वर्धन जी ने नव नालन्दा महाविहार (डीम्ड विश्वविद्यालय), नालन्दा के कुलपति प्रोफेसर सिद्धार्थ सिंह को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि नव नालन्दा महाविहार जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में मगही भाषा को पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया जाए, ताकि मगध क्षेत्र की प्राचीन एवं समृद्ध भाषा को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।

इस अवसर पर संजय भाई ने कहा कि मगही भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि मगध की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान से जुड़ी हुई है। विश्वविद्यालय स्तर पर इसके अध्ययन की व्यवस्था होने से भाषा के शोध, लेखन और प्रचार-प्रसार को नई दिशा मिलेगी।

प्रोफेसर (डॉ.) आनन्द वर्धन जी ने कहा कि मगही भाषा का साहित्य और लोक संस्कृति अत्यंत समृद्ध है। इसके संरक्षण के लिए शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव नालन्दा महाविहार इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगा।

मगही भाषा आंदोलन से जुड़े लोगों ने इस पहल को भाषा और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि मगही को शिक्षा, शोध और प्रशासनिक स्तर पर बढ़ावा मिलने से क्षेत्रीय भाषाओं को मजबूती मिलेगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान मगही भाषा प्रेमियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी मगही भाषा के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए अपने विचार रखे।

यह पहल मगध की विरासत, भाषा और संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास माना जा रहा है।

भाटी माइंस में नशा मुक्त भारत अभियान, बच्चों को दिलाई जागरूकता की शपथ

 स्थान: भाटी माइंस, कालू राम चौक दिनांक: 30 जून 2026 रिपोर्ट: अमित कुमारनई दिल्ली: My Bharat एवं अर्पणा सर्व सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में भाटी माइंस क्षेत्र के कालू राम चौक पर बच्चों के बीच नशा मुक्त भारत जागरूकता अभियान का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों और उससे होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। बच्चों को समझाया गया कि नशा जीवन को बर्बाद करने वाली बुरी आदत है, जिससे दूर रहकर ही स्वस्थ और बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।

इस अवसर पर बच्चों ने नशा न करने और अपने परिवार एवं समाज को भी नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करने की शपथ ली। आयोजकों ने कहा कि युवाओं और बच्चों में जागरूकता फैलाकर ही एक मजबूत और नशा मुक्त समाज का निर्माण संभव है।

अर्पणा सर्व सेवा समिति एवं My Bharat के सदस्यों ने बताया कि समाजहित में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने स्वस्थ, सुरक्षित और नशा मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया।

"आज की जागरूकता ही कल का उज्ज्वल भविष्य है।"

कबीर साहेब के 628वें प्रकट दिवस पर सद्गुरु कबीर धर्मदास वंशावली मिशन का सेवा अभियान, पक्षियों को बांटे जल पात्र

 

संवाददाता: अमित कुमार नई दिल्ली: कबीर साहेब के 628वें प्रकट दिवस के पावन अवसर पर सद्गुरु कबीर धर्मदास वंशावली मिशन द्वारा मानवता, करुणा और जीव सेवा का संदेश देते हुए एक विशेष सेवा अभियान का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य कबीर साहेब के महान संदेश "जीव दया – आत्म पूजा" को जन-जन तक पहुँचाना और लोगों को जीवों के प्रति संवेदनशील बनाना था।

इस अवसर पर सद्गुरु कबीर धर्मदास वंशावली मिशन के सदस्यों द्वारा पक्षियों के लिए मिट्टी के पानी के पात्र एवं दाना रखने के बर्तन लोगों को वितरित किए गए। साथ ही आमजन से अपील की गई कि भीषण गर्मी को देखते हुए अपने घरों की छत, बालकनी, आंगन या आसपास के स्थानों पर पक्षियों के लिए स्वच्छ पानी और दाना अवश्य रखें।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि प्रकृति और जीव-जंतुओं की रक्षा करना हर व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। छोटे-छोटे प्रयासों से अनेक पक्षियों और जीवों का जीवन बचाया जा सकता है। गर्मी के मौसम में पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना सच्ची सेवा और मानवता का उदाहरण है।

सद्गुरु कबीर धर्मदास वंशावली मिशन ने कहा कि कबीर साहेब ने अपने विचारों के माध्यम से प्रेम, समानता, दया और मानव कल्याण का मार्ग दिखाया। उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

इस सेवा अभियान के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि "जीव दया ही सच्ची आत्म पूजा है।" पक्षियों और अन्य जीवों के प्रति दया भाव रखना ही सच्ची भक्ति और मानव धर्म है।

मिशन की ओर से सभी नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने आसपास के जीवों की सेवा के लिए आगे आएं और कबीर साहेब के करुणा, प्रेम एवं सेवा के संदेश को अपने जीवन में अपनाएं।

संत कबीर प्रकट उत्सव नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संस्था के कार्यों की सराहना, कबीर सम्मान की सिफारिश का आश्वासन

नई दिल्ली: श्री ज्ञान गंगोत्री विकास संस्था एवं बाबू जगजीवन राम राष्ट्रीय फाउंडेशन (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार), एल.आई.सी., आई.आर.सी.टी.सी., मैथली भोजपुरी अकादमी एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब ऑफ इंडिया में 'संत कबीर प्रकट उत्सव' का भव्य आयोजन बेहद हर्षोल्लास के साथ किया गया। जमीनी स्तर पर पिछले एक महीने से चल रही जोरदार तैयारियों के चलते कार्यक्रम में क्षमता से अधिक नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नालंदा (बिहार) के लोकप्रिय सांसद कौशलेंद्र कुमार ने की, जो विशेष रूप से इस आयोजन के लिए पटना से दिल्ली पहुंचे थे। मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए। उन्होंने संस्था के बेहतरीन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें संस्था के इस तरह के कार्यक्रम में चौथी बार शामिल होने का अवसर मिला है और इनके उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए वे भारत सरकार से संस्था को 'कबीर सम्मान' देने के लिए बात करेंगे।

समारोह के दौरान उपस्थित शिक्षाविदों और विचारकों ने संत कबीर दास के जीवन और उनकी अमर वाणी पर गहरा प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हंसराज सुमन ने कबीर की साखियों और सबद का उदाहरण देते हुए कबीर वाणी से जनमानस को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि कबीर केवल एक संत नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक थे, जिन्होंने सदियों पहले सामाजिक समरसता, रूढ़िवादिता के विरोध, जाति-पाति के खंडन और शुद्ध मानवतावाद का संदेश दिया था, जो आज के आधुनिक और तकनीकी युग में भी उतना ही प्रासंगिक है।

मंच से यह बात प्रमुखता से रेखांकित की गई कि कबीर का 'ढाई आखर प्रेम का' सिद्धांत आज पूरे विश्व को जोड़ने और समाज से आपसी भेदभाव मिटाने का सबसे सशक्त माध्यम है। संस्था द्वारा आयोजित यह प्रकट उत्सव नई पीढ़ी को कबीर के विचारों और नैतिक मूल्यों से जोड़ने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

इस गरिमामयी समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय पासवान, भारतीय विश्वविद्यालय संघ के संयुक्त सचिव डॉ. आलोक कुमार मिश्रा, नेशनल बुक ट्रस्ट के निदेशक राकेश कुमार यादव, पूर्व संयुक्त निदेशक हरेंद्र प्रताप सिंह और महामंडलेश्वर नंदेश्वरानंद महाराज उपस्थित रहे।

प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता भाई भरत द्वारा मंच का कुशल संचालन किया गया। बौद्धिक विमर्श के साथ-साथ कबीर के भजनों और संदेशों पर आधारित दो बाल समूहों की शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और पूरे प्रेक्षागृह को भक्तिमय व कबीरमय बना दिया।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में संस्था की मानद महासचिव डॉ. रानी सिंह ने बाबू जगजीवन राम नेशनल फाउंडेशन, एल.आई.सी., आई.आर.सी.टी.सी., मैथली भोजपुरी अकादमी, दिल्ली सरकार एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का समापन महामंडलेश्वर नंदेश्वरानंद महाराज के पावन आशीर्वाद के साथ हुआ। इस अवसर पर दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से आए अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से संजय भाई (राष्ट्रीय अध्यक्ष, बिहारी वेलफेयर सोसाइटी, BWS दिल्ली), जितेंदर कुमार कुशवाहा (पीआरओ BWS), अमित कुमार पंडित (अमृत तुल्य फाउंडेशन), डॉ. सुनीता शर्मा, मंजू चौहान, डॉ. सुमित्रा सिंह (एसोसिएट प्रोफेसर, एमिटी कॉलेज), हेमलता कनोजिया, शगुन श्रीवास्तव, सत्येंद्र कुमार, ऋतु सिंह, जुगल किशोर द्विवेदी, कवि दीपक कुमार, कवि मिथलेश पटेल, रेवती रमण, वीरेंद्र कुमार चौधरी और संस्था की मीडिया प्रभारी रंजना भारती शामिल थीं।

श्री ज्ञान गंगोत्री विकास संस्था ने इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी अतिथियों, सहयोगियों और उपस्थित जनसमुदाय का सहृदय आभार व्यक्त किया।

उपेन्द्र कुशवाहा को ‘प्रबुद्ध राष्ट्रवाद’ बुकलेट भेंट, सामाजिक मुद्दों पर चर्चा

उपेन्द्र कुशवाहा को एडवोकेट हेमंत कुमार मौर्य द्वारा ‘प्रबुद्ध राष्ट्रवाद – भारत की असली पहचान’ बुकलेट भेंट करते हुए एनडीए के कद्दावर नेता ए...

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