सोमवार, 25 मई 2026

“युवाओं को सही दिशा दिखाने की आवश्यकता : समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा”





नई दिल्ली।समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने युवाओं को सही दिशा दिखाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि आज के समय में युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि युवाओं को उचित मार्गदर्शन, अच्छी शिक्षा और सकारात्मक सोच मिले तो वे समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई युवा नशाखोरी, गलत संगति और सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव के कारण अपने लक्ष्य से भटक रहे हैं। ऐसे में समाज, परिवार और शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे युवाओं को सही दिशा देने का कार्य करें। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण जैसे कार्यों में अपनी भागीदारी बढ़ाएं।

जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि समाज में जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को प्रेरित करना समय की मांग है। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था लगातार शिक्षा जागरूकता, नशा मुक्ति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान चला रही है, जिससे युवाओं में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि युवा अपनी ऊर्जा को सही कार्यों में लगाएं तो भारत विश्व में और अधिक मजबूत एवं विकसित राष्ट्र बन सकता है। अंत में उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों और अभिभावकों से युवाओं को संस्कार, शिक्षा और नैतिक मूल्यों से जोड़ने की अपील की।

रविवार, 24 मई 2026

काव्य संगोष्ठी एवं वैवाहिक मिलन समारोह में साहित्य, शिक्षा और सामाजिक चेतना का संदेश


नई दिल्ली, 23 मई 2026।
राजधानी दिल्ली स्थित अणुव्रत भवन, डीडीयू मार्ग में श्री रजनीश शर्मा एवं श्रीमती चंपा कुमारी के वैवाहिक जीवन की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित “काव्य संगोष्ठी एवं वैवाहिक मिलन समारोह” में सामाजिक, साहित्यिक एवं शिक्षाविद गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के दौरान राकेश यादव, नेशनल बुक ट्रस्ट के जॉइंट डायरेक्टर, डॉ आलोक कुमार मिश्रा, भारतीय विश्वविद्यालय संघ के संयुक्त सचिव, एवं डॉ संजय कान्त प्रसाद द्वारा समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा को पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान शिक्षा, साहित्य एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान को समर्पित रहा।



इस अवसर पर संजय भाई ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “जितेन्द्र कुशवाहा सामाजिक कार्यों में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभा रहे हैं, जो समाज एवं गांव के लिए गौरव की बात है। उनके द्वारा शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य प्रेरणादायक हैं।”
कार्यक्रम में शिक्षा, समाजसेवा एवं जनजागरण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। अतिथियों ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए साहित्य, शिक्षा और सामाजिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
इस कार्यक्रम में कन्हैयालाल गुप्ता, डॉ रंजीत कुमार, अनूप मौर्य, हरिश्चंद्र शर्मा, विभा संजय, शशि कला कौशिक सहित अनेक गणमान्य समाजसेवी उपस्थित रहे।
समारोह के उपरांत बिहार के प्रसिद्ध व्यंजन लिट्टी-चोखा एवं लौंगलता का विशेष आतिथ्य भी कराया गया।

शनिवार, 23 मई 2026

सामाजिक दायित्व को निभाना हमारा फर्ज है” — दिनेश मौर्य

 


नई दिल्ली।मौर्य फ्रेंड्स ग्रुप फाउंडेशन के संस्थापक  ने कहा है कि समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभाना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। समाज तभी मजबूत और विकसित बन सकता है जब हर व्यक्ति अपने आसपास के लोगों की समस्याओं को समझते हुए सहयोग और जागरूकता की भावना के साथ आगे आए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सम्मान, युवा सशक्तिकरण, गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता जैसे विषयों पर समाज को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। केवल सरकार के भरोसे समाज का संपूर्ण विकास संभव नहीं है, बल्कि हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सामाजिक दायित्व केवल दान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को जागरूक करना, सही दिशा दिखाना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।



लगातार सामाजिक जागरूकता, शिक्षा सहायता, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण तथा जरूरतमंद परिवारों की मदद जैसे कार्यों के माध्यम से समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। संस्था का उद्देश्य समाज में भाईचारा, मानवता और सहयोग की भावना को मजबूत करना है।

दिनेश मौर्य ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि युवा वर्ग समाज परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा सकारात्मक सोच और सेवा भावना के साथ आगे आएं तो देश और समाज में बड़ा परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने सामाजिक कर्तव्यों को भी समझना चाहिए और एक बेहतर समाज निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।

शुक्रवार, 22 मई 2026

“मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म — बुद्धा फाउंडेशन ने स्थापना दिवस पर दोहराया सेवा का संकल्प”


नई दिल्ली। आज बुद्धा फाउंडेशन का स्थापना दिवस बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संस्था के सभी पदाधिकारियों, कोर कमेटी सदस्यों एवं हजारों सहयोगियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं एवं धन्यवाद प्रेषित किया गया।

संस्था के अध्यक्ष कैलाश बाबू, महासचिव सोनू कुशवाहा, कोषाध्यक्ष मोहित आनंद माथुर, कानूनी सलाहकार अरविंद, आर्थिक सलाहकार संजय सिंह, सह सचिव राकेश, बुराड़ी अध्यक्ष देवनारायण, मॉडल टाउन महासचिव राम माथुर, विजय सिंह, मुनेशपाल, रामकेश शर्मा, गुरु प्रसाद सहित सभी सहयोगियों ने पिछले वर्षों में संस्था को नई पहचान दिलाने के लिए अथक प्रयास किए हैं।

बुद्धा फाउंडेशन निरंतर मानवता की सेवा के लिए कार्य कर रही है। संस्था द्वारा दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छ जल उपलब्ध कराने का अभियान चलाया जा रहा है, जिससे समाज के निम्न वर्ग के लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके और वे स्वस्थ जीवन जी सकें। संस्था का मानना है कि दूषित पानी से शरीर में अनेक बीमारियां उत्पन्न होती हैं, इसलिए स्वच्छ जल उपलब्ध कराना मानव सेवा का महत्वपूर्ण कार्य है।

संस्था ने अपने कार्यों से यह साबित किया है कि निस्वार्थ भाव से समाज और मानवता के लिए कार्य करने वाली संस्था लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। बुद्धा फाउंडेशन आगे भी बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लोगों के लिए सेवा कार्य करती रहेगी।

स्थापना दिवस के अवसर पर संस्था ने मानवता, समानता और सामाजिक सहयोग के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया 

महिला सशक्तिकरण के लिए स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना अत्यंत आवश्यक : डॉ. रूबी झा




नई दिल्ली। डॉ. रूबी झा ने महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति तभी संभव है जब महिलाएं शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ हों। उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना बहुत ही अनिवार्य है, क्योंकि स्वस्थ महिला ही परिवार, समाज और देश को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

डॉ. रूबी झा ने कहा कि महिलाएं अक्सर परिवार की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपने स्वास्थ्य की अनदेखी कर देती हैं। समय पर जांच न कराना, पौष्टिक आहार की कमी, तनाव और जागरूकता का अभाव कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, संतुलित भोजन लें, योग एवं व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें तथा मानसिक स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें।



उन्होंने कहा कि आज महिलाओं को केवल शिक्षित ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना भी जरूरी है। जब महिलाएं स्वस्थ रहेंगी तभी वे आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सशक्त बन सकेंगी। उन्होंने समाज से भी आग्रह किया कि महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं, उचित पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

अंत में डॉ. रूबी झा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ केवल अधिकार देना नहीं, बल्कि उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान करना भी है। स्वस्थ महिला ही स्वस्थ समाज और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला होती है।

मंगलवार, 19 मई 2026

भीषण गर्मी में पेड़-पौधों की देखभाल करें, रोज कम से कम एक पेड़ में पानी डालें : जितेंद्र कुशवाहा

 भीषण गर्मी में पेड़-पौधों की देखभाल करें, रोज कम से कम एक पेड़ में पानी डालें : जितेंद्र कुशवाहा

नई दिल्ली, 19 मई 2026।
दिल्ली-एनसीआर में पड़ रही भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार बढ़ते तापमान और तेज गर्म हवाओं के कारण इंसानों के साथ-साथ पेड़-पौधों पर भी संकट गहराता जा रहा है। इसी को लेकर समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण और पेड़-पौधों की सुरक्षा के लिए विशेष अपील की है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। कई क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है, जिससे छोटे पौधे और पेड़ तेजी से सूखने लगे हैं। यदि समय रहते इनकी देखभाल नहीं की गई, तो पर्यावरण संतुलन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे केवल हरियाली नहीं देते, बल्कि शुद्ध हवा, छाया और जीवन का आधार भी हैं।

समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने सभी नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों, विद्यालयों तथा कॉलोनियों में रहने वाले लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस भीषण गर्मी में हर व्यक्ति कम से कम एक पेड़ को रोज पानी देने का संकल्प ले। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधे की जिम्मेदारी उठाए, तो हजारों पेड़-पौधों को सूखने से बचाया जा सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय पौधों में पानी डालना चाहिए, ताकि तेज धूप के कारण पौधों को नुकसान न पहुंचे। साथ ही पक्षियों के लिए घरों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी के बर्तन रखने की भी अपील की गई।

उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण देने के लिए आज से ही जागरूक होना आवश्यक है। पेड़ बचेंगे तो पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा।

अंत में उन्होंने सभी लोगों से “एक व्यक्ति – एक पौधा – रोज पानी” अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और पर्यावरण संरक्षण के इस जनहित अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया 

सोमवार, 18 मई 2026

विद्यापति भवन पटना में “अपसा छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह 2026” का भव्य आयोजन

 

दिनांक: 17 मई 2026

विद्यापति भवन पटना में “अपसा छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह 2026” का भव्य आयोज


विद्यापति भवन पटना में अपसा द्वारा अपसा छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह 2026  कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. करुणा सागर पूर्व डीजीपी,तमिलनाडु, प्रो.के.सी.सिन्हा पूर्व कुलपति, पटना विश्वविद्यालय के साथ श्री नागमणि कुशवाहा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय युवा कुशवाहा समाज (भारत) ने दीप प्रज्वलित करके किया इस कार्यक्रम में पूरे बिहार के विभिन्न निजी विद्यालयों के दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक पाने वाले 260 बच्चों को "अपसा प्रतिभा सम्मान 2026" से सम्मानित किया गया| इस मौके पर  दीपक प्रकाश शिक्षाविद,आदित्य राज सिंह, अपसा कोर कमेटी के राकेश कुमार रंजन,गोकुलेश उपाध्याय,अजय कुमार वर्मा, सुषमा पांडे,अमरेंद्र कुमार,उमेश सिंह,अविनाश कुमार झा,प्रभात रंजन के साथ कई छात्र,छात्रा,शिक्षक,शिक्षिका एवं समाजसेवी मौजूद थे| 
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ.अजय कुमार झा एवं मंच का संचालन डॉ. मुकेश कुमार ने किया| 

ज्ञान का प्रकाश सभी अंधेरों को खत्म कर देता है|
●उठो जागो और तब तक रुको नहीं जब तक कि आप सभी को अपना- अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं हो जाता|

सफल कार्यक्रम के लिए अपसा की पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं








एमएफजी फाउंडेशन द्वारा राजेंद्र भवन ट्रस्ट में भव्य करियर काउंसलिंग एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का सफल आयोजन

 

एमएफजी फाउंडेशन द्वारा राजेंद्र भवन ट्रस्ट में भव्य करियर काउंसलिंग एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का सफल आयोजन

युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को नई दिशा देने के उद्देश्य से MFG Foundation द्वारा Rajendra Bhawan Trust में भव्य एवं प्रेरणादायक करियर काउंसलिंग एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों एवं युवाओं ने भाग लेकर इसे यादगार बनाया।



कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा, तकनीकी क्षेत्र, मेडिकल, लॉ एवं अन्य प्रोफेशन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करना था, ताकि युवा सही मार्गदर्शन प्राप्त कर अपने भविष्य को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें।

इस अवसर पर अतिथि के रूप में Hemant Maurya, Lakshman Prasad Kushwaha, Praveen Kumar, Shashi Vardhan, Dr. Ashish Maurya, Sanjay Bhai, Neeraj Rajput एवं Sushil Dwivedi सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

साथ ही MFG Foundation के समर्पित सदस्यों Jitendra Kushwaha, Pawan Kumar Singh, Ashish Shakya, Supach Shakya, Arun Maurya एवं Aakash Indu ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को करियर चयन, इंटरव्यू तैयारी, स्किल डेवलपमेंट, सरकारी एवं निजी क्षेत्र में अवसर, विदेश शिक्षा, आईटी सेक्टर की संभावनाएं, मेडिकल एवं लॉ क्षेत्र में करियर विकल्प जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और अनुभवी वक्ताओं से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

इस अवसर पर Dinesh Maurya ने अपने संबोधन में कहा कि —
“हमारा उद्देश्य केवल कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि समाज के हर युवा तक सही मार्गदर्शन पहुंचाना है। जब युवा शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर बनेंगे, तभी समाज और राष्ट्र मजबूत बनेगा। एमएफजी फाउंडेशन आगे भी शिक्षा, रोजगार और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।”

वहीं वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व प्रिंसिपल Hariram Maurya सहित अन्य वक्ताओं ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही जीवन में सफलता दिलाती है।


कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण वह रहा जब इस वर्ष उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह ने छात्रों का उत्साह बढ़ाया और अन्य विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

पूरे कार्यक्रम के दौरान युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों ने भाग लेकर कार्यक्रम की सराहना की और इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया।


कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, आयोजकों, सहयोगियों एवं उपस्थित विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन न केवल करियर मार्गदर्शन का मंच बना, बल्कि समाज में शिक्षा और जागरूकता की नई अलख जगाने वाला प्रेरणास्रोत भी साबित हुआ।

शुक्रवार, 8 मई 2026

नाबालिगों में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति पर समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने जताई चिंता

नई दिल्ली।संजय कॉलोनी, भाटी माइंस क्षेत्र में हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना में एक 16 वर्षीय नाबालिग द्वारा 14 वर्षीय बच्चे की हत्या किए जाने पर समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने गहरी चिंता व्यक्त की है।उन्होंने कहा कि आज के समय में नाबालिग बच्चों द्वारा हत्या जैसे गंभीर अपराध करना अत्यंत चिंताजनक विषय बनता जा रहा है। इससे समाज को बहुत बड़ी क्षति हो रही है। उन्होंने कहा कि कुछ नाबालिगों में नशे की लत, गलत संगति और अपराध जगत में नाम कमाने की मानसिकता तेजी से बढ़ रही है, जो समाज के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।


जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि “जिस प्रकार से कम उम्र के बच्चे अपराध की ओर बढ़ रहे हैं, वह आने वाले समय के लिए अत्यंत भयावह स्थिति पैदा कर सकता है। हत्या जैसी घटनाओं से केवल एक व्यक्ति की जान नहीं जाती, बल्कि पूरा परिवार आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से टूट जाता है।”उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की कि ऐसे मामलों में कानून को और अधिक सख्त बनाया जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति — चाहे वह नाबालिग ही क्यों न हो — गंभीर अपराध करने से पहले कई बार सोचने को मजबूर हो। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो समाज में अराजकता और भय का माहौल बढ़ सकता है।समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें, उन्हें नशे और गलत संगति से दूर रखें तथा नैतिक शिक्षा और संस्कारों पर जोर दें।उन्होंने कहा कि समाज, परिवार, प्रशासन और सरकार को मिलकर इस बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति को रोकने के लिए गंभीर प्रयास करने होंगे, तभी एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।


 

रविवार, 26 अप्रैल 2026

पूर्वांचल छठ पूजा समिति भाटी माइंस के कोषाध्यक्ष अशोक पंडित की शादी की सालगिरह पर समाजसेवियों ने दिया आशीर्वाद




नई दिल्ली, भाटी माइंस क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का सुंदर उदाहरण उस समय देखने को मिला जब पूर्वांचल छठ पूजा समिति भाटी माइंस के कोषाध्यक्ष श्री अशोक पंडित जी की शादी की सालगिरह पर उन्हें शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देने के लिए कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे।


इस अवसर पर संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक एवं समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा, पूर्वांचल छठ पूजा समिति के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार, समाजसेवी विकास कुमार, कुलदीप वर्मा, संतोष कुमार तथा अपर्णा  सर्व सेवा समिति के संस्थापक अमित कुमार ने श्री अशोक पंडित एवं उनके परिवार को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।



सभी उपस्थित गणमान्य लोगों ने उनके स्वस्थ, समृद्ध एवं खुशहाल जीवन की कामना करते हुए समाज सेवा और सामाजिक एकता को और मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सहयोग, भाईचारा और जनकल्याण के प्रति सभी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।



यह आयोजन सामाजिक एकजुटता, पारिवारिक मूल्यों और समाज के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण बना।

रविवार, 19 अप्रैल 2026

“जहां बिहार, वहां विकास” के संकल्प के साथ दिल्ली में सशक्त पहल

 

नई दिल्ली। “जहां बिहार, वहां विकास” के उद्देश्य को लेकर राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल की जा रही है। इस अभियान को बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी (BWS) के जन सम्पर्क अधिकारी एवं समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में रह रहे बिहार के लोगों को एक मंच पर लाकर उनकी सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाना, संगठन को मजबूत करना तथा आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक दिशा में उन्हें सशक्त करना है। इसके अंतर्गत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, जनजागरूकता अभियान, सामाजिक संवाद और युवाओं को जोड़ने के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं।

समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि “बिहार की पहचान उसकी संस्कृति, मेहनत और एकता में है। यदि हम सभी एकजुट होकर कार्य करें, तो न केवल समाज बल्कि देश के विकास में भी अहम योगदान दे सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि संस्था का उद्देश्य शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से बिहारी समाज को नई दिशा देना है।

बिहारी वेल्फेयर सोसाइटी के सहयोग से चल रही यह पहल भविष्य में और व्यापक रूप लेगी, जिससे दिल्ली सहित पूरे देश में बिहारी समाज की एक सशक्त और सकारात्मक पहचान स्थापित होगी।

बुधवार, 15 अप्रैल 2026

“सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई रफ्तार पकड़ेगा बिहार”– समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा

 

बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई देते हुए अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को सम्राट चौधरी से काफी उम्मीदें हैं और उनके नेतृत्व में बिहार एक नई दिशा की ओर अग्रसर होगा। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य में एक सकारात्मक माहौल और नई ऊर्जा का संचार हुआ है, जिससे विकास की नई संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि आज बिहार के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। यदि राज्य के युवाओं को सही दिशा और अवसर मिले, तो बिहार तेजी से विकास की ओर बढ़ सकता है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में यह अपेक्षा की जा रही है कि उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, निवेश आएगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा।

जितेंद्र कुशवाहा ने आगे कहा कि बिहार को समृद्ध और विकसित राज्य बनाने के लिए मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट नीतियां और त्वरित निर्णय अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सम्राट चौधरी अपने नेतृत्व कौशल से इन सभी अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे और राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

अंत में उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब परिणाम चाहती है और यह समय है कि विकास के नए आयाम स्थापित किए जाएं। मजबूत नेतृत्व, सशक्त युवा और संगठित प्रयासों के माध्यम से ही “समृद्ध एवं विकसित बिहार” का सपना साकार हो सकता है।


मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

AI बनता जा रहा है कार्य जीवन की रीढ़ — समय की सच्चाई


 नई दिल्ली: आज के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से हमारे कार्य जीवन का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। यह बदलाव अचानक नहीं, बल्कि धीरे-धीरे और व्यवस्थित रूप से हो रहा है। AI अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ऑफिस कार्य, व्यापार, शिक्षा, बैंकिंग और दैनिक गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

AI ने शुरुआत एक सहायक के रूप में की थी — जैसे ईमेल सुझाव देना, भाषा सुधारना, डेटा विश्लेषण करना आदि। लेकिन अब यह कस्टमर सर्विस, अकाउंटिंग, डिजाइनिंग, कोडिंग और निर्णय प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी सक्रिय योगदान दे रहा है। कई संस्थानों में AI अब सिर्फ एक टूल नहीं, बल्कि कार्य प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।

इस परिवर्तन के बीच एक महत्वपूर्ण सवाल उठता है कि क्या AI नौकरियों के लिए खतरा है? विशेषज्ञों का मानना है कि AI सीधे तौर पर नौकरियां समाप्त नहीं कर रहा, बल्कि कार्य के स्वरूप को बदल रहा है। पारंपरिक और दोहराव वाले कार्यों में कमी आ रही है, जबकि AI आधारित नई भूमिकाएं जैसे AI ट्रेनर, ऑटोमेशन एक्सपर्ट और डेटा विश्लेषक उभर कर सामने आ रही हैं।

भारत सहित पूरी दुनिया में यह बदलाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। IT सेक्टर, बैंकिंग, शिक्षा और स्टार्टअप्स में AI का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।

इस विषय पर विचार व्यक्त करते हुए अमरेश मौर्य ने कहा कि, “भविष्य का कार्यस्थल ‘AI बनाम इंसान’ नहीं होगा, बल्कि ‘AI के साथ काम करने वाला इंसान’ होगा। इसलिए जरूरी है कि हम AI को समझें, सीखें और समय के साथ खुद को विकसित करें।”

यह समय AI से डरने का नहीं, बल्कि इसे अपनाने का है। क्योंकि AI अब भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान है — जो चुपचाप हमारे हर कार्य की रीढ़ बनता जा रहा है।


सोमवार, 13 अप्रैल 2026

भारत स्वाभिमान समारोह एवं भव्य शोभा यात्रा का आयोजन

 

नई दिल्ली। अखंड भारत उत्थान महासंघ द्वारा “भारत स्वाभिमान समारोह” का भव्य आयोजन कुतुब विहार, नई दिल्ली में हर्षोल्लास एवं गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के महान महापुरुषों एवं राष्ट्रनिर्माताओं के जन्मोत्सव माह को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण भव्य शोभा यात्रा रही, जो कुतुब विहार क्षेत्र में निकाली गई। इस शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और देशभक्ति नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा, जिससे वातावरण पूर्णतः राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया।

समारोह में प्रमुख रूप से एडवोकेट हेमंत मौर्य, एडवोकेट चंद्रगुप्त मौर्य, अनित मौर्य, कैलाश बाबू, मनोज मेहता, रामवध वर्मा, श्रीचंद मौर्य सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। साथ ही जितेंद्र कुशवाहा बुद्ध फाउंडेशन के संस्थापक एवं समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा की विशेष उपस्थिति रही, जिन्होंने समाज में शिक्षा, जागरूकता और एकता के महत्व पर जोर दिया।


इस अवसर पर  बुद्धा फाउंडेशन  के अध्यक्ष- कैलाश बाबू को समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा द्वारा विजय ध्वज स्मारिका देकर सम्मानित किया गया, जो कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण क्षण रहा।

अपने संबोधन में जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि “समाजसेवा ही मेरा धर्म है” और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने महापुरुषों के आदर्शों को अपनाकर समाज को सशक्त बनाने में योगदान दें।

कार्यक्रम के दौरान महापुरुषों के चित्रों के माध्यम से उनके जीवन एवं योगदान को प्रदर्शित किया गया, जिससे उपस्थित लोगों को प्रेरणा मिली। समारोह का वातावरण देशभक्ति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बना रहा।

अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


मंगलवार, 7 अप्रैल 2026

सामाजिक समरसता से ही मजबूत होगा राष्ट्र – जितेन्द्र कुशवाहा

 

समाज में बढ़ती विभाजनकारी सोच और आपसी भेदभाव के इस दौर में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक हो गया है। समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि समरसता ही वह मूल आधार है, जिस पर एक सशक्त, संगठित और विकसित समाज का निर्माण संभव है।

उन्होंने कहा कि आज समाज अनेक वर्गों, जातियों, धर्मों और विचारधाराओं में बंटता जा रहा है, जिससे आपसी दूरी और असमानता बढ़ रही है। ऐसे समय में हमें सभी के प्रति समान भाव, आपसी सम्मान और एकता की भावना को अपनाने की जरूरत है। जब हम एक-दूसरे के धर्म, संस्कृति और विचारों का सम्मान करते हैं, तभी सच्चे अर्थों में भाईचारा स्थापित होता है।

जितेन्द्र कुशवाहा ने आगे कहा कि सामाजिक समरसता से न केवल विवाद कम होते हैं, बल्कि समाज में प्रेम, सहयोग और विश्वास भी मजबूत होता है। एक समरस समाज में हर व्यक्ति को समान अवसर मिलता है, जिससे वह अपनी क्षमताओं का पूर्ण विकास कर सकता है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमें अपने भीतर से ऊँच-नीच और भेदभाव की भावना को समाप्त करना होगा और "वसुधैव कुटुंबकम्" की भावना को अपनाना होगा। समाज तभी प्रगति करेगा, जब हर वर्ग और हर व्यक्ति साथ मिलकर आगे बढ़ेगा।

अंत में उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे सामाजिक समरसता को केवल एक विचार न मानें, बल्कि इसे अपने जीवन और व्यवहार में उतारें।

🙏 एकता में ही शक्ति है, और समरसता में ही समाज की सच्ची उन्नति।


सोमवार, 6 अप्रैल 2026

एक रोटी कम खाएं, लेकिन अपने आप को शिक्षा से मजबूत बनाएं” — जितेंद्र कुशवाहा

संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक एवं समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने आज युवाओं और समाज के सभी वर्गों से एक महत्वपूर्ण अपील करते हुए कहा कि यदि जीवन में सच्ची प्रगति और आत्मनिर्भरता हासिल करनी है, तो शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “एक रोटी कम खाएं, लेकिन अपने आप को शिक्षा से मजबूत बनाएं।”

उन्होंने बताया कि आज के दौर में बहुत से युवा आर्थिक कठिनाइयों, पारिवारिक दबाव या संसाधनों की कमी के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं, जो न केवल उनके भविष्य बल्कि समाज के विकास के लिए भी नुकसानदायक है। शिक्षा ही वह आधार है, जो व्यक्ति को जागरूक, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाती है।

जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह अपने बच्चों और आसपास के युवाओं को शिक्षा के प्रति प्रेरित करे। उन्होंने यह भी कहा कि छोटी-छोटी त्याग और समझदारी से बड़े बदलाव संभव हैं।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दें और उन्हें बेहतर शिक्षा के अवसर प्रदान करें। साथ ही युवाओं से अपील की कि वे कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से पीछे न हटें और शिक्षा के माध्यम से अपने जीवन को नई दिशा दें।

अंत में उन्होंने कहा कि एक शिक्षित समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव होता है, और हमें मिलकर इस दिशा में सतत प्रयास करने होंगे।


 

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026

"जब जेब में सिगरेट के पैसे हैं, तो पढ़ाई के लिए क्यों नहीं?" — समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा

 

 

आज के दौर में बहुत से युवा आर्थिक तंगी और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। यह एक गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सच में केवल पैसों की कमी ही इसकी जड़ है?

समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा, संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन के संस्थापक, इस विषय पर अपने विचार रखते हुए कहते हैं —
“आज का युवा मोबाइल रिचार्ज, सिगरेट, तम्बाकू और गुटखे पर हजारों रुपए खर्च कर देता है, लेकिन जब पढ़ाई या किसी अच्छे काम की बात आती है, तो पैसे की कमी का बहाना बना देता है।”

उनका मानना है कि समस्या पैसे की नहीं, सोच की है। यदि युवा अपनी प्राथमिकता शिक्षा को बना लें, तो कोई भी आर्थिक बाधा बड़ी नहीं होती। कई महान लोगों ने गरीबी में पढ़ाई करके इतिहास रचा है।

इसलिए युवाओं को चाहिए कि वे अपनी बुरी आदतों को छोड़कर शिक्षा और कौशल विकास में निवेश करें। यही सच्ची प्रगति की दिशा है।

जितेन्द्र कुशवाहा जी का संदेश स्पष्ट है —
“अगर आपने सिगरेट, तम्बाकू और गुटका छोड़ दिया, तो न केवल पैसे बचेंगे बल्कि स्वास्थ्य और भविष्य दोनों सुरक्षित रहेंगे। जो युवा अपने पैसे और समय का सही उपयोग करता है, वही समाज का सच्चा निर्माता बनता है।”


गुरुवार, 2 अप्रैल 2026

5th International Scientific Seminar & Conference (करुणा मैत्री अवार्ड 2026)

 


विदेश की सरज़मीं पर 29 मार्च से 02 अप्रैल 2026 तक फुकेत, बैंकॉक में आयोजित 5वां अंतरराष्ट्रीय साइंटिफिक सेमिनार सह “करुणा मैत्री अवार्ड 2026” का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन आयुष मेडिकल एसोसिएशन द्वारा किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. विरेंद्र नाथ मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष, आयुष मेडिकल एसोसिएशन बिहार ने की, जबकि मंच संचालन हरिओम कुशवाहा, प्रदेश अध्यक्ष बिहार ABYKS (BHARAT) द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नागमणि कुशवाहा, राष्ट्रीय अध्यक्ष ABYKS (BHARAT) रहे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. पी.आर. किशोर (संरक्षक, आयुष मेडिकल एसोसिएशन बिहार), डॉ. विश्वनाथ साह, समाजसेवी प्रमोद कुमार, डॉ. संजय कुमार एवं डॉ. पंकज भूषण शामिल रहे। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।


आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानपूर्वक किया गया। इस अवसर पर चिकित्सा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई गणमान्य व्यक्तियों को “करुणा मैत्री अवार्ड 2026” से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डॉ. पीताम्बर दास वैष्णव, डॉ. पवन कुमार, डॉ. राजेश आनंद, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. राजकुमार, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. विशाल पाठक, ऋषिकेश गिरी, मो. साहिल खान, चंदन कुमार, प्रवीण एवं प्रदीप कुमार प्रमुख रहे।

कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए विदेश की सरज़मीं पर डॉ. पवन कुमार को आयुष मेडिकल एसोसिएशन बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया।

यह सेमिनार चिकित्सा, अनुसंधान एवं समाजसेवा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

5वें अंतरराष्ट्रीय साइंटिफिक सेमिनार एवं “करुणा मैत्री अवार्ड 2026” के सफल आयोजन के लिए आयुष मेडिकल एसोसिएशन बिहार की पूरी कोर कमेटी, सभी सदस्यों एवं पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।

बुधवार, 1 अप्रैल 2026

सम्राट अशोक के महल का पुनर्निर्माण किया जाए – जितेन्द्र कुशवाहा




जितेन्द्र कुशवाहा संस्थापक एवं समाजसेवी, संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन, ने कहा है कि भारत का गौरवशाली इतिहास हमारी अमूल्य धरोहर है, जिसे सहेजना और संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने महान शासक सम्राट अशोक के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके महल और ऐतिहासिक स्थलों का पुनर्निर्माण अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि बिहार जो कभी मौर्य साम्राज्य का केंद्र रहा है, आज अपने ऐतिहासिक गौरव को पुनः प्राप्त करने की प्रतीक्षा कर रहा है। सम्राट अशोक का भव्य महल, जो प्राचीन भारत की स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण था, आज केवल इतिहास की किताबों तक सीमित होकर रह गया है।

जितेन्द्र कुशवाहा ने यह भी कहा कि हमारे इतिहास को जानबूझकर दबाने का प्रयास किया गया है, जिससे नई पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से अनभिज्ञ हो रही है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतनी महान विरासत को उचित महत्व नहीं दिया जा रहा है।


उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि सम्राट अशोक के महल के पुनर्निर्माण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और इसे एक भव्य ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। इससे न केवल इतिहास का संरक्षण होगा, बल्कि रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

अंत में उन्होंने कहा कि यह केवल एक महल नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, पहचान और गौरव का प्रतीक है, जिसे पुनर्जीवित करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।


रविवार, 29 मार्च 2026

दिल्ली में कृषिवाहा संघ का भव्य आयोजन, एकता और संगठन की मिसाल बना कार्यक्रम

 दिनांक: 29 मार्च 2026

स्थान: बाल भवन, नई दिल्ली


आज दिनांक 29 मार्च 2026 को कृषिवाहा संघ द्वारा बाल भवन, दिल्ली में एक भव्य एवं सफल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि वाह संघ के सभी पदाधिकारियों, समाज के वरिष्ठजनों एवं विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम की सफलता में आयोजनकर्ता शिवपूजन कुशवाहा, पूर्व अध्यक्ष कैलाश बाबू कुशवाहा, बीके सिंह, सियाराम कुशवाहा, मार्शल, सुजीत एवं पवन का विशेष योगदान रहा। इन सभी ने दिसंबर माह से ही घर-घर जाकर कृषिवाहा कैलेंडर वितरित कर लोगों को कार्यक्रम में सम्मिलित होने का आमंत्रण दिया।


अपने संबोधन में कैलाश बाबू कुशवाहा ने संगठन की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम सभी अलग-अलग राज्यों से आकर दिल्ली में निवास कर रहे हैं। यहाँ हमारे बच्चों की शिक्षा एवं रोजगार की व्यवस्था तो हो गई है, लेकिन विवाह एवं सामाजिक आयोजनों के लिए हमें अपने गांवों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में यह संगठन हमें एक मंच प्रदान करता है, जहाँ हम अपने समाज को संगठित कर सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ खड़े हो सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए और संगठन को और मजबूत एवं विस्तारित करने के लिए विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। इस अवसर पर अन्य समाज के गणमान्य व्यक्ति जैसे सतीश सिंह कोहली एवं राम सिंह भी उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की सराहना की।कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि सभी महिलाओं का माला पहनाकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। साथ ही कृषि वाह परिवार के सभी उपस्थित सदस्यों को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम में एकता एवं सम्मान का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।अंत में यह घोषणा की गई कि वर्ष 2027 में मार्च माह की अंतिम तिथि को पुनः कृषि वाह संघ का महाकुंभ और भी भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।