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मंगलवार, 14 जुलाई 2026

नारी सम्मान कार्यक्रम में भोजपुरी गायिका रीमा सिंह सम्मानित, महिला सशक्तिकरण पर दिया गया जोर

नई दिल्ली, 14 जुलाई 2026। द्वारका स्थित श्री ज्ञान गंगोत्री प्रधान कार्यालय, बी-70, मधु विहार में नारी सम्मान कार्यक्रम का भव्य आयोजन श्रीमती शगुन श्रीवास्तव की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, शिक्षा और सामाजिक भागीदारी के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें संगठित एवं सशक्त बनाने का संदेश देना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. संतोष पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी समाज की प्रगति महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और समान अवसरों पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आना होगा। उन्होंने शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक एकजुटता को महिला सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।

कार्यक्रम का संचालन श्री ज्ञान गंगोत्री विकास संस्था की मानद महासचिव डॉ. रानी सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता महिलाओं को संगठित और सुरक्षित रखने की है। जब महिलाएं एकजुट होंगी और उन्हें सुरक्षित वातावरण मिलेगा, तभी वास्तविक अर्थों में महिला सम्मान और सशक्तिकरण की भावना मजबूत होगी। उन्होंने समाज से महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने और उनके विकास में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।

दिल्ली के भाटी माइंस में SIR अभियान तेज, ग्रामीणों और समाजसेवियों का सहयोग

इस अवसर पर प्रसिद्ध भोजपुरी गायिका श्रीमती रीमा सिंह को समाज और संस्कृति के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए 'माता सावित्रीबाई फुले सम्मान' से सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद रीमा सिंह ने कहा कि यह सम्मान उन्हें समाज और महिलाओं के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करने की नई प्रेरणा देगा।

कार्यक्रम में दिल्ली बचाओ मंच के अध्यक्ष सुधाकर भारती, श्रीमती मंजू चौहान, सुमन सोलंकी, श्रीमती रितु सिंह सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न संस्थाओं से आईं लगभग 100 महिलाओं एवं छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी करते हुए महिला शिक्षा, सुरक्षा, समान अधिकार और सामाजिक नेतृत्व जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में संस्था के संस्थापक भाई भरत कुमार सिंह पटेल ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी महिला सम्मान, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करती रहेगी। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ

 रिपोर्टर: जितेंद्र कुशवाहा

                                                                प्रकाशन तिथि: 14 जुलाई 2026
                                    प्रकाशन: सामाजिक जागरूकता टाइम्स (Samajik Jagrukta Times)

शनिवार, 4 जुलाई 2026

क्या समाज सेवा राजनीति में प्रवेश की पहली सीढ़ी बनती जा रही है? समाज के सामने बड़ा सवाल

नई दिल्ली। वर्तमान समय में समाज सेवा और राजनीति के बीच का संबंध लगातार चर्चा का विषय बनता जा रहा है। बड़ी संख्या में युवा सामाजिक संगठनों, जनकल्याण अभियानों और सेवा कार्यों से जुड़ रहे हैं। यह सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसके साथ एक महत्वपूर्ण प्रश्न भी उठ रहा है कि क्या समाज सेवा अब राजनीति में प्रवेश का माध्यम बनती जा रही है?

समाज सेवा का वास्तविक उद्देश्य बिना किसी स्वार्थ के समाज के कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्ग की सहायता करना है। इसका आधार सेवा, समर्पण और मानवता है। लेकिन जब समाज सेवा का उपयोग केवल राजनीतिक पहचान बनाने, चुनावी टिकट प्राप्त करने या व्यक्तिगत लोकप्रियता बढ़ाने के लिए किया जाने लगे, तो इसकी मूल भावना प्रभावित होती है।

आज कई बार देखा जाता है कि चुनावी मौसम या राजनीतिक गतिविधियों के दौरान समाज सेवा से जुड़े कार्यक्रमों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। राहत सामग्री वितरण, रक्तदान शिविर, सम्मान समारोह, चिकित्सा शिविर और अन्य सामाजिक आयोजन निश्चित रूप से सराहनीय हैं, लेकिन यदि उनका उद्देश्य केवल प्रचार या राजनीतिक लाभ हो, तो समाज में सेवा कार्यों की विश्वसनीयता कमजोर पड़ सकती है।


इस प्रवृत्ति का प्रभाव उन हजारों समाजसेवियों पर भी पड़ता है, जो वर्षों से बिना किसी प्रचार या राजनीतिक महत्वाकांक्षा के समाज के बीच कार्य कर रहे हैं। ऐसे समर्पित लोगों के योगदान को भी संदेह की दृष्टि से देखा जाने लगता है, जो समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।

दूसरी ओर, यह भी सत्य है कि राजनीति लोकतंत्र में जनसेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक ईमानदारी और निस्वार्थ भाव से समाज सेवा करता है तथा जनता के विश्वास के आधार पर राजनीति में प्रवेश करता है, तो वह व्यापक स्तर पर जनहित के कार्य कर सकता है। इसलिए समस्या राजनीति में प्रवेश नहीं, बल्कि समाज सेवा के पीछे की नीयत और उद्देश्य से जुड़ी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि समाज सेवा और राजनीति दोनों का अंतिम लक्ष्य जनकल्याण होना चाहिए। इसके लिए पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही आवश्यक है। समाज को भी ऐसे लोगों को पहचानना और प्रोत्साहित करना चाहिए जो सेवा को मिशन मानते हैं, न कि केवल राजनीतिक करियर का साधन।

आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा समाज सेवा को सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में अपनाएँ। यदि भविष्य में वे राजनीति में जाएँ, तो उनकी पहचान सेवा, संघर्ष और जनविश्वास के आधार पर बने। तभी समाज सेवा की गरिमा और लोकतंत्र दोनों मजबूत होंगे।

(यह एक विश्लेषणात्मक एवं संपादकीय लेख है। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल पर टिप्पणी करना नहीं, बल्कि समाज में उभर रही एक प्रवृत्ति पर विचार प्रस्तुत करना है।)

मंगलवार, 30 जून 2026

भाटी वार्ड में निगम पार्षद सुंदर तंवर ने लगाया जन समस्या शिविर, जनता ने रखी समस्याएं

 

भाटी वार्ड, दिल्ली: क्षेत्र की जनता की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के उद्देश्य से भाटी वार्ड के निगम पार्षद सुंदर तंवर द्वारा जन समस्या समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और अपनी-अपनी समस्याओं को जनप्रतिनिधि के सामने रखा।

शिविर में चंदन होला, फतेहपुर बेरी, संजय कॉलोनी भाटी माइंस और भीम बस्ती सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने भाग लिया। स्थानीय निवासियों ने पानी, सड़क, सफाई, नाली, बिजली, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य नागरिक समस्याओं को लेकर अपनी शिकायतें और सुझाव दिए।

निगम पार्षद सुंदर तंवर ने लोगों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागों से जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास और जनता की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है। जनता और जनप्रतिनिधि के बीच संवाद से ही क्षेत्र का बेहतर विकास संभव है।

स्थानीय लोगों ने जन समस्या शिविर के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से आम जनता को अपनी बात सीधे जनप्रतिनिधि तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।

भाटी क्षेत्र के अंतर्गत संजय कॉलोनी भाटी माइंस, फतेहपुर बेरी, चंदन होला सहित कई इलाके आते हैं, जहां समय-समय पर स्थानीय समस्याओं को लेकर लोगों द्वारा आवाज उठाई जाती रही है।

संवाददाता: अमित कुमार
भाटी माइंस, दिल्ली

भाटी माइंस तिरंगा चौक दुर्गा मंदिर के सदस्यों ने गर्मी में किया मीठे पानी का वितरण

 

भाटी माइंस, नई दिल्ली: 30/06.2026 भीषण गर्मी को देखते हुए भाटी माइंस तिरंगा चौक स्थित दुर्गा मंदिर के सदस्यों द्वारा लोगों की सेवा के लिए मीठे पानी का वितरण किया गया। इस सेवा कार्य के माध्यम से राहगीरों और स्थानीय लोगों को गर्मी से राहत पहुंचाने का प्रयास किया गया।

दुर्गा मंदिर के सदस्यों ने बताया कि गर्मी के मौसम में लोगों को पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य से मंदिर समिति की ओर से यह जनसेवा कार्य आयोजित किया गया, ताकि आने-जाने वाले लोगों को ठंडा और मीठा पानी उपलब्ध कराया जा सके।

स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज में सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं। गर्मी के समय में जरूरतमंद लोगों की मदद करना एक सराहनीय कार्य है।

मंदिर के सदस्यों ने कहा कि भविष्य में भी समाजहित और जनसेवा से जुड़े कार्यों को निरंतर जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।

संवाददाता: सामाजिक जागरूकता टाइम्स

भाटी वार्ड में गांव विकास को लेकर युवाओं ने निगम पार्षद सुंदर तंवर से की मुलाकात, समस्याओं पर हुई चर्चा

 

भाटी वार्ड, नई दिल्ली: गांव के विकास कार्यों और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के समाधान को लेकर युवा साथियों का एक प्रतिनिधिमंडल भाटी वार्ड के निगम पार्षद सुंदर तंवर से मिला। इस दौरान युवाओं ने क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल ने गांव में सड़क निर्माण, साफ-सफाई व्यवस्था, पानी की समस्या, नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग रखी। युवाओं ने कहा कि गांव के विकास के लिए स्थानीय लोगों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय होना आवश्यक है।

युवा साथियों ने बताया कि क्षेत्र में कई ऐसे विकास कार्य हैं जिन पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए, जिससे आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

निगम पार्षद सुंदर तंवर ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान और क्षेत्र का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता है।

इस अवसर पर युवाओं ने कहा कि वे गांव के विकास, स्वच्छता और सकारात्मक बदलाव के लिए लगातार सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनप्रतिनिधियों और जनता के सहयोग से भाटी वार्ड क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

संवाददाता:अमित कुमार  सामाजिक जागरूकता टाइम्स

शनिवार, 28 फ़रवरी 2026

बढ़ते तलाक के मामलों पर सामाजिक चिंता और ठोस कदमों की आवश्यकता







 वर्तमान समय में तलाक के बढ़ते मामले समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। टीवी न्यूज़ चैनलों, अखबारों और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिदिन तलाक की खबरें सामने आ रही हैं। विवाह, जो भारतीय समाज में सामाजिक समरसता, प्रेम और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक माना जाता है, आज धीरे-धीरे कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। पहले जहाँ परिवार “घर” कहलाता था, आज वह सीमित होकर केवल “कमरों” तक सिमटता जा रहा है।

छोटी-छोटी बातों पर रिश्तों का टूटना सामाजिक ढांचे के लिए खतरे की घंटी है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में परिवार व्यवस्था और सामाजिक संरचना पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। युवाओं के बीच धैर्य, त्याग और आपसी समझ की कमी तलाक की बढ़ती प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रही है।

सरकार को चाहिए कि तलाक संबंधी कानूनी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाया जाए, ताकि जल्दबाजी में लिए गए निर्णयों पर रोक लग सके और पहले सुलह-समझौते के प्रयास अनिवार्य हों। साथ ही, विवाह की न्यूनतम आयु निर्धारित करने के साथ-साथ अधिकतम आयु के अंतर पर भी विचार किया जाना चाहिए, ताकि अत्यधिक आयु-अंतर से उत्पन्न वैवाहिक असंतुलन को रोका जा सके।

सभी सामाजिक संगठनों को भी इस दिशा में जागरूकता अभियान चलाने चाहिए। परिवार परामर्श, वैवाहिक मार्गदर्शन और नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देकर समाज में स्थिरता लाई जा सकती है।

समाजसेवी जितेंद्र कुशवाहा ने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और सामाजिक मूल्यों का मिलन है। इसे सशक्त बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बुधवार, 31 दिसंबर 2025

चिकित्सा सेवा प्रकोष्ठ दिल्ली प्रदेश की वर्ष 2025 की अंतिम बैठक संपन्न


 संतोष कुमार पासवान, नई दिल्ली

 दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में चिकित्सा सेवा प्रकोष्ठ, दिल्ली प्रदेश की वर्ष 2025 की अंतिम महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रकोष्ठ के सभी सम्मानित सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

बैठक के दौरान वर्ष 2026 में आयोजित किए जाने वाले कई अहम कार्यक्रमों और गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक सरोकार, जनहित से जुड़े अभियानों और संगठनात्मक मजबूती को लेकर रणनीतिक विचार-विमर्श हुआ। सभी सदस्यों ने एकजुट होकर पार्टी प्रकोष्ठ को और अधिक सशक्त, सक्रिय एवं प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।

इस बैठक में डॉ विभु आनंद,डॉ. अविनाश कुमार, अधिवक्ता नेमत तौहीद , अधिवक्ता रियाज़ अंसारी, संतोष कुमार, रामावतार चौपाल,मो. इस्राफील, मो. हैदर, सूरज कुमार, अमित कुमार पासवान, बसंत कुमार ठाकुर,   मो. तम्मना,  आदि समेत कई प्रमुख सदस्यों की सहभागिता रही।

बैठक का समापन सकारात्मक ऊर्जा और संगठन को नई दिशा देने के संकल्प के साथ किया गया। अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने एक-दूसरे का आभार व्यक्त करते हुए आगामी वर्ष में जनसेवा के कार्यों को और व्यापक रूप देने का संकल्प दोहराया।

गांव के विकास के लिए हर व्यक्ति महीने में दो दिन दे: समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा


समाजसेवी जितेन्द्र कुशवाहा ने अपने गांव एवं ग्रामीण समाज से विकास के लिए सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति महीने में कम-से-कम दो दिन गांव और समाज के विकास को समर्पित करे, तो गांव की तस्वीर बदली जा सकती है। जितेन्द्र कुशवाहा ने जोर देते हुए कहा कि गांव हमारी जड़, संस्कृति और पहचान है, इसलिए इसके उत्थान की जिम्मेदारी हम सभी की है।

उन्होंने बताया कि स्वच्छता अभियान, शिक्षा के प्रसार, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और रोजगार के अवसर सृजित करने जैसे कार्यों में हर व्यक्ति अपना समय और सहयोग दे सकता है। इससे न केवल गांव स्वच्छ और शिक्षित बनेगा, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मजबूत कदम बढ़ेंगे।

जितेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि बदलाव केवल सरकार या प्रशासन पर निर्भर नहीं रह सकता। जब तक समाज स्वयं आगे आकर जिम्मेदारी नहीं निभाएगा, तब तक स्थायी विकास संभव नहीं है। यदि हर ग्रामीण अपने अनुभव, श्रम और ज्ञान को साझा करे, तो गांव में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित है।

उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से गांव मजबूत, स्वावलंबी और आदर्श बन सकता है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को बेहतर भविष्य मिलेगा।


https://youtube.com/@jitendrakushawaha26?si=t4GoB982nkvnix8K

उपेन्द्र कुशवाहा को ‘प्रबुद्ध राष्ट्रवाद’ बुकलेट भेंट, सामाजिक मुद्दों पर चर्चा

उपेन्द्र कुशवाहा को एडवोकेट हेमंत कुमार मौर्य द्वारा ‘प्रबुद्ध राष्ट्रवाद – भारत की असली पहचान’ बुकलेट भेंट करते हुए एनडीए के कद्दावर नेता ए...

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